उत्तर प्रदेश के किस जिले में हैं सबसे अधिक पढ़े-लिखे पुरुष

उत्तर प्रदेश के किस जिले में हैं सबसे अधिक पढ़े-लिखे पुरुष
Uttar Pradesh

भारत के सबसे बड़े राज्यों में से उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर आता है। इसका कुल क्षेत्रफल 240,928 वर्ग किलोमीटर है। उत्तर प्रदेश भारत का एक ऐसा राज्य है जहां पर सबसे अधिक जिले हैं। गत कुछ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में विकास हुआ है।

अलग-अलग जिलों में साक्षरता की विभिन्न दरें हैं। इस खोज में हमें पता चला कि उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सबसे कम पढ़े-लिखे पुरुष हैं। यहाँ की साक्षरता दर 61.56% है, जो इस जिले को उत्तर प्रदेश में सबसे कम साक्षरता दर वाले जिलों में गिनाती है। इस जानकारी से हमें यह अवगत होता है कि शिक्षा के क्षेत्र में इस जिले में और भी विकास की आवश्यकता है।

जब हम भारत के उत्तरी हिस्से की बात करते हैं, तो उत्तर प्रदेश की विविध संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत, और ऐतिहासिक महत्व को याद करना मुश्किल नहीं होता। यह राज्य भारत का सबसे जिलेदार राज्य है और जनसंख्या के मामले में भी शीर्ष पर स्थान रखता है।

Uttar Pradesh Panchayat Chunav: चुनाव पर सस्पेंस जारी, योगी सरकार के मंत्री बोले- कोर्ट के आदेश का इंतजार यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh Panchayat Chunav: चुनाव पर सस्पेंस जारी, योगी सरकार के मंत्री बोले- कोर्ट के आदेश का इंतजार

सन् 2011 में यहाँ की जनसंख्या 19 करोड़ 98 लाख 12 हजार 341 थी,  यह जनसंख्या पूरे भारत का 16.5 परसेंट था। फिलहाल यह जनसंख्या करीब 24 करोड़ तक पहुंच चुका है। इसलिए, भारतीय राजनीति, समाज, और आर्थिक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है।

अब तक कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में शिक्षा का उजाला फैल रहा है और बच्चे स्कूलों की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में अभी भी कुछ जिले ऐसे हैं जो की पढ़ाई लिखाई के मामले में काफी पीछे हैं। इस संदर्भ में, क्या आप जानते हैं कि भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य यानी उत्तर प्रदेश में कितने पढ़े-लिखे पुरुष है? अगर आप नहीं जानते हैं, तो इस आर्टिकल से हम इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

उत्तर प्रदेश में जब हम जिलों की बात करते हैं, तो उनकी संख्या 75 है जो 18 मंडलों में विभाजित हैं। ये 18 मंडल चार संभागों में आते हैं - पूर्वांचल, मध्य उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में कुल 351 तहसील, 200 नगर पालिका परिषद्, 17 नगर निगम, 5 विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, 822 सामुदायिक विकास खंड और 28 विकास प्राधिकरण हैं।

जब हम उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले की चर्चा करते हैं, तो वह है लखीमपुर खीरी, जो 7680 वर्ग किलोमीटर में स्थित है। वहीं, सबसे छोटा जिला है हापुड़। यहाँ हापुड़ जिला कुल 660 वर्ग किलोमीटर में स्थित है। उत्तर प्रदेश में मशहूर मेंढक मंदिर लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है। दूसरी तरफ, हापुड़ जिले का नाम पहले हरिपुर था‌,‌ यह जिला 2011 में गाजियाबाद से अलग हो गया था। 

उत्तर प्रदेश में साक्षरता के मामले में कुछ रोशनी डालते हुए, साल 2011 में यहाँ की साक्षरता दर 67.68 परसेंट थी। इसमें पुरुषों की साक्षरता दर 77.3 परसेंट और महिलाओं की साक्षरता दर 57.2 परसेंट अंकित किया गया था। यह आंकड़े दिखाते हैं कि उत्तर प्रदेश में साक्षरता का स्तर अभी भी उचित नहीं है और महिलाओं की साक्षरता दर पुरुषों की तुलना में कम है।  

जब यूपी के सबसे कम पढ़े-लिखे पुरुषों की बात की जाती है, तो श्रावस्ती जिला उसमें अग्रणी है। यहां पुरुषों की साक्षरता दर 57.2 परसेंट है, जो इस जिले के शिक्षा के क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण स्थिति को दर्शाती है।

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
16 Jul 2024 By Vagarth Sankrityaayan

उत्तर प्रदेश के किस जिले में हैं सबसे अधिक पढ़े-लिखे पुरुष

भारत के सबसे बड़े राज्यों में से उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर आता है। इसका कुल क्षेत्रफल 240,928 वर्ग किलोमीटर है। उत्तर प्रदेश भारत का एक ऐसा राज्य है जहां पर सबसे अधिक जिले हैं। गत कुछ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में विकास हुआ है।

