यूपी के इस जिले में सौर ऊर्जा के लिये जमीन की खोजबीन शुरू

यूपी के इस जिले में सौर ऊर्जा के लिये जमीन की खोजबीन शुरू
Uttar Pradesh News

प्रदेश में सौर ऊर्जा प्लांट लगवाने के लिए भूमि की पहचान और सही स्थल का चयन योजना को तैयार किया जा रहा है योजनाओं की सफलता तथा मजबूती के लिए लगातार प्रयास किया जा रहे हैं ऊर्जा प्लांट के लिए भूमि चयन विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की जा रही है. 

यूपी में सौर ऊर्जा प्लांट के लिए भूमि चयन प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए जमीन की खोजबीन प्रारंभ हो चुकी है एचडब्ल्यू सोलर जनरेशन के गौरव शर्मा ने 200 करोड रुपए की लागत से एमओयू इन्होंने किया है अब जिला उद्योग प्रोत्साहन केंद्र की उपयुक्त ऊर्जा का प्लांट लगवाने के लिए 65.23 हेक्टेयर जमीन दिलाने की अपील की जा चुकी है. इसके अंतर्गत जमीन मिलने पर सौर ऊर्जा का प्लांट लगवाने के लिए 200 करोड रुपए की राशि निवेश की जाएगी अगर इसके बाद जमीन सही स्थान पर मिल जाती है

तो जिले का पहला सबसे बड़ा सौर ऊर्जा प्लांट कहलाएगा कुछ युवाओं को रोजगार भी मिल सकता है सौर ऊर्जा का उत्पादन होने से बिजली संकट काफी मात्रा में घटकर खत्म हो जाएगी. मिली जानकारी के अनुसार बताया गया है कि जमीन की समस्या को लेकर ऐसा पहली बार मामला नहीं है इसके पहले भी इस प्रकार की समस्याएं देखी जा चुकी है बल्कि कई नए ग्रुप भी जमीन को नहीं मिलने से औद्योगिक क्षेत्र में निवेश करने में बड़ी परेशानी हो रही है.

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अब भूमि की स्थिति और उपयोग

किसी बीच जिला उद्योग प्रोत्साहन केंद्र की उपयुक्त अर्चना तिवारी ने बताया है की जमीन के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया है और भेजवा भी दिया गया है. अब जमीन मिलने पर ही सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना तभी हो सकती है. इसी बीच प्रदेश सरकार ने कहा है कि सौर ऊर्जा प्लांट के लिए भूमि का चयन बेहद आवश्यक है योजना की सफलता और इस पर जोर देना महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है भूमिका चयन करके अपना केवल आर्थिक लाभ प्राप्त कर पाएंगे

अपितु पर्यावरण संरक्षण में भी बेहतर योगदान मिल सकता है. इस सौर ऊर्जा के माध्यम से योजनाएं स्थानीय रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे को विकास में योगदान भी मिल सकती है सौर ऊर्जा से कार्बन और उत्सर्जन में कमी आ सकती है जिसमें पर्यावरण संरक्षण होता है बताया गया है कि सौर ऊर्जा प्लांट के माध्यम से  25 वर्षों तक स्थिर आय प्राप्त की जा सकती है. भूमिका भौगोलिक और पर्यावरणीय सर्वेक्षण अवश्य करवाया जाए जिसमें सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता का मूल्यांकन आसानी से हो सकता है.

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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।