यूपी में 30 हजार पुलिस कर्मियों की होगी भर्ती, योगी सरकार ने कही यह बड़ी बात
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य सरकार ने 60 लाख से ज़्यादा युवाओं को नौकरी दी है। 2017 से अब तक पुलिस विभाग में 1,56,000 पदों पर भर्ती हो चुकी है। फ़िलहाल 60,200 पुलिस कर्मियों की भर्ती चल रही है। मिशन शक्ति के अंतर्गत पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20% आरक्षण दिया गया है।
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विधानसभा में अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विपक्ष पर लगातार हमलावर रहे। सपा सदस्यों की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा, "आपकी परेशानी मैं समझ सकता हूँ, लेकिन प्रदेश की कानून-व्यवस्था की चर्चा आज हर जगह हो रही है।" मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकाल में प्रदेश में अपराध चरम पर था, और अब कानून व्यवस्था में सुधार आया है।
उन्होंने कहा कि अपराधों में भारी गिरावट: 2016 की तुलना में
- डकैती: 84.41% की कमी
- लूट: 77.43% की कमी
- हत्या: 41.01% की कमी
- बलवा: 66.04% की कमी
- फिरौती के लिए अपहरण: 54.72% की कमी
- दहेज हत्या: 17.08% की कमी
- बलात्कार: 26.15% की कमी
यह आंकड़े बताते हैं कि 2016 के बाद से अपराधों में भारी गिरावट आई है। यह एक सकारात्मक संकेत है जो कानून व्यवस्था में सुधार और सुरक्षा में वृद्धि दर्शाता है।
विपक्षी नेता माता प्रसाद पांडेय ने तंज कसते हुए कहा, "आप तीर्थ यात्री बनकर देश में कहीं घूम आएं। सम्मान मिलेगा और लोग यूपी की कानून व्यवस्था पर भी चर्चा करेंगे। आप संविधान की प्रति लेकर घूमते हैं, परंतु संवैधानिक पदों पर बैठे महानुभावों के प्रति आपका दृष्टिकोण क्या है?" उन्होंने आगे कहा, "सपा के सोशल मीडिया हैंडल को देखिए। इसे देखकर कोई भी सभ्य समाज का हर व्यक्ति लज्जा महसूस करता है।"
2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार ने उनकी कई योजनाओं को लागू करने में बाधाएं खड़ी कीं। ये योजनाएं उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण थीं।
मोदी सरकार ने गरीबों के लिए आवास योजना शुरू की, लेकिन सपा सरकार ने इसे 2.5 साल तक लागू नहीं होने दिया। 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद, उत्तर प्रदेश में 56 लाख गरीबों को आवास मुहैया कराए गए। इसके अलावा, मोदी सरकार की स्वच्छ भारत अभियान के तहत, यूपी में 2.75 करोड़ परिवारों को शौचालय दिए गए। समाजवादी पार्टी ने इन योजनाओं को कभी गंभीरता से नहीं लिया।
यह कुंभ अब वीआईपी कुंभ बन गया है, ऐसा कहकर गरीबों का मजाक उड़ाया जा रहा है। यह बात उन लोगों द्वारा कही जा रही है जो खुद चांदी के चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। गरीबी का मजाक उड़ाना उनके लिए जन्मसिद्ध अधिकार बन गया है। लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। 2016-17 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 48,520 रुपये थी जो 2023-24 में बढ़कर 93,514 रुपये हो गई है। प्रदेश की जीडीपी भी 2016-17 में 12 लाख 82 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 25 लाख 48 हजार करोड़ रुपये से ऊपर हो गई है। चालू वित्तीय वर्ष में महाकुंभ को भी जोड़ दिया जाए तो यूपी की जीडीपी 30 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।