अलग-अलग जिलों में साक्षरता की विभिन्न दरें हैं। इस खोज में हमें पता चला कि उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सबसे कम पढ़े-लिखे पुरुष हैं। यहाँ की साक्षरता दर 61.56% है, जो इस जिले को उत्तर प्रदेश में सबसे कम साक्षरता दर वाले जिलों में गिनाती है। इस जानकारी से हमें यह अवगत होता है कि शिक्षा के क्षेत्र में इस जिले में और भी विकास की आवश्यकता है।

जब हम भारत के उत्तरी हिस्से की बात करते हैं, तो उत्तर प्रदेश की विविध संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत, और ऐतिहासिक महत्व को याद करना मुश्किल नहीं होता। यह राज्य भारत का सबसे जिलेदार राज्य है और जनसंख्या के मामले में भी शीर्ष पर स्थान रखता है।

सन् 2011 में यहाँ की जनसंख्या 19 करोड़ 98 लाख 12 हजार 341 थी,  यह जनसंख्या पूरे भारत का 16.5 परसेंट था। फिलहाल यह जनसंख्या करीब 24 करोड़ तक पहुंच चुका है। इसलिए, भारतीय राजनीति, समाज, और आर्थिक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है।

अब तक कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में शिक्षा का उजाला फैल रहा है और बच्चे स्कूलों की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में अभी भी कुछ जिले ऐसे हैं जो की पढ़ाई लिखाई के मामले में काफी पीछे हैं। इस संदर्भ में, क्या आप जानते हैं कि भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य यानी उत्तर प्रदेश में कितने पढ़े-लिखे पुरुष है? अगर आप नहीं जानते हैं, तो इस आर्टिकल से हम इस विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

उत्तर प्रदेश में जब हम जिलों की बात करते हैं, तो उनकी संख्या 75 है जो 18 मंडलों में विभाजित हैं। ये 18 मंडल चार संभागों में आते हैं - पूर्वांचल, मध्य उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में कुल 351 तहसील, 200 नगर पालिका परिषद्, 17 नगर निगम, 5 विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, 822 सामुदायिक विकास खंड और 28 विकास प्राधिकरण हैं।

जब हम उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले की चर्चा करते हैं, तो वह है लखीमपुर खीरी, जो 7680 वर्ग किलोमीटर में स्थित है। वहीं, सबसे छोटा जिला है हापुड़। यहाँ हापुड़ जिला कुल 660 वर्ग किलोमीटर में स्थित है। उत्तर प्रदेश में मशहूर मेंढक मंदिर लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है। दूसरी तरफ, हापुड़ जिले का नाम पहले हरिपुर था‌,‌ यह जिला 2011 में गाजियाबाद से अलग हो गया था। 

उत्तर प्रदेश में साक्षरता के मामले में कुछ रोशनी डालते हुए, साल 2011 में यहाँ की साक्षरता दर 67.68 परसेंट थी। इसमें पुरुषों की साक्षरता दर 77.3 परसेंट और महिलाओं की साक्षरता दर 57.2 परसेंट अंकित किया गया था। यह आंकड़े दिखाते हैं कि उत्तर प्रदेश में साक्षरता का स्तर अभी भी उचित नहीं है और महिलाओं की साक्षरता दर पुरुषों की तुलना में कम है।  

जब यूपी के सबसे कम पढ़े-लिखे पुरुषों की बात की जाती है, तो श्रावस्ती जिला उसमें अग्रणी है। यहां पुरुषों की साक्षरता दर 57.2 परसेंट है, जो इस जिले के शिक्षा के क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण स्थिति को दर्शाती है।

https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/which-district-of-uttar-pradesh-has-the-most-educated-men/article-14465
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वागार्थ सांकृत्यायन
संपादक, भारतीय बस्ती

वागार्थ सांकृत्यायन एक प्रतिबद्ध और जमीनी सरोकारों से जुड़े पत्रकार हैं, जो पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। भारतीय बस्ती के संपादक के रूप में वे खबरों को सिर्फ़ घटनाओं की सूचना तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उनके सामाजिक और मानवीय पक्ष को भी उजागर करते हैं।

उन्होंने भारतीय बस्ती को एक मिशन के रूप में विकसित किया है—जिसका उद्देश्य है गांव, कस्बे और छोटे शहरों की अनसुनी आवाज़ों को मुख्यधारा की मीडिया तक पहुंचाना। उत्तर प्रदेश की राजनीति, समाज और संस्कृति पर उनकी विशेष पकड़ है, जो खबरों को गहराई और विश्वसनीयता प्रदान करती है