ग्वालियर में संचालित की जाएगी प्रधानमंत्री ई बस सेवा
सार्वजनिक परिवहन में क्रांतिकारी परिवर्तन
मध्य प्रदेश में शहर का विकास करने के लिए मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री ई बस सेवा के रूप में शहर के सटे हुए हिस्सों में उपनगरीय क्षेत्रों तक बढ़ाने के लिए निर्देश दिया गया है. अब इस संबंध में मध्य प्रदेश शासन परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने निगम आयुक्त संघ प्रिय पत्र लिखकर भेजा है. इसमें बताया गया है की बसें चलने से रूट निर्धारित तब किए जाएंगे. वह अच्छे फैसिलिटी के हो और शहर से बाहर भी उपनगरीय क्षेत्र में जोड़ने का कार्य किया जाए रूट के आसपास के एरिया को भी कर किया जाए अब ध्यान रखते हुए रूट की दूरी अधिक ना हो.
इस दौरान शहर के विकास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री ई बस सेवा के माध्यम से मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पहले चरण में 60 बस संचालित की अनुमति मिल चुकी है इलेक्ट्रिक बेसन के लिए चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण और अन्य कार्य की तैयारी निगम ने शुरू करवा दिया है इस पत्र में लिखा गया है बस के लिए रूट अधिसूचित करने और डिपो निर्माण के लिए किसी भी तरीके से जगह उपलब्ध कराने के लिए मांग किया गया है. आगे पत्र में लिखा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रति किलोमीटर 22 रुपए की ग्रांट के साथ ₹36 की शेष राशि प्रति किलोमीटर बस ऑपरेशन का किराया लिया जाएगा.
मार्गो का निरीक्षण करने के लिए गठन किया गया दल
बस का संचालन करने के लिए जिस डिपो का निर्माण करवाया जाएगा उसमें मटेरियल का मानक भरपूर तय किया गया है और स्थल का चयन होगा. यहां पर निर्धारित समय में चार्जिंग स्टेशन बनवाया जाएगा और ग्रीन सेल मोबिलिटी प्लेन के नियमों का भी अब सहूलियत से पालन करवाया जाएगा. इस शहर में निगम द्वारा 10 संभावित रूटों का निरीक्षण किया गया है इसके साथ-साथ कलेक्टर की ओर से 6 सदस्य दल का गठन करवाया गया है. इस छ: सदस्यीय दल के गठन में यातायात पुलिस और नगर निगम आरटीओ के साथ-साथ जिला प्रशासन के एक अधिकारी को इस दल में गठन किया गया है.
अब इससे रूट के कार्य में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगा और चार्जिंग स्टेशनों के बनने से अब बसों का संचालन बड़े आसानी से होगा. अब इस सरकार की योजना के अंतर्गत रोजगार सृजन सार्वजनिक परिवहन और प्रदूषण में कमी की अत्यधिक संभावना है. अब ग्वालियर के नागरिकों को बेहतर और पर्यावरण मित्र परिवहन सेवा प्राप्त मिलने में आसानी होगी. यात्रियों का किराया नगर निगम द्वारा फैसला अब लिया जाएगा और यह पारंपरिक डीजल बेसन की तुलना में काफी सस्ता माना जा रहा है. इन रोडो का निर्धारण केंद्र सरकार की टीम द्वारा निरीक्षण के बाद किया जाएगा और उनकी मंजूरी मिलने के बाद इन बसों के रूट तय किए जाएंगे.
ताजा खबरें
About The Author
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।