ऊदा देवी पासी की जयंती पर सपा कार्यालय में श्रद्धांजलि, वीरांगना के साहस को किया याद

ऊदा देवी पासी की जयंती पर सपा कार्यालय में श्रद्धांजलि, वीरांगना के साहस को किया याद
ऊदा देवी पासी की जयंती पर सपा कार्यालय में श्रद्धांजलि, वीरांगना के साहस को किया याद

मंगलवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय पर 1857 की क्रांति के दौरान 36 अंग्रेजों को मौत के घाट उतार देने वाली लखनऊ की शासक बेगम हजरत महल की सेना में महिला ब्रिगेड की सेनापति वीरांगना ऊदा देवी पासी को उनकी जयन्ती पर याद किया गया. सपा जिलाध्यक्ष और बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में सपा नेताओं, कार्यकर्ताओं ने वीरांगना ऊदा देवी पासी के चित्र पर माल्यार्पण के बाद उनके योगदान पर चर्चा किया.

बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि वीरांगना ऊदा देवी 1857 क्रांति की अमर सेनानी थीं. वे ब्लैकटाइग्रैस के नाम से लोकप्रिय थीं. प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन 1857 की क्रांति के दौरान लखनऊ की शासक बेगम हजरत महल की सेना में महिला ब्रिगेड की सेनापति वीरांगना ऊदा देवी पासी ने 36 अंग्रेजों को मौत के घाट उतार दिया था. उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा. सपा नेता मो. स्वाले, जावेद पिण्डारी, मो. सलीम, आर.डी. निषाद, गुलाबचन्द सोनकर आदि ने कहा कि  ऊदा देवी पासी स्वतंत्रता सेनानी थीं जिन्होंने 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीय सिपाहियों की ओर से युद्ध में भाग लिया था.

वह अवध के छठे नवाब वाजिद अली शाह के महिला दस्ते की सदस्य थीं. इस विद्रोह के समय हुई लखनऊ की घेराबंदी के समय लगभग 2000 भारतीय सिपाहियों के शरणस्थल सिकंदर बाग (लखनऊ) पर ब्रिटिश फौज ने हमला बोल दिया था. 16 नवंबर, 1857 को बाग में शरण लिए इन 2000 भारतीय सिपाहियों का ब्रिटिश फौज ने संहार कर दिया था. इस लड़ाई के दौरान ऊदा देवी पासी ने पुरुषों के वस्त्र धारण कर बंदूक और कुछ गोला बारूद लेकर एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गई थीं. उन्होने हमलावर ब्रिटिश सैनिकों को सिकंदर बाग में तब तक प्रवेश नहीं करने दिया था जब तक कि उनका गोला बारूद खत्म नहीं हो गया. 16 नवम्बर, 1857 को 32 अंग्रेज सैनिकों को मौत के घाट उतारकर वीरगति को प्राप्त हुईं.

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वीरांगना ऊदा देवी पासी को उनकी जयन्ती पर नमन् करने वालों में मुख्य रूप से अरविन्द सोनकर, संजय गौतम, जोखू लाल, राहुल सिंह, नितराम चौधरी, बदरूल हसन, युनुस आलम, जितेन्द्र यादव, अजय यादव, अभिषेक यादव, अनीस, रमेश कुमार गौतम, रहमान सिद्दीकी, रवि यादव, विशाल सोनकर, अंकित यादव, गौरीशंकर के साथ ही सपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे. 

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bhartiyabasti.com
30 Jun 2026 By Bhartiya Basti

ऊदा देवी पासी की जयंती पर सपा कार्यालय में श्रद्धांजलि, वीरांगना के साहस को किया याद

मंगलवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय पर 1857 की क्रांति के दौरान 36 अंग्रेजों को मौत के घाट उतार देने वाली लखनऊ की शासक बेगम हजरत महल की सेना में महिला ब्रिगेड की सेनापति वीरांगना ऊदा देवी पासी को उनकी जयन्ती पर याद किया गया. सपा जिलाध्यक्ष और बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में सपा नेताओं, कार्यकर्ताओं ने वीरांगना ऊदा देवी पासी के चित्र पर माल्यार्पण के बाद उनके योगदान पर चर्चा किया.

बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि वीरांगना ऊदा देवी 1857 क्रांति की अमर सेनानी थीं. वे ब्लैकटाइग्रैस के नाम से लोकप्रिय थीं. प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन 1857 की क्रांति के दौरान लखनऊ की शासक बेगम हजरत महल की सेना में महिला ब्रिगेड की सेनापति वीरांगना ऊदा देवी पासी ने 36 अंग्रेजों को मौत के घाट उतार दिया था. उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा. सपा नेता मो. स्वाले, जावेद पिण्डारी, मो. सलीम, आर.डी. निषाद, गुलाबचन्द सोनकर आदि ने कहा कि  ऊदा देवी पासी स्वतंत्रता सेनानी थीं जिन्होंने 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीय सिपाहियों की ओर से युद्ध में भाग लिया था.

वह अवध के छठे नवाब वाजिद अली शाह के महिला दस्ते की सदस्य थीं. इस विद्रोह के समय हुई लखनऊ की घेराबंदी के समय लगभग 2000 भारतीय सिपाहियों के शरणस्थल सिकंदर बाग (लखनऊ) पर ब्रिटिश फौज ने हमला बोल दिया था. 16 नवंबर, 1857 को बाग में शरण लिए इन 2000 भारतीय सिपाहियों का ब्रिटिश फौज ने संहार कर दिया था. इस लड़ाई के दौरान ऊदा देवी पासी ने पुरुषों के वस्त्र धारण कर बंदूक और कुछ गोला बारूद लेकर एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गई थीं. उन्होने हमलावर ब्रिटिश सैनिकों को सिकंदर बाग में तब तक प्रवेश नहीं करने दिया था जब तक कि उनका गोला बारूद खत्म नहीं हो गया. 16 नवम्बर, 1857 को 32 अंग्रेज सैनिकों को मौत के घाट उतारकर वीरगति को प्राप्त हुईं.

वीरांगना ऊदा देवी पासी को उनकी जयन्ती पर नमन् करने वालों में मुख्य रूप से अरविन्द सोनकर, संजय गौतम, जोखू लाल, राहुल सिंह, नितराम चौधरी, बदरूल हसन, युनुस आलम, जितेन्द्र यादव, अजय यादव, अभिषेक यादव, अनीस, रमेश कुमार गौतम, रहमान सिद्दीकी, रवि यादव, विशाल सोनकर, अंकित यादव, गौरीशंकर के साथ ही सपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे. 

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