इस दिन से खुल सकता है महीनों से बंद तांडा पुल, बस्ती–अंबेडकरनगर–आजमगढ़ की कनेक्टिविटी प्रभावित
महीनों से बंद पुल पर काम अंतिम चरण में, जल्द राहत की उम्मीद
बताया जा रहा है कि एनएचएआई ने पुल का काम 2 महीने में पूरा करने का वादा किया था, लेकिन अब 6 महीने बीत जाने के बाद भी काम जारी है. इससे आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.
दोपहिया वाहन निकल रहे, चारपहिया को दिक्कत
फिलहाल पुल से दोपहिया वाहन किसी तरह आ-जा रहे हैं, लेकिन चारपहिया वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई कार चालकों ने पिछले दिनों पुल पर रखे पत्थरों को हटाकर गाड़ी निकालने की कोशिश भी की, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
लंबा रास्ता, बढ़ा सफर का समय
बस्ती के निवासी शिखर पाण्डेय ने बताया कि उन्हें हर महीने 2-3 बार वाराणसी जाना पड़ता है. पुल का काम शुरू होने के बाद उन्हें लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है. अब वे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के रास्ते वाराणसी जाते हैं, जिससे दूरी और समय दोनों बढ़ गए हैं. जहां पहले बस्ती से वाराणसी पहुंचने में लगभग 4 घंटे लगते थे, अब 6 घंटे तक का समय लग रहा है. इससे लोग खासे परेशान हैं.
टोल प्लाजा पर भी असर
खड़ौआ के पास स्थित टोल प्लाजा की आमदनी पर भी इसका असर पड़ा है. जहां पहले रोज लाखों रुपये का कलेक्शन होता था, अब वह घटकर हजारों में सिमट गया है. टोल कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
मार्च के अंत तक खुलने की उम्मीद
पुल पर काम कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि अंतिम लेयर की कोटिंग का काम चल रहा है. कोशिश है कि मार्च के आखिरी सप्ताह तक पुल को चालू कर दिया जाए. इसके लिए लगातार काम जारी है.
फिलहाल लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही पुल का काम पूरा होगा और बस्ती, अंबेडकरनगर व आजमगढ़ के बीच आवाजाही सामान्य हो सकेगी.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है