संतकबीरनगर की बखिरा झील बनेगी पर्यटन हब, सड़क निर्माण के लिए 15 एकड़ जमीन पर बनी सहमति
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित संतकबीरनगर के बखिरा झील को पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में अब धीरे-धीरे काम आगे बढ़ने लगा है. इसी क्रम में मंगलवार को अधिकारियों की एक टीम बखिरा क्षेत्र के परसाखोर गांव पहुंची और झील तक जाने वाले रास्ते का निरीक्षण किया.
टीम में पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल, पर्यटन विभाग के अधिकारी, खलीलाबाद के तहसीलदार आनंद ओझा और लेखपाल शामिल रहे. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर झील तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति देखी और आसपास के इलाके का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान झील के अलग-अलग स्थानों से तस्वीरें भी ली गईं. साथ ही झील के क्षेत्रफल, पानी की उपलब्धता और आसपास की प्राकृतिक स्थिति की भी जानकारी जुटाई गई.
झील तक पहुंचने के लिए होगा रास्ता तैयार
परसाखोर गांव में झील तक जाने वाले रास्ते को लेकर जमीन के संबंध में चर्चा की गई. बताया गया कि रास्ता बनाने के लिए करीब 15 एकड़ जमीन को लेकर मंजूरी बन गई है.
गांव के लोगों और काश्तकारों के साथ बातचीत के बाद जमीन देने को लेकर सहमति बनी. इस दौरान कई स्थानीय लोगों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी किए.
7 मीटर चौड़ी जमीन के अधिग्रहण पर सहमति
परसाखोर गांव के गाटा नंबर:- 61 और 57 में सड़क के लिए जमीन चिन्हित की गई है. यहां करीब 7 मीटर चौड़ी भूमि अधिग्रहण करने पर सहमति बनी है. अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को बताया कि रास्ता बनने के बाद झील तक पहुंचना आसान हो जाएगा. इससे आगे पर्यटन विकास की योजनाओं को भी गति मिलेगी.
पर्यटन के रूप में विकसित करने की योजना
बखिरा झील को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है. पूर्व जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से बखिरा विकास योजना का प्रस्ताव सरकार को भेजा था.
इस योजना के अंतर्गत झील के आसपास पर्यटन से जुड़ी कई गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी है. इसके लिए अलग-अलग तरह की सुविधाएं विकसित करने का भी प्रस्ताव है.
क्षेत्र के लोगों को मिलेगा रोजगार
पूर्व विधायक राकेश सिंह बघेल ने कहा कि बखिरा झील क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. उनका कहना है कि आने वाले समय में यह जगह पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकती है.
उन्होंने कहा कि झील के विकास से इलाके में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. इससे पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
पर्यटकों के लिए होंगी कई नई सुविधाएं
परियोजना के अंतर्गत झील क्षेत्र में नेचर टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियां शुरू करने की योजना बनाई गई है. इसके अतिरिक्त यहां ईको रिजॉर्ट, जंगल कैंपिंग और वेलनेस टूरिज्म जैसी सुविधाएं विकसित करने पर भी विचार किया गया है. इससे यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सकेगा.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।