UP के कई जिलों में गैस सिलेंडर की किल्लत, सरकार ने बदले बुकिंग के नियम, जानिए क्या होगा असर
गोरखपुर, बस्ती और बलिया समेत कई जिलों में सिलेंडर की किल्लत से लोग परेशान
इसी बीच केंद्र सरकार ने गैस बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने जानकारी दी कि डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड को अब ज्यादा उपभोक्ताओं के लिए लागू किया जा रहा है. पहले यह व्यवस्था करीब 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं के लिए थी, जिसे बढ़ाकर अब 90 प्रतिशत तक किया जा रहा है.
यह कोड उस समय इस्तेमाल होता है जब गैस सिलेंडर की डिलीवरी आपके घर पहुंचती है. उपभोक्ता अपने मोबाइल पर आए कोड को बताकर यह पुष्टि करता है कि सिलेंडर की डिलीवरी हो चुकी है. सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
गैस बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है. पहले घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद उपभोक्ता 25 दिन बाद दोबारा बुकिंग कर सकते थे, लेकिन अब ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए नया नियम बनाया गया है. इन इलाकों में रहने वाले लोग अब 45 दिन बाद ही अगली बुकिंग कर सकेंगे. मंत्री ने कहा कि कई जगहों पर लोग घबराहट में बड़ी संख्या में डिस्ट्रीब्यूटर और रिटेल स्तर पर बुकिंग कर रहे हैं, जिसकी वजह से समस्या दिख रही है. उनके मुताबिक यह स्थिति वास्तविक कमी की वजह से नहीं बल्कि लोगों की चिंता के कारण पैदा हुई है.
यह भी पढ़ें: सीतापुर: सपा कार्यालय के लिए जमीन आवंटन मामले में पूर्व पालिका अध्यक्ष समेत 4 पर मुकदमासरकार के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी का अधिकतम समय अभी भी बुकिंग के बाद लगभग ढाई दिन है.पेट्रोलियम मंत्री ने यह भी बताया कि आज से तेल कंपनियां कमर्शियल गैस का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही जारी करेंगी, ताकि कालाबाजारी और जमाखोरी पर नियंत्रण रखा जा सके.
सरकार का कहना है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होने दी जाएगी और देश के लोगों को गैस या पेट्रोल को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है.
ताजा खबरें
About The Author
शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।