यूपी में इस रूट पर अब 110 KMPH नहीं 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन! करोड़ों का बजट जारी
Gorakhpur-Varanasi
UP Railway News: समय के साथ भारतीय रेलवे अपनी रफ्तार बढ़ाने में जुटा हुआ है. इसी क्रम में अब उत्तर प्रदेश के कुछ रूट्स पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गाड़ियों की रफ्तार 110 की जगह 130 किलोमीटर प्रतिघंटा किया जाएगा. इसके लिए करोड़ों का बजट भी आवंटित हो गया है. गोरखपुर-वाराणसी, गोरखपुर कैंट-छपरा व वाराणसी-प्रयागराज रूट पर यह प्रोजेक्ट पायलट तौर पर लागू होगा.
इस योजना के लिए 109.56 करोड़ रुपये बजट आवंटित किए गए हैं.रेल गाड़ियों की स्पीड रेलवे बिजली की क्षमता और बेहतर कर करे बढ़ाएगा. बिजली की क्षमता बढ़ने से ट्रेन की स्पीड 110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी. रेलवे ट्रैक की क्षमता बढ़ाए जाने के लिए काम जारी है. बिजली की क्षमता दोगुना करने के लिए ट्रैक पर स्लीपर की भी क्षमता बदली जा रही है. इसे बढ़ाकर 60 किलो किया जा रहा है. साथ ही ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम लगाया जा रहा है.
25x2 केवी होगी सप्लाई
फिलहाल इस रेल खंड पर 25 केवी की क्षमता से बिजली की सप्लाई होती है. हालांकि ट्रेन की स्पीड बढ़ाने,रेल गाड़ियों की संख्या ज्यादा करने के लिए ज्यादा बिजली की जरूरत है. ऐसे में अब बिजली सप्लाई को 25x2kv किया जाएगा. इसके लिए गोरखपुर वाराणसी रूट पर 49.66 करोड़, गोरखपुर कैंट से छपरा के लिए 35 करोड़ और वाराणसी-प्रयागराज के लिए 24.9 करोड़ रुपये आवंटि किए गए हैं. इस काम को साल 2025 तक पूरा करना है.
पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाना रेलवे की प्राथमिकता है. इसलिए रेल ट्रैन के रिन्यूअल समेत अन्य कार्य किये जा रहे हैं. भविष्य में इसके परिणाम भी अच्छे देखने को मिलेंगे.
यूपी में इस रूट पर अब 110 KMPH नहीं 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन! करोड़ों का बजट जारी
Gorakhpur-Varanasi
UP Railway News: समय के साथ भारतीय रेलवे अपनी रफ्तार बढ़ाने में जुटा हुआ है. इसी क्रम में अब उत्तर प्रदेश के कुछ रूट्स पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गाड़ियों की रफ्तार 110 की जगह 130 किलोमीटर प्रतिघंटा किया जाएगा. इसके लिए करोड़ों का बजट भी आवंटित हो गया है. गोरखपुर-वाराणसी, गोरखपुर कैंट-छपरा व वाराणसी-प्रयागराज रूट पर यह प्रोजेक्ट पायलट तौर पर लागू होगा.
इस योजना के लिए 109.56 करोड़ रुपये बजट आवंटित किए गए हैं.रेल गाड़ियों की स्पीड रेलवे बिजली की क्षमता और बेहतर कर करे बढ़ाएगा. बिजली की क्षमता बढ़ने से ट्रेन की स्पीड 110 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी. रेलवे ट्रैक की क्षमता बढ़ाए जाने के लिए काम जारी है. बिजली की क्षमता दोगुना करने के लिए ट्रैक पर स्लीपर की भी क्षमता बदली जा रही है. इसे बढ़ाकर 60 किलो किया जा रहा है. साथ ही ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम लगाया जा रहा है.
25x2 केवी होगी सप्लाई
फिलहाल इस रेल खंड पर 25 केवी की क्षमता से बिजली की सप्लाई होती है. हालांकि ट्रेन की स्पीड बढ़ाने,रेल गाड़ियों की संख्या ज्यादा करने के लिए ज्यादा बिजली की जरूरत है. ऐसे में अब बिजली सप्लाई को 25x2kv किया जाएगा. इसके लिए गोरखपुर वाराणसी रूट पर 49.66 करोड़, गोरखपुर कैंट से छपरा के लिए 35 करोड़ और वाराणसी-प्रयागराज के लिए 24.9 करोड़ रुपये आवंटि किए गए हैं. इस काम को साल 2025 तक पूरा करना है.
पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाना रेलवे की प्राथमिकता है. इसलिए रेल ट्रैन के रिन्यूअल समेत अन्य कार्य किये जा रहे हैं. भविष्य में इसके परिणाम भी अच्छे देखने को मिलेंगे.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है