UP में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू, अधिकारियों को मिली कड़ी जिम्मेदारी
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के तहत बूथ स्तर पर हो रहे कार्यों की सतत निगरानी के लिए एक जिला स्तरीय अधिकारी को 20 बूथों की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
कलेक्ट्रेट सभागार में एसआईआर की निगरानी हेतु नामित अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक सुपरवाइजर के अधीन लगभग 10 बीएलओ कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि एक जिला स्तरीय अधिकारी को दो सुपरवाइजर, यानी लगभग 20 बीएलओ की निगरानी का दायित्व दिया जा रहा है.
जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी पात्र युवा मतदाता सूची में शामिल हों, और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में दर्ज न होने पाए. उन्होंने कहा कि एसआईआर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
उन्होंने बताया कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी नामित अधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारियाँ दी गई हैं. सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक मतदाता तक गणना प्रपत्र समय पर पहुंचे और भरे हुए प्रपत्र समय से प्राप्त किए जाएँ.
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नामित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करें और सुपरवाइजर व बीएलओ के साथ समन्वय बनाए रखें. यदि किसी स्तर पर समस्या आती है तो उसका त्वरित समाधान कराया जाए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बैठक में अपर जिलाधिकारी अमित कुमार, डीडीओ राज कुमार, पीडी डीआरडीए मनीष कुमार, आईसीडीएस विभाग एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है