लखनऊ मेट्रो के दूसरे फेज का निर्माण अगले महीने से होगा शुरू, खर्च होंगे 5800 करोड़ रुपए!
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो परियोजना के दूसरे फेज का निर्माण अगले महीने यानी अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। यह परियोजना न केवल लखनऊ शहर के यातायात व्यवस्था में सुधार करेगी, बल्कि पूरे राज्य के विकास में भी अहम योगदान देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह कदम राज्य में आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
अप्रैल से शुरू होगा मेट्रो के दूसरे फेज का निर्माण
मेट्रो के दूसरे फेज का उद्देश्य और लाभ
लखनऊ मेट्रो के दूसरे फेज के निर्माण से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़े सुधार की संभावना है। मेट्रो के विस्तार से, मुख्य रूप से ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी आएगी। शहर में मेट्रो की बढ़ती उपयोगिता, यात्री ट्रैफिक को सड़कों पर कम करने में मदद करेगी, और साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान कम होगा। अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो के दूसरे चरण में चारबाग से बसंतकुंज इंस्ट वेस्ट कॉरिडोर के लिए श्ग्राउंड लेवल वर्कश् हो चुका है। डीपीआर को मंजूरी मिल चुकी नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) भी परियोजना को हरी झंडी दे चुका है। यूपीएमआरसी ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के तहत विशेषज्ञों की मदद से जमीनी कार्य किया गया है। टोपोग्राफी के लिए एरियल सर्वे व जमीन के नीचे बिछी सीवर व अन्य पाइपलाइनों सहित मिट्टी की जांच की गई है। इससे मेट्रो स्टेशनों के निर्माण में आसानी होगी। अधिकारियों के अनुसार इस कॉरिडोर को बनाने में पांच साल का समय लगेगा। ये मेट्रो स्टेशन होंगे कॉरिडोर में बसंतकुंज से चारबाग तक के ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर की कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर होगी। इसमें एलिवेटेड (जमीन से ऊपर) मेट्रो की लंबाई 4.286 किमी तथा भूमिगत लंबाई 6.879 किमी रहेगी। कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन होंगे। इसमें सात अंडरग्राउंड और पांच एलिवेटेड होंगे। यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) राजधानी में अमौसी से मुंशीपुलिया के बीच मेट्रो का संचालन करता है, जबकि ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के तहत दूसरे फेज का काम होना शेष है। इस परियोजना के निर्माण से हजारों रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। निर्माण कार्यों में कार्यरत श्रमिकों के अलावा मेट्रो स्टेशन और ट्रेनों के संचालन में भी नए रोजगार अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा मेट्रो से जुड़े सेवाओं और व्यापारों के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कॉरिडोर में चारबाग, गौतमबुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा और चौक अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। ठाकुरगंज, बालागंज, मूसाबाग, सरफराजगंज और बसंत कुंज एलिवेटेड होंगे।