विश्व स्वास्थ्य संगठन से होम्योपैथी को पर्याप्त अवसर दिये जाने की मांग
यह जानकारी देते हुये रिसर्च सोसाइटी ऑफ होम्योपैथी के अध्यक्ष डॉ वी के वर्मा बताया कि डॉ अनुरुद्ध ने पत्र में ध्यान आकर्षित किया है कि होम्योपैथी दुनिया के तमाम देशों में अपने अद्धितीय सिद्धान्तों के कारण अपनाई जा रही है. भारत होमियोपैथी के क्षेत्र में विश्व की राजधानी है तथा होम्योपैथी दुनिया में दूसरे नम्बर पर अपनाई जाने वाली चिकित्सा पद्धति है.
पत्र में इन्होंने लिखा है कि ऐसा महसूस किया जा रहा है कि डब्लू एच ओ के स्तर पर होम्योपैथी को शोध एवं चिकित्सा के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहें है. पत्र में उन्होंने लिखा है कि होम्योपैथी कम खर्चीली, सभी की पंहुच वाली पद्धति है और सार्वभौमिक स्वास्थ्य आच्छादन में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है.
उन्होंने पत्र में कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को होम्योपैथी को पर्याप्त संरक्षण देकर विकास के लिए आवश्यक अवसर प्रदान करना चाहिए. उन्होंने पत्र में लिखा है कि इसमें आपकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है क्योंकि आप उस देश के स्वास्थ्य मंत्री है जो होम्योपैथी के क्षेत्र में दुनिया का अग्रणी देश है.
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