खंडहर में जलती राधिका: एक रहस्य, जिसने बस्ती को झकझोर दिया

खंडहर में जलती राधिका: एक रहस्य, जिसने बस्ती को झकझोर दिया
Radhika burning in ruins: A mystery that shocked the colony

बस्ती जिले की एक खामोश सुबह उस वक्त हड़कंप में बदल गई जब शहर के एक खंडहर से उठते धुएं और बदबू ने सबका ध्यान खींचा। लेकिन जब लोग वहां पहुंचे, तो जो मंजर सामने आया, उसने रूह तक हिला दी।

कूड़े के ढेर में अधजला शव पड़ा था — एक महिला का। देखते ही लोगों की रूह कांप गई। वो कोई और नहीं, राधिका यादव थी — वही राधिका, जो कभी अपनी खुशियों के लिए, अपने परिवार के अच्छे भविष्य के लिए घर से निकली थी।

सलटोवा गांव की रहने वाली राधिका की शादी संत कबीर नगर में हुई थी। लेकिन घर की जिम्मेदारियां, जरूरतें और सपने उसे बस्ती ले आए। वो यहां एक घर में काम करती थी — राम प्रकाश गुप्ता के यहां। अभी कुछ ही दिन हुए थे काम शुरू किए, लेकिन किसी को क्या पता था कि इतनी जल्दी उसकी जिंदगी यूं राख में तब्दील हो जाएगी।

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भोर की वो भयावह सुबह

20 मई 2025, बुधवार। सुबह-सुबह पांडे बाजार के पास मौजूद एक सुनसान खंडहर से धुएं का गुब्बार उठा। साथ में उठी एक ऐसी बदबू जिसने वहां के लोगों को बेचैन कर दिया। किसी अनहोनी की आशंका से लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, तो जो देखा गया वो बेहद खौफनाक था — एक महिला का अधजला शव, पूरी तरह विकृत।

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पहचान मुश्किल थी, लेकिन कुछ ही समय में पुष्टि हो गई कि शव राम प्रकाश गुप्ता के घर काम करने वाली राधिका यादव का है।

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क्या हुआ राधिका के साथ?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राधिका वहां पहुंची कैसे? क्या वह खुद वहां गई थी? या किसी ने उसे जबरन वहां ले जाकर ये दरिंदगी की?

स्थानीय लोगों और पुलिस के मुताबिक, शव की हालत देखकर अंदेशा है कि उसे जिंदा जलाया गया हो सकता है। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि कुछ बहुत भयानक भी हो सकता है।

राम प्रकाश गुप्ता, जिनके घर राधिका काम करती थी, ने ही पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में दुर्घटना की आशंका बताई जा रही है, लेकिन परिस्थितियां और शव की हालत कुछ और ही इशारा कर रही हैं।

पुलिस की जांच और उम्मीदें

फिलहाल पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य इकट्ठा किए हैं। राधिका के परिवार से बातचीत की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ तौर पर कहा जा सकेगा कि राधिका की मौत कैसे हुई — क्या ये वाकई एक हादसा था या किसी ने उसे जिंदा जलाया?

पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वो जल्द ही इस केस का खुलासा करेंगे और राधिका को इंसाफ दिलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की है कि अगर किसी के पास कोई भी जानकारी हो — कोई सुराग, कोई हलकी-सी भनक भी — तो बिना किसी डर के पुलिस से साझा करें। पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

कब सुलझेगी ये गुत्थी?

हर कोई यही पूछ रहा है — आखिर कब खुलेगा इस रहस्य का पर्दा? कौन है वो जो राधिका को उस खंडहर तक लेकर गया? क्या यह कोई जान-पहचान वाला था या कोई अजनबी? और अगर ये हत्या है, तो आखिर वजह क्या थी? इस समय पूरा बस्ती जिला इस खबर से सकते में है। हर कोई यही चाहता है — सच सामने आए, राधिका को इंसाफ मिले। लेकिन तब तक, एक सवाल सबके मन में चुभता रहेगा — क्या सच में ये एक हादसा था... या एक साजिश, जो राख में बदल दी गई?

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
21 May 2025 By Akash Varun

खंडहर में जलती राधिका: एक रहस्य, जिसने बस्ती को झकझोर दिया

बस्ती जिले की एक खामोश सुबह उस वक्त हड़कंप में बदल गई जब शहर के एक खंडहर से उठते धुएं और बदबू ने सबका ध्यान खींचा। लेकिन जब लोग वहां पहुंचे, तो जो मंजर सामने आया, उसने रूह तक हिला दी।

कूड़े के ढेर में अधजला शव पड़ा था — एक महिला का। देखते ही लोगों की रूह कांप गई। वो कोई और नहीं, राधिका यादव थी — वही राधिका, जो कभी अपनी खुशियों के लिए, अपने परिवार के अच्छे भविष्य के लिए घर से निकली थी।

सलटोवा गांव की रहने वाली राधिका की शादी संत कबीर नगर में हुई थी। लेकिन घर की जिम्मेदारियां, जरूरतें और सपने उसे बस्ती ले आए। वो यहां एक घर में काम करती थी — राम प्रकाश गुप्ता के यहां। अभी कुछ ही दिन हुए थे काम शुरू किए, लेकिन किसी को क्या पता था कि इतनी जल्दी उसकी जिंदगी यूं राख में तब्दील हो जाएगी।

भोर की वो भयावह सुबह

20 मई 2025, बुधवार। सुबह-सुबह पांडे बाजार के पास मौजूद एक सुनसान खंडहर से धुएं का गुब्बार उठा। साथ में उठी एक ऐसी बदबू जिसने वहां के लोगों को बेचैन कर दिया। किसी अनहोनी की आशंका से लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, तो जो देखा गया वो बेहद खौफनाक था — एक महिला का अधजला शव, पूरी तरह विकृत।

पहचान मुश्किल थी, लेकिन कुछ ही समय में पुष्टि हो गई कि शव राम प्रकाश गुप्ता के घर काम करने वाली राधिका यादव का है।

क्या हुआ राधिका के साथ?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राधिका वहां पहुंची कैसे? क्या वह खुद वहां गई थी? या किसी ने उसे जबरन वहां ले जाकर ये दरिंदगी की?

स्थानीय लोगों और पुलिस के मुताबिक, शव की हालत देखकर अंदेशा है कि उसे जिंदा जलाया गया हो सकता है। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि कुछ बहुत भयानक भी हो सकता है।

राम प्रकाश गुप्ता, जिनके घर राधिका काम करती थी, ने ही पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में दुर्घटना की आशंका बताई जा रही है, लेकिन परिस्थितियां और शव की हालत कुछ और ही इशारा कर रही हैं।

पुलिस की जांच और उम्मीदें

फिलहाल पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य इकट्ठा किए हैं। राधिका के परिवार से बातचीत की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ तौर पर कहा जा सकेगा कि राधिका की मौत कैसे हुई — क्या ये वाकई एक हादसा था या किसी ने उसे जिंदा जलाया?

पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वो जल्द ही इस केस का खुलासा करेंगे और राधिका को इंसाफ दिलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की है कि अगर किसी के पास कोई भी जानकारी हो — कोई सुराग, कोई हलकी-सी भनक भी — तो बिना किसी डर के पुलिस से साझा करें। पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

कब सुलझेगी ये गुत्थी?

हर कोