यूपी के इस जिले में CMIS समीक्षा में 1086 कार्यों की स्थिति पर डीएम ने जताई नाराजगी

यूपी के इस जिले में CMIS समीक्षा में 1086 कार्यों की स्थिति पर डीएम ने जताई नाराजगी
यूपी के इस जिले में CMIS समीक्षा में 1086 कार्यों की स्थिति पर डीएम ने जताई नाराजगी

बहराइच: कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री पोर्टल (CMIS) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई. बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी घासीराम ने बताया कि जिले में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कुल 1086 कार्य कराए जा रहे हैं. इनमें से जल निगम ग्रामीण 817 कार्य कर रहा है, जबकि अन्य संस्थाओं द्वारा 269 कार्य किए जा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि इन 269 कार्यों में से 197 कार्य पूरे हो चुके हैं और 72 कार्य निर्माणाधीन हैं. 14 कार्य ऐसे हैं जिनकी प्रगति तय समयसीमा से पीछे है, जिनमें सबसे ज्यादा 8 कार्य C&DS संस्था के हैं.

जिलाधिकारी ने C&DS द्वारा की जा रही धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों को समय सीमा के भीतर लाने के लिए तेजी से कार्रवाई की जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी.

डीएम ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि कार्य शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप समय से पूरे किए जाएँ. उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रोजेक्ट में धन की कमी, भूमि विवाद, बिजली कनेक्शन, वृक्ष कटान जैसी समस्याओं के कारण प्रगति प्रभावित हो रही है, तो ऐसे मामलों को तुरंत उनके संज्ञान में लाया जाए ताकि समाधान कराया जा सके.

डीएम ने यह भी कहा कि जो परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं, उनका हस्तांतरण समय पर किया जाए ताकि उन्हें जनता के उपयोग में लाया जा सके.

बैठक में जिला विकास अधिकारी राज कुमार, सीएमएस डॉ. एम.एम. पांडेय, पीडी डीआरडीए मनीष कुमार, अर्थ एवं संख्याधिकारी घासीराम, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, बीएसए आशीष कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है