Indian Railway News: 760 KM की नई हाईस्पीड रेल लाइन से जुड़ेगा यूपी, सिर्फ इस जिले में होगा रेलवे स्टेशन, जानें- रूट और किराया
Varanasi-Howrah high-speed rail corridor
यह लाइन भारत सरकार द्वारा 2019 में नियोजित छह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की मूल सूची में शामिल नहीं है. इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए निविदा गतिविधि दिसंबर 2020 में शुरू हुई. निर्माण कार्य 2030 के बाद ही शुरू होने की उम्मीद है.
खास फीचर्स
अधिकतम गति: 350 किमी प्रति घंटा
संचालन गति: 320 किमी प्रति घंटा
औसत गति: 250 किमी प्रति घंटा
ट्रैक गेज: मानक गेज – 1435 मिमी
सिग्नलिंग: डीएस-एटीसी
ट्रेन क्षमता: 750 यात्री
ट्रैक्शन: 25 केवी एसी ओवरहेड कैटेनरी (ओएचई)
सुरक्षा: भूकंप की स्थिति में स्वचालित ब्रेकिंग के लिए तत्काल भूकंप का पता लगाने और अलार्म सिस्टम (यूआरईडीएएस)
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लंबाई: 760 किमी
प्रकार: एलिवेटेड, भूमिगत और एट-ग्रेड
स्टेशनों की संख्या: टीबीडी
स्टेशनों के नाम: वाराणसी, बक्सर, आरा, पटना, नवादा, धनबाद, आसनसोल, दुर्गापुर, बर्दमान और हावड़ा में बनने की उम्मीद है.
वाराणसी - कोलकाता HSR रूट मैप
मार्ग विवरण: प्रस्तावित वाराणसी - कोलकाता हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को प्रमुख एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्गों, ग्रीनफील्ड क्षेत्रों के साथ चलाने की योजना है.
वाराणसी – कोलकाता HSR किराया (कीमतें)
किराया संरचना को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है, लेकिन उम्मीद है कि यह भारतीय रेलवे की मौजूदा सेवा पर मौजूदा प्रथम श्रेणी एसी किराए का 1.5 गुना होगा. वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने के करीब लाइन की आधिकारिक किराया संरचना, कीमतें और नियमों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि जिस तरह इस ट्रेन की फीचर्स है उस लिहाज से इसका किराया हवाई जहाज के स्तर का हो सकता है.
वाराणसी में क्या-क्या होगा?
इस हाईस्पीड रेल लाइन के लिए वाराणसी में सिर्फ एलिवेटेड रेल लाइन बनेगी. एक अधिकारी के अनुसार इस लाइन के लिए 18 मीटर जमीन का अधिग्रहण होगा. इस एलिवेटेड लाइन के नीचे खेती या और कोई काम नहीं किया जा सकेगा. सिकंदपुर, हरिहरपुर, तुलसीपट्टी, ढेलवरिया, रामपुर,लच्छापुर, गुरदासपुर, चाकिया, राजपुर, खजुरी, कल्लीपुर, कोईराजपुर, प्रतापपट्टी, दरेखू, घमहापुर, नरऊर, दोना, बीरापट्टी, सरैया, मिर्जापुर, आदि शामिल हैं. वाराणसी में जो स्टेशन बनेगा वह प्रतापपट्टी में ही प्रस्तावित है.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है