UP में सड़क हाथ लगाते ही उखड़ी, ठेकेदार पर एक साल का प्रतिबंध, सारे काम रोके गए!

UP में सड़क हाथ लगाते ही उखड़ी, ठेकेदार पर एक साल का प्रतिबंध, सारे काम रोके गए!
बस्ती में घटिया सड़क निर्माण कराने से रोका तो मिली धमकी

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर में लोग हैरान हैं, कारण है एक ऐसी सड़क जो जितनी जल्दी बनी, उतनी ही जल्दी टूट भी गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क रात में डाली गई थी और अगली सुबह हाथ लगाते ही परत उखड़ने लगी. पूरे क्षेत्र में ठेकेदार की कार्यशैली को लेकर नाराज़गी फैल गई है.

ठेकेदार पर एक साल का प्रतिबंध

नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए धामी कंस्ट्रक्शन को एक वर्ष तक किसी भी नए सरकारी टेंडर से बाहर कर दिया है.

  • फर्म पर 50 हजार रुपये का जुर्माना
  • घटिया निर्माण के आरोप में एफआईआर दर्ज
  • पहले से मिले परियोजनाओं में से जिनका अनुबंध नहीं हुआ था, वे अब रद्द माने जाएंगे.
  • यह प्रतिबंध उन कामों को सीधा प्रभावित करेगा, जो पिछले 15 दिनों में आवंटित हुए थे.

एक हल्की ठोकर और सड़क उखड़ी

सड़क की शिकायतें बढ़ने पर बीते बुधवार को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत खुद मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान उन्होंने जब पैर से हल्का-सा दबाव डाला तो सड़क की ऊपरी परत तुरंत टूट गई. अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही माना और सख्त कार्रवाई का आदेश दिया.

7 महीने बाद खुला टांडा पुल, बस्ती से वाराणसी का सफर अब होगा आसान यह भी पढ़ें: 7 महीने बाद खुला टांडा पुल, बस्ती से वाराणसी का सफर अब होगा आसान

पुराने आरोप भी आए सामने

सूत्रों के अनुसार, यही ठेकेदार इससे पहले भी गोमती नगर विस्तार में खराब निर्माण और काम में देरी के लिए विवादों में रह चुका है. उस समय शिकायतें दर्ज होने के बाद भी मामला दबा दिया गया था. लेकिन इस बार अधिकारियों ने साफ कर दिया कि समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है.

अयोध्या-लखनऊ समेत इन जिलों में बिजली गिरने का खतरा, मौसम विभाग का अलर्ट यह भी पढ़ें: अयोध्या-लखनऊ समेत इन जिलों में बिजली गिरने का खतरा, मौसम विभाग का अलर्ट

नगर निगम के अधिशासी अभियंता अतुल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि धामी कंस्ट्रक्शन को अब एक भी नया काम नहीं दिया जाएगा. कुछ परियोजनाएँ, जो लॉटरी प्रक्रिया से फर्म को मिली थीं, केवल वही आगे बढ़ेंगी जिनका अनुबंध पहले ही हो चुका है.

यूपी के इन जिलों में देर रात हुई बारिश, जानें अब किन जिलों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट यह भी पढ़ें: यूपी के इन जिलों में देर रात हुई बारिश, जानें अब किन जिलों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

क्यों ज़रूरी है सख्त निगरानी?

यह मामला साफ दिखाता है कि सार्वजनिक धन से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता की निगरानी कितनी ज़रूरी है. घटिया निर्माण सिर्फ पैसे की बर्बादी नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और भरोसे से खिलवाड़ भी है.

स्थानीय प्रतिनिधि भी नाराज़

क्षेत्रीय पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि सड़क की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि सुबह के समय यह आसानी से उखड़ रही थी. उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और सुविधा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
22 Nov 2025 By Shobhit Pandey

UP में सड़क हाथ लगाते ही उखड़ी, ठेकेदार पर एक साल का प्रतिबंध, सारे काम रोके गए!

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर में लोग हैरान हैं, कारण है एक ऐसी सड़क जो जितनी जल्दी बनी, उतनी ही जल्दी टूट भी गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क रात में डाली गई थी और अगली सुबह हाथ लगाते ही परत उखड़ने लगी. पूरे क्षेत्र में ठेकेदार की कार्यशैली को लेकर नाराज़गी फैल गई है.

ठेकेदार पर एक साल का प्रतिबंध

नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए धामी कंस्ट्रक्शन को एक वर्ष तक किसी भी नए सरकारी टेंडर से बाहर कर दिया है.

  • फर्म पर 50 हजार रुपये का जुर्माना
  • घटिया निर्माण के आरोप में एफआईआर दर्ज
  • पहले से मिले परियोजनाओं में से जिनका अनुबंध नहीं हुआ था, वे अब रद्द माने जाएंगे.
  • यह प्रतिबंध उन कामों को सीधा प्रभावित करेगा, जो पिछले 15 दिनों में आवंटित हुए थे.

एक हल्की ठोकर और सड़क उखड़ी

सड़क की शिकायतें बढ़ने पर बीते बुधवार को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत खुद मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान उन्होंने जब पैर से हल्का-सा दबाव डाला तो सड़क की ऊपरी परत तुरंत टूट गई. अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही माना और सख्त कार्रवाई का आदेश दिया.

पुराने आरोप भी आए सामने

सूत्रों के अनुसार, यही ठेकेदार इससे पहले भी गोमती नगर विस्तार में खराब निर्माण और काम में देरी के लिए विवादों में रह चुका है. उस समय शिकायतें दर्ज होने के बाद भी मामला दबा दिया गया था. लेकिन इस बार अधिकारियों ने साफ कर दिया कि समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है.

नगर निगम के अधिशासी अभियंता अतुल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि धामी कंस्ट्रक्शन को अब एक भी नया काम नहीं दिया जाएगा. कुछ परियोजनाएँ, जो लॉटरी प्रक्रिया से फर्म को मिली थीं, केवल वही आगे बढ़ेंगी जिनका अनुबंध पहले ही हो चुका है.

क्यों ज़रूरी है सख्त निगरानी?

यह मामला साफ दिखाता है कि सार्वजनिक धन से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता की निगरानी कितनी ज़रूरी है. घटिया निर्माण सिर्फ पैसे की बर्बादी नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और भरोसे से खिलवाड़ भी है.

स्थानीय प्रतिनिधि भी नाराज़

क्षेत्रीय पार्षद शैलेंद्र वर्मा ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि सड़क की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि सुबह के समय यह आसानी से उखड़ रही थी. उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और सुविधा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/lucknow/in-uttar-pradesh-the-road-collapsed-as-soon-as-it/article-23539
On

About The Author

Shobhit Pandey Picture

शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।