10 फरवरी से कानपुर में ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालकों के लिए कड़ा नियम लागू

10 फरवरी से कानपुर में ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालकों के लिए कड़ा नियम लागू
10 फरवरी से कानपुर में ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालकों के लिए कड़ा नियम लागू

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित कानपुर शहर में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. शहर की सड़कों पर बढ़ते जाम, बेतरतीब खड़े ई-रिक्शा और लगातार हो रही दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए यातायात विभाग अब संचालन प्रणाली में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. इस नई व्यवस्था से न केवल ट्रैफिक का दबाव घटेगा, बल्कि आम यात्रियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है.

थानास्तर पर बंटेगा शहर, तय होगा संचालन क्षेत्र

नई योजना के अंतर्गत कानपुर जिले को थानास्तर पर कुल 7 अलग-अलग जोन में विभाजित किया जाएगा. इसके बाद ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालक सिर्फ अपने निर्धारित गृह जोन में ही वाहन चला सकेंगे. यानी जिस इलाके में वाहन पंजीकृत होगा, उसी क्षेत्र में उसका संचालन मान्य होगा. दूसरे जोन में वाहन ले जाने पर कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि इससे हर इलाके में वाहनों का संतुलन बना रहेगा और अनावश्यक भीड़ कम होगी.

क्यूआर कोड से होगी वाहन और चालक की पहचान

नई व्यवस्था में हर ई-रिक्शा और ई-ऑटो को एक विशेष क्यूआर कोड दिया जाएगा. यह क्यूआर कोड जोन के अनुसार अलग-अलग रंगों का होगा, जिससे दूर से ही वाहन की पहचान हो सकेगी. बिना क्यूआर कोड या गलत जोन के क्यूआर के साथ वाहन चलाने पर चालान, वाहन सीज जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी. इससे अवैध और अनियंत्रित वाहनों पर रोक लगेगी.

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यात्रियों के लिए भी होगा सफर ज्यादा सुरक्षित

यातायात विभाग के अनुसार, अब तक कई बार यात्रियों से दुर्व्यवहार और सामान गुम होने की शिकायतें सामने आती रही हैं. नई व्यवस्था में यात्री सफर शुरू करने से पहले वाहन पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर चालक और वाहन मालिक से जुड़ी पूरी जानकारी देख सकेंगे. इससे यात्रियों का भरोसा बढ़ेगा और चालकों की जवाबदेही भी तय होगी.

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10 फरवरी तक मिलेगा क्यूआर कोड, वो भी मुफ्त

यातायात विभाग ने स्पष्ट किया है कि 10 फरवरी तक सभी ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालकों को क्यूआर कोड निशुल्क जारी किए जाएंगे. इसके लिए वाहन स्वामी को कुछ जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, जिनमें वाहन का रजिस्ट्रेशन, बीमा प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस सर्टिफिकेट शामिल हैं. जिन चालकों के पास पहले से क्यूआर कोड है, उन्हें भी नया क्यूआर कोड लेना अनिवार्य होगा.

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कितने वाहन हैं नियमों पर खरे

शहर में इस समय करीब 65 हजार ई-रिक्शा और ई-ऑटो सड़कों पर चल रहे हैं, लेकिन जांच में सामने आया है कि इनमें से सिर्फ 22 हजार वाहन ही पूरी तरह फिट हैं. बाकी वाहन या तो तकनीकी रूप से अनफिट हैं या फिर नियमों का पालन नहीं कर रहे. नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे सभी वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन को उम्मीद है कि इससे सड़क हादसों में कमी आएगी और ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक खत्म होगी.

अधिकारियों की सख्त चेतावनी

एडीसीपी ट्रैफिक राजेश पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि सभी ई-रिक्शा और ई-ऑटो संचालक तय समयसीमा के भीतर क्यूआर कोड प्राप्त कर लें और वाहन को केवल निर्धारित जोन में ही चलाएं. नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ चालान और वाहन सीज जैसी कार्रवाई की जाएगी.

शहर में वाहनों की मौजूदा स्थिति 

(1 दिसंबर 2025 तक के आंकड़े)

कानपुर शहर में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 19,17,168 है. इनमें दोपहिया वाहन 14,01,986, कार और जीप 3,00,592, चार पहिया गुड्स कैरियर 42,181 और तीन पहिया गुड्स कैरियर 6,655 हैं.

इसके अलावा ई-रिक्शा पैसेंजर 48,465, ई-ऑटो (सफेद-नीला) 15,522, ऑटो सीएनजी 5,831 और विक्रम सीएनजी 918 दर्ज हैं. ऐप आधारित मेक्सी कैब 1,169 और मोटर कैब 5,495 हैं.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।