यूपी का यह रूट होगा फोरलेन, 5 जगह बनेगा फ़्लाइओवर
.png)
क्या आपने कभी लखनऊ से इलाहाबाद तक की सड़क यात्रा की है, लखनऊ और इलाहाबाद के बीच की दूरी सड़क यात्रा के लिए आदर्श है और निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता को देखने के लिए सबसे अच्छे तरीकों में से एक है। लखनऊ और इलाहाबाद उत्तर प्रदेश के दो सबसे जीवंत शहर हैं और यहाँ आने वाले सभी लोगों के लिए बहुत कुछ है।
पांच स्थानों पर बनेगा फ्लाईओवर
सिकंदरपुर और फेफना-मऊ एसएच हो गया नेशनल हाईवे
सिकंदरपुर से बलिया मार्ग का एनएच कोड 727 बी है। अभी यह सात मीटर चौड़ा है, कहीं-कहीं चौड़ाई बमुश्किल पांच मीटर से भी कम है, लेकिन अब इसे टू-लेन किया जाएगा। बाद में फोरलेन भी हो सकता है। फिलहाल एनएचएआइ की वाराणसी इकाई ने 75 किलोमीटर लंबी परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया है। यह मार्ग देवरिया होते हुए गोरखपुर को जोड़ता है। डीपीआर बनाने के आदेश हुए हैं। सर्वे शुरू कर दिया गया है। जमीन का अधिग्रहण भी किया जाएगा। उधर फेफना से मऊ मार्ग को एनएच कोड 128 बी आवंटित किया गया है। यह अभी तक स्टेट हाईवे 34 था। 52.57 किलोमीटर लंबा मार्ग आजमगढ़ होते ही लखनऊ और प्रयागराज को भी जोड़ता है। यहां के लोगों के लिए यह मुख्य मार्ग है। इसकी भी चौड़ाई बढ़ाने की कवायद होगी। वहीं, आजमगढ़ मंडल मुख्यालय जाना भी अब आसान हो जाएगा। फेफना से मऊ तक की दूरी तय करने में वर्तमान समय में 2 से 2.30 घंटे का समय लग जाता है। क्रॉसिंग के चलते काफी फजीहत हो जाती है। आजमगढ़ मंडल मुख्यालय जाने में अभी तीन से चार घंटे लग जाते हैं पहले यह मार्ग स्टेट हाईवे-34 था। केंद्र सरकार ने फेफना से मऊ मार्ग को एनएच कोड 128 बी आवंटित किया है। 52.57 किलोमीटर लंबा मार्ग आजमगढ़ होते ही लखनऊ और प्रयागराज को भी जोड़ता है। मार्ग आज़मगढ़, मऊ, तीखा और फेफना को जोड़ता है। मार्ग पश्चिम में आज़मगढ़ से पूर्व में फेफना तक जाता है। एनएच-128 बी फेफना में एनएच-31 में जुट जाएगा। इससे लोग बिहार के छपरा व बक्सर तक आसानी से पहुंच जाएंगे।