यूपी के इन दो जिलों के बीच चलेगी नई इंटरसिटी एक्स्प्रेस!
रेल मंत्रालय तक पहुंची जनप्रतिनिधियों की आवाज
क्षेत्रीय रेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार मांग उठाई जा रही थी. इसी क्रम में गोरखपुर से सांसद रति किशन शुक्ला ने रेलवे से संपर्क कर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा. उनका कहना था कि पूर्वांचल के दो बड़े शहरों के बीच सीधी और तेज ट्रेन सेवा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही है. इस मांग को औपचारिक रूप देने के बाद रेलवे बोर्ड तक प्रस्ताव पहुंचाया गया.
रेलवे ने सुरक्षा को लेकर बदला रुख
इसी बीच रेलवे ने छोटे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता दिखाई है. कई स्टेशनों पर ऐसी ट्रेनें गुजरती हैं, जो बिना रुके तेज रफ्तार में निकल जाती हैं. ऐसे में यात्रियों के अचानक ट्रैक पार करने या प्लेटफॉर्म के किनारे खड़े रहने से हादसे होते रहे हैं. अब रेलवे इस खतरे को कम करने के लिए नई चेतावनी प्रणाली लागू करने जा रहा है.
लाउडस्पीकर से पहले मिलेगी चेतावनी
नई व्यवस्था के अंतर्गत जिन स्टेशनों पर ट्रेनें नहीं रुकती हैं, वहां कुछ मिनट पहले लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा की जाएगी. यात्रियों को सतर्क रहने, ट्रैक से दूर रहने और फुटओवर ब्रिज का उपयोग करने की सलाह दी जाएगी. यह घोषणा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी, जिससे हर यात्री इसे समझ सके. रेलवे को उम्मीद है कि इससे दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी.
इन मंडलों में होगा परिवर्तन
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल में इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है. सहजनवा, टिनिच, बभनान, चौरीचौरा और सरदारनगर जैसे स्टेशनों को इसमें शामिल किया गया है. यहां कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें बिना ठहराव के गुजरती हैं, जिससे अब यात्रियों को पहले से सतर्क किया जाएगा.
कुछ ट्रेनों का नहीं होता ठहराव
गोरखपुर से नई दिल्ली जाने वाली वैशाली एक्सप्रेस और गोरखपुर से बठिंडा जाने वाली गौरखधाम एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें कई छोटे स्टेशनों पर नहीं रुकती हैं. इन्हीं स्टेशनों पर अक्सर लोग भ्रम में आकर प्लेटफॉर्म के पास खड़े हो जाते हैं. रेलवे की नई पहल से यात्रियों को सही समय पर जानकारी मिल सकेगी.
गोरखपुर के भाजपा सांसद रवि किशन शुक्ला द्वारा रेलवे बोर्ड को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार गोरखपुर और प्रयागराज के बीच इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है. 8 दिसंबर को औपचारिक प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है. स्वीकृति मिलते ही इस ट्रेन का संचालन शुरू किया जाएगा. इस ट्रेन के शुरू होने से गोरखपुर और प्रयागराज के बीच सफर न केवल तेज होगा, बल्कि प्रति दिन यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।