पीएम आवास योजना शहरी 2.0 को मिली रफ्तार, अपने घर का सपना होगा पूरा
बड़ी संख्या में लाभार्थियों का चयन
पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत प्रयागराज में 22 हजार से ज्यादा गरीब परिवारों का चयन किया गया है. इनमें से 5 हजार से ज्यादा पात्र परिवारों को मकान बनाने के लिए पहली किस्त जारी की जा चुकी है. शेष लाभार्थियों में से 7 हजार से अधिक लोगों को फरवरी के मध्य तक पहली किस्त मिलने की तैयारी है. इससे आने वाले दिनों में शहर के कई इलाकों में आवास निर्माण की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है.
ऑनलाइन आवेदन से मिली पारदर्शिता
योजना के अंतर्गत अब तक 70 हजार से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है. डिजिटल प्रक्रिया के कारण चयन में पारदर्शिता बनी है और जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंचाना आसान हुआ है. चयनित लाभार्थियों के खाते में पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सके.
फेज-टू में बदली गई व्यवस्था
लंबे समय से चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना को और प्रभावी बनाने के लिए अब शहरी क्षेत्र में इसका दूसरा चरण शुरू किया गया है. पीएम आवास योजना शहरी 2.0 में कुछ अहम फरिउ किए गए हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा गरीब परिवारों को आवास मिल सके. इस चरण में दस्तावेजों की जांच, पात्रता निर्धारण और किस्तों के भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है.
तीन किस्तों में मिलेगी पूरी राशि
पीएम आवास योजना के अंतर्गत हर पात्र लाभार्थी को कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता दी जाती है. यह रकम तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है. पहली किस्त 50 हजार रुपये, दूसरी किस्त एक लाख रुपये और तीसरी किस्त 50 हजार रुपये तय की गई है. किस्तें निर्माण की प्रगति के आधार पर जारी की जाती हैं, जिससे धन का सही उपयोग हो सके.
दस्तावेज जांच का काम पूरा
डूडा की परियोजना अधिकारी प्रतिभा श्रीवास्तव के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में 22 हजार लाभार्थियों के दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली गई है. पात्रता सूची सरकार को भेज दी गई है. दिसंबर महीने में ही 5 हजार लाभार्थियों को पहली किस्त उपलब्ध करा दी गई थी, जिससे कई जगहों पर मकान निर्माण का काम शुरू हो चुका है.
शहरी गरीबों को मिलेगा सुरक्षित ठिकाना
पीएम आवास योजना शहरी 2.0 का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर में रहने वाले हर गरीब परिवार के पास रहने के लिए सुरक्षित और पक्का घर हो. इस योजना से न केवल आवास की समस्या कम होगी, बल्कि शहरी गरीबों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।