आपदाओं में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए केंद्र सरकार ने लिया फैसला, दरों में 64 गुना तक बढ़ोतरी
इस फैसले के अंतर्गत अब प्रमुख जिला मार्गों (एमडीआर) के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में, जहां पहले सिर्फ एक लाख रुपये प्रति किलोमीटर की दर से सहायता राशि मिलती थी, उसे अब 64 लाख रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है, अगर नुकसान 70% से अधिक हो. वहीं, यदि क्षति 30 से 70% के बीच हो, तो 32 लाख रुपये प्रति किलोमीटर की दर से बजट उपलब्ध कराया जाएगा.
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्र सहित कई हिस्सों में हर वर्ष बाढ़ के कारण सड़कों का भारी नुकसान होता है. परंतु सीमित बजट के कारण मरम्मत कार्य या तो अधूरा रह जाता था या बहुत देर से शुरू होता था. अब इस नई दर के बाद राज्य सरकारें एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचक निधि) के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रस्ताव भेज सकेंगी.
सिर्फ जिला मार्ग ही नहीं, बल्कि ग्रामीण संपर्क सड़कों की मरम्मत राशि में भी बड़ा परिवर्तन किया गया है. पहले इन सड़कों के लिए केवल 60 हजार रुपये प्रति किलोमीटर मिलते थे, जो अब बढ़कर 36.75 लाख रुपये (70% से अधिक क्षति) और 18.25 लाख रुपये (30-70% क्षति) कर दिए गए हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधाएं मजबूत होंगी.
इसके अतिरिक्त, अन्य जिला मार्गों (ओडीआर) की मरम्मत के लिए भी सरकार ने राशि को 54.5 लाख रुपये (70% से अधिक क्षति) और 26.75 लाख रुपये (30-70% क्षति) प्रति किलोमीटर तक बढ़ा दिया है. पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पहले मरम्मत कार्य के लिए मिलने वाली बेहद कम राशि के कारण कई विभागों को आवेदन करने में हिचकिचाहट होती थी. अब नई दरें लागू होने से विभागों में उत्साह देखा जा रहा है और मरम्मत के अधिक प्रस्ताव आने की पूरी आशंका है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।