यूपी के इन गाँवों के लिए अच्छी खबर, सरकार ने जारी किया यह आदेश
इसी बीच प्रशासनिक स्तर पर भी कुछ अहम गतिविधियां सामने आई हैं, जिनका असर आने वाले समय में ग्रामीण व्यवस्था पर पड़ सकता है. सरकार की ओर से प्रदेश की कई ग्राम पंचायतों को लेकर एक नई पहल शुरू की गई है, जिससे गांवों में डिजिटल ढांचे को मजबूत करने की तैयारी दिख रही है.
डिजिटल पहुंच बढ़ाने की तैयारी
सरकार की योजना के अंतर्गत चयनित ग्राम पंचायतों में ‘ग्राम पंचायत डिजिटल एक्सेस समिति’ (डीएसी) के गठन के निर्देश जारी किए गए हैं. इस पहल से गांवों तक तेज इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगा, जिससे ग्रामीण भी ऑनलाइन सुविधाओं का बेहतर लाभ उठा सकें.
योजना के मुताबिक हर विकास खंड में एक समृद्ध ग्राम पंचायत विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके माध्यम से डिजिटल कनेक्टिविटी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इससे गांवों में सेवाओं की पहुंच और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी.
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डीएसी का गठन ग्राम स्तर पर किया जाएगा. इसमें ग्राम प्रधान को पदेन अध्यक्ष बनाया जाएगा, जबकि पंचायत सचिव सदस्य-संयोजक की भूमिका निभाएंगे. इसके अतिरिक्त शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी समिति में शामिल किया जाएगा.
समिति में स्कूल के प्रधानाचार्य या शिक्षक, स्वास्थ्य केंद्र या कृषि संस्थान के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, एनजीओ प्रतिनिधि और भारत नेट उद्यमी को जगह दी जाएगी. यह टीम गांवों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड के उपयोग को बढ़ावा देने और डिजिटल साक्षरता फैलाने का काम करेगी.
अधिकारियों को तेजी दिखाने के निर्देश
विभागीय स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि चयनित ग्राम पंचायतों में समिति का गठन जल्द से जल्द पूरा किया जाए. प्रशासन चाहता है कि योजना जमीन पर जल्दी उतरे ताकि ग्रामीणों को डिजिटल सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके.
अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि गांवों में इंटरनेट आधारित सेवाएं बढ़ें और लोगों को सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच मिले.
कहां-कहां बनेगी डीएसी, जानिए पूरी जानकारी
प्रदेश की कुल 415 ग्राम पंचायतों को इस योजना में शामिल किया गया है. इनमें गोरखपुर मंडल की 23 ग्राम पंचायतें भी चयनित हुई हैं. मंडलवार देखें तो गोरखपुर और महराजगंज में 7-7 पंचायतें, देवरिया में 5 और कुशीनगर में 4 ग्राम पंचायतों में डीएसी का गठन किया जाएगा.
यानी पूर्वांचल के इस हिस्से में डिजिटल ढांचे को मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है. अगर योजना सही तरीके से लागू हुई तो ग्रामीणों को ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल भुगतान और ई-गवर्नेंस का सीधा फायदा मिल सकता है.
चुनावी अनिश्चितता ने बढ़ाया सस्पेंस
दूसरी ओर पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है. अब तक आरक्षण सूची जारी नहीं हुई है और एसआईआर की प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ने से गांवों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. इसी वजह से ग्राम प्रधान, संभावित उम्मीदवार और उनके समर्थक चुनाव के लिए खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं. सभी की नजर सरकार की अगली घोषणा पर टिकी हुई है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।