यमुना पर पुल निर्माण तेज़: 75% काम पूरा, 10 हजार लोगों की मुश्किलें होंगी खत्म
बरसों पुरानी परेशानी अब खत्म होने वाली
सरसावा ब्लॉक के सीधेबास और गाजदीनपुर गांव अब तक सड़क मार्ग से सीधे नहीं जुड़े थे. दोनों गांवों की करीब 10 हजार से अधिक आबादी को आवागमन के लिए यमुना नदी पार करनी पड़ती थी. ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह नाव पर निर्भर था, जिससे रोजमर्रा के काम भी चुनौती बन जाते थे.
बरसात में कट जाता था संपर्क
बरसात के मौसम में यमुना उफान पर आती थी. ऐसे में नाव चलाना खतरे से खाली नहीं रहता था. बाढ़ आने पर गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट जाता था. कई बार मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.
अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ पुल निर्माण
ग्रामीणों की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने आल्हणपुर से सौंधेबांस के बीच यमुना नदी पर पुल निर्माण की शुरुआत की. यह काम अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ. प्रस्तावित पुल की लंबाई करीब एक किलोमीटर है, जिसके साथ दोनों ओर पहुंच मार्ग और सुरक्षा से जुड़े निर्माण भी किए जा रहे हैं.
यह भी पढ़ें: यूपी परिवहन विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 36 पदों का बदला नाम, तीन नए परिक्षेत्र मंजूरअब तक कितना काम हुआ पूरा
सेतु निगम के अनुसार, बरसात के बाद निर्माण कार्य में तेजी आई है. वर्तमान में करीब 74 से 75% काम पूरा किया जा चुका है. इस परियोजना पर लगभग 48 करोड़ 90 लाख 55 हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं. निर्माण कार्य की समयसीमा जून 2026 तय की गई है.
50-60 किलोमीटर का लंबा रास्ता होगा खत्म
अब तक ग्रामीणों को मजबूरी में हरियाणा के यमुनानगर और कलानौर होते हुए जनपद में प्रवेश करना पड़ता था. इससे उन्हें 50 से 60 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी होती थी. पुल बनने के बाद सीधा और सुरक्षित सड़क मार्ग उपलब्ध हो जाएगा.
अधिकारी क्या कहते हैं?
परियोजना प्रबंधक सतेंद्र सिंह ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि "आल्हणपुर-सौंधेबांस के बीच यमुना नदी पर पुल निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है. अब तक लगभग 75% काम पूरा हो चुका है. निर्धारित समयसीमा के भीतर पुल और सभी पहुंच मार्गों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा."
बिजली संकट से भी मिलेगी राहत
इन गांवों में बिजली आपूर्ति के लिए यमुना नदी के बीच पोल लगाकर लाइन ले जाई गई थी. बाढ़ के दौरान पोल गिरने से बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होती थी. पुल बनने के बाद बिजली की लाइन को पुल के सहारे ले जाने की योजना है, जिससे यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी.
विकास को मिलेगी रफ्तार
पुल के चालू होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे. ग्रामीणों को उम्मीद है कि इससे उनके गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे और बुनियादी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी.
ताजा खबरें
About The Author
शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।