एक्सप्रेसवे सर्वे पूरा: यूपी के इस जिले में जमीन के दाम बढ़े
बिना गाटा संख्या रोक लगाने से नुकसान की आशंका
प्रशासन का मानना है कि अगर गाटा संख्या के बिना ही बैनामों पर रोक लगा दी जाती है, तो इससे स्टांप और रजिस्ट्री से मिलने वाले राजस्व को भारी नुकसान हो सकता है. इसी वजह से फिलहाल कोई सख्त फैसला नहीं लिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि पहले यह स्पष्ट होना जरूरी है कि किन-किन गाटों पर प्रतिबंध लागू होगा.
747 किलोमीटर लंबा होगा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे
गोरखपुर-शामली-पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है. प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 747.424 किलोमीटर बताई जा रही है. इसमें बिजनौर जिले से लगभग 56 किलोमीटर लंबा हिस्सा गुजरने की संभावना है. एनएचएआई द्वारा बालावाली क्षेत्र के पास से गुजरने वाले दो अलग-अलग एलाइनमेंट भी तैयार किए गए हैं.
एक्सप्रेसवे दो अलग एलाइनमेंट से गुजरेगा
पहले एलाइनमेंट में लगभग 116 गांव शामिल किए गए हैं, जबकि दूसरे एलाइनमेंट में लगभग 131 गांवों को चिन्हित किया गया है. इन्हीं गांवों को लेकर बैनामों पर रोक लगाने की तैयारी थी. इसी सिलसिले में 3 दिन पहले जिलाधिकारी ने एनएचएआई के पत्र का हवाला देते हुए बिजनौर, नगीना, नजीबाबाद और धामपुर के सब-रजिस्ट्रार को पत्र भेजा था.
एआईजी स्टांप ने जताई आपत्ति
इस विषय में एआईजी स्टांप ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने बताया कि एनएचएआई ने अब तक संबंधित 131 गांवों की गाटा संख्या उपलब्ध नहीं कराई है. ऐसे में अगर बिना ठोस जानकारी के बैनामे रोके जाते हैं, तो सरकारी राजस्व को नुकसान होना तय है. इसी के बाद प्रशासन ने अपना फैसला बदला.
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इन सभी पहलुओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने शुक्रवार को एनएचएआई को एक और पत्र भेजा है. इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिन गांवों में एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है, उनकी पूरी गाटा संख्या उपलब्ध कराई जाए. इसके बाद ही चिन्हित क्षेत्रों में बैनामों पर रोक लगाने का निर्णय लिया जाएगा. अधिकारियों ने यह भी बताया कि इससे पहले जिले में बने अन्य हाईवे प्रोजेक्ट्स में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया गया था.
जमीन के दाम बढ़े, बाजार में हलचल
एक्सप्रेसवे की खबर फैलते ही जिले में जमीन के दाम तेजी से बढ़ने लगे हैं. ग्रामीण इलाकों में अधिकतर किसानों ने जमीन बेचने से फिलहाल दूरी बना ली है. वहीं शहर के व्यापारी और उद्यमी लगातार इन क्षेत्रों में जमीन खरीदने की तलाश में घूम रहे हैं. इससे जमीन बाजार में अस्थिरता की स्थिति बन गई है.
वर्तमान में बैनामों पर कोई रोक नहीं
बिजनौर के एआईजी स्टांप आशुतोष जोशी ने साफ किया है कि "अभी बैनामों पर कोई रोक लागू नहीं की गई है. गाटा संख्या उपलब्ध न होने के कारण यह फैसला लिया गया है. यदि बिना पूरी जानकारी के रजिस्ट्रियां रोकी जाती हैं, तो इससे स्टांप रेवेन्यु को नुकसान होगा. इस पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है."
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