यूपी में इस रेलवे लाइन के काम में तेजी, 62 गाँव से होगा भूमि अधिग्रहण

यूपी में इस रेलवे लाइन के काम में तेजी, 62 गाँव से होगा भूमि अधिग्रहण
यूपी में इस रेलवे लाइन के काम में तेजी, 62 गाँव से होगा भूमि अधिग्रहण

उत्तर प्रदेश: लंबे समय से बेहतर रेल सुविधा का इंतजार कर रहे बहराइच और आसपास के जिलों के लोगों के लिए राहत भरी खबर है. प्रदेश में स्थित लखनऊ को सीधे बहराइच से जोड़ने की दिशा में अब महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने लगे हैं. जरवल रोड से बहराइच तक नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने की योजना पर काम तेज हो गया है, जिससे क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने वाली है.

सर्वे के बाद अब जमीन पर उतरी योजना

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए रेलवे की ओर से करीब 1.5 साल पहले सर्वे कराया गया था. अब डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद अगला चरण शुरू हो गया है. रेलवे प्रशासन ने इस रूट पर आने वाले गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिससे तय समय के भीतर निर्माण कार्य शुरू किया जा सके.

65 किलोमीटर लंबी रेल लाइन पर होगा बड़ा निवेश

जरवल रोड से बहराइच तक करीब 65 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाई जाएगी. इस परियोजना पर लगभग 530 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. नई लाइन के निर्माण से न सिर्फ बहराइच बल्कि श्रावस्ती, बलरामपुर और नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों के लोगों को भी राजधानी तक सीधी और सस्ती यात्रा की सुविधा मिल सकेगी.

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नए स्टेशन और हाल्ट भी बनेंगे

डीपीआर के अनुसार इस रूट पर यात्रियों की सुविधा के लिए तीन नए रेलवे स्टेशन और एक हाल्ट का निर्माण किया जाएगा. जरवल कस्बा, कैसरगंज और फखरपुर में रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे, जबकि परसेंडी शुगर मिल के पास एक हाल्ट प्रस्तावित है. इससे आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी रेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी.

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62 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

नई रेल लाइन के लिए कैसरगंज और बहराइच तहसीलों के कुल 62 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी. कैसरगंज तहसील के टेंडवा महंत, हैबतपुर, पंदूर, घासीपुर, दतौली, खपुरवा और टेंडवा अल्पी मिश्र सहित 18 गांवों की जमीन इस परियोजना में आएगी. वहीं बहराइच तहसील के अमीनपुर नगरौर, नगरौर, मसीहाबाद, गोकुलपुर, गुदुआपुर समेत 24 गांवों के किसान भी इससे प्रभावित होंगे.

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किसानों से बातचीत, सहमति की कोशिश

भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रशासन ने किसानों से संवाद की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि किसानों के साथ बातचीत कर आपसी सहमति से कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे किसी तरह का विवाद न हो और परियोजना समय पर पूरी हो सके.

2027 तक शुरू होने की उम्मीद

प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को ध्यान में रखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह नई रेल लाइन वर्ष 2027 तक चालू हो सकती है. इसके शुरू होने के बाद बहराइच और आसपास के जिलों को लखनऊ से सीधा रेल संपर्क मिल जाएगा, जिससे यात्रा समय और खर्च दोनों में कमी आएगी.

प्रशासन का क्या कहना है

अधिग्रहण अधिकारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि जरवल रोड से बहराइच के बीच नई रेल लाइन के लिए दोनों तहसीलों के 62 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है. किसानों से लगातार बातचीत हो रही है और प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. प्रशासन की कोशिश है कि तय समयसीमा में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं.

क्षेत्र के विकास को मिलेगा बढ़ावा

इस रेल परियोजना से केवल यात्री सुविधा ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि व्यापार, रोजगार और पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी. नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों के लिए यह रेल लाइन आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।