यूपी में इस रेलवे स्टेशन की बदलेगी तस्वीर, मिलेंगी यह सुविधा

यूपी में इस रेलवे स्टेशन की बदलेगी तस्वीर, मिलेंगी यह सुविधा
यूपी में इस रेलवे स्टेशन की बदलेगी तस्वीर, मिलेंगी यह सुविधा

उत्तर प्रदेश: उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल कानपुर सेंट्रल अब पूरी तरह नए रूप में नजर आने वाला है. स्टेशन के पुनर्विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा और भीड़ प्रबंधन में आसानी मिलेगी. इसी कड़ी में अब हर प्लेटफॉर्म पर कॉनकोर्स बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है.

क्या होता है कॉनकोर्स और क्यों है जरूरी?

कॉनकोर्स वह खुला और सुरक्षित क्षेत्र होता है, जहां यात्री प्लेटफॉर्म पर जाने से पहले रुक सकते हैं. यहां लोग अपने साथियों का इंतजार करते हैं और भीड़ होने पर यात्रियों को यहीं रोका जा सकता है. वर्तमान में कानपुर सेंट्रल में सिर्फ प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ही कॉनकोर्स मौजूद है, जबकि बाकी प्लेटफॉर्मों पर इसकी कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी.

भीड़ नियंत्रण में मिलेगी बड़ी राहत

त्योहारों, प्रतियोगी परीक्षाओं और विशेष आयोजनों के दौरान कानपुर सेंट्रल पर यात्रियों की संख्या अचानक कई गुना बढ़ जाती है. ऐसे में रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और जीआरपी को भीड़ संभालने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है. हर प्लेटफॉर्म पर कॉनकोर्स बनने से यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर जाने से पहले ही व्यवस्थित किया जा सकेगा, जिससे अव्यवस्था और धक्का-मुक्की की स्थिति कम होगी.

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अमृत भारत योजना के तहत हो रहा कायाकल्प

कानपुर सेंट्रल का यह पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किया जा रहा है. योजना के अनुसार स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है और इसे एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. यहां प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे, ताकि यात्रियों की आवाजाही सुचारू बनी रहे.

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अंदर जाने और बाहर निकलने के अलग रास्ते

नई व्यवस्था के अंतर्गत जिस मार्ग से यात्री स्टेशन के भीतर प्रवेश करेंगे, उसी रास्ते से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी. इससे स्टेशन परिसर में क्रॉस मूवमेंट रुकेगा और भगदड़ जैसी स्थिति बनने की आशंका काफी हद तक खत्म हो जाएगी. यह व्यवस्था विशेष रूप से त्योहारों और परीक्षा सीजन में कारगर साबित होगी.

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बाहर नहीं बनाना पड़ेगा अस्थायी होल्डिंग एरिया

अब तक भीड़ बढ़ने पर स्टेशन के बाहर अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाने पड़ते थे, जहां यात्रियों को रोका जाता था. हर प्लेटफॉर्म पर कॉनकोर्स बनने के बाद यह जरूरत लगभग खत्म हो जाएगी. स्टेशन के भीतर ही यात्रियों को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा.

2027 तक पूरा होने का लक्ष्य

रेलवे प्रशासन ने इस पूरे पुनर्विकास कार्य को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. इसके बाद कानपुर सेंट्रल न सिर्फ देखने में आधुनिक होगा, बल्कि यात्रियों के लिए ज्यादा सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित भी बन जाएगा.

यात्रियों को मिलेगा एयरपोर्ट जैसा अनुभव

पुनर्विकास के बाद स्टेशन पर साफ-सुथरे वेटिंग एरिया, बेहतर संकेतक, सुगम आवाजाही और आधुनिक ढांचा मिलेगा. इससे कानपुर सेंट्रल पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों को एयरपोर्ट जैसा अनुभव मिलने की उम्मीद है.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।