यूपी के इस जिले में निगम की 365 बीघा जमीन पर कब्जा, 1000+ मकान बने
दो जोन में सबसे ज्यादा कब्जा
नगर निगम के आंतरिक रिकॉर्ड के अनुसार खुल्दाबाद और मुट्ठीगंज जोन में सबसे अधिक सरकारी जमीन पर कब्जा पाया गया है. खुल्दाबाद जोन में करीब 250 बीघा और मुट्ठीगंज जोन में लगभग 115 बीघा भूमि पर लोगों ने घर बना लिए हैं. इन जमीनों पर कभी नगर निगम का अधिकार था, लेकिन समय के साथ इन पर निजी कब्जा होता चला गया.
पहले से मौजूद थी रिपोर्ट, अब होगी कार्रवाई
नगर निगम के नजूल विभाग ने करीब 1 साल पहले ही इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर नगर आयुक्त कार्यालय को सौंप दी थी. रिपोर्ट में अवैध निर्माण की स्थिति, कब्जे की अवधि और प्रभावित क्षेत्रों का ब्योरा दिया गया है. अब इस रिपोर्ट के आधार पर निगम प्रशासन कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
छह अन्य जोन में भी चलेगा सर्वे
नगर निगम केवल 2 जोन तक ही सीमित नहीं रहेगा. प्रशासन ने साफ किया है कि शहर के बाकी 6 जोन में भी निगम की जमीन का सर्वे कराया जाएगा. इसमें यह पता लगाया जाएगा कि कहां-कहां और कितनी भूमि पर अतिक्रमण किया गया है और कितने मकान अवैध रूप से बने हैं.
माफिया प्रभाव वाले इलाकों में फैला कब्जा
कसारी-मसारी, चकिया, झलवा और करेली जैसे इलाके, जिन्हें कभी माफिया अतीक अहमद का प्रभाव क्षेत्र माना जाता था, वहां भी नगर निगम की जमीन पर बड़े पैमाने पर कब्जा हुआ है. इन इलाकों में सैकड़ों लोगों ने सरकारी जमीन पर मकान खड़े कर लिए हैं और कई जगह पूरी बस्तियां बस चुकी हैं.
नोटिस की तैयारी, बढ़ेगी सख्ती
अपर नगर आयुक्त अरविंद कुमार राय ने बताया कि नगर निगम की जमीन पर अवैध रूप से मकान बनाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. जल्द ही ऐसे सभी लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे. साथ ही अन्य जोन में निगम की भूमि की स्थिति को लेकर भी रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी.
आंकड़े जो चौंकाते हैं
- नगर निगम की करीब 365 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा
- 1000 से अधिक मकान बने
- 20 से 25 वर्षों में धीरे-धीरे फैला अतिक्रमण
- एक साल पहले नजूल विभाग ने सौंपी थी रिपोर्ट
- खुल्दाबाद जोन में 250 बीघा जमीन पर कब्जा
- मुट्ठीगंज जोन में 115 बीघा भूमि पर अवैध निर्माण
आगे क्या होगा?
नगर निगम का कहना है कि सर्वे पूरा होने के बाद चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी. अवैध कब्जों को हटाने और निगम की जमीन वापस लेने की प्रक्रिया आसान नहीं होगी, लेकिन प्रशासन इस बार सख्ती में नजर आ रहा है.
ताजा खबरें
About The Author
शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।