OPS VS NPS VS UPS: सरकारी कर्मचारियों के लिए कौन सी पेंशन स्कीम है अच्छी? समझें यहां
Unified Pension Scheme:
UPS को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) की जगह लेने के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह पिछले ओपीएस के तहत आने वाली चुनौतियों का जवाब है. इस योजना के तहत, पेंशनभोगियों को सेवा के अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत सुनिश्चित किया जाएगा, बशर्ते कि उन्होंने 25 साल तक सेवा की हो.
वैष्णव ने UPS की प्रमुख विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा, "आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुनिश्चित पेंशन प्रदान करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना (UPS) को मंजूरी दी है. एकीकृत पेंशन योजना के पांच स्तंभ हैं. (सरकारी) कर्मचारी एक सुनिश्चित राशि चाहते थे, जो एक तार्किक आवश्यकता थी. इस प्रकार, 50 प्रतिशत सुनिश्चित पेंशन UPS का पहला स्तंभ है. यह राशि सेवानिवृत्ति से पहले 12 महीने के मूल वेतन का औसत होगी. अगर किसी ने 25 साल तक काम किया है, तो उसे यह सुनिश्चित पेंशन राशि मिलेगी."
यह भी पढ़ें: यूपी बजट 2026-27: 9.12 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बजट, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आईटी पर बड़ा फोकसकेंद्रीय मंत्री ने और क्या बताया?
उन्होंने कहा, "दूसरा स्तंभ सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन होगा. केंद्र सरकार के करीब 23 लाख कर्मचारियों को एकीकृत पेंशन योजना (UPS) से लाभ मिलेगा. कर्मचारियों के पास NPS और UPS में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा." पेंशन सुधार की मांगों के जवाब में सरकार ने इस योजना को मंजूरी दे दी है, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी. नई योजना के तहत दस साल की सेवा वाले कर्मचारियों को 10,000 रुपये की पेंशन और 25 साल की सेवा वाले कर्मचारियों को पूरी पेंशन मिलेगी.
यह भी पढ़ें: यूपी बजट 2026-27: चुनाव से पहले 9.12 लाख करोड़ का मास्टरस्ट्रोक, विकास और रोजगार पर बड़ा फोकसवैष्णव ने आगे बताया, "विपक्ष पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लेकर सिर्फ राजनीति कर रहा है. दुनिया भर की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करने और कई हितधारकों से परामर्श करने के बाद समिति ने एकीकृत पेंशन योजना का सुझाव दिया. कर्मचारियों की सुनिश्चित राशि की मांग को देखते हुए कैबिनेट ने UPS को मंजूरी दे दी है."
ताजा खबरें
About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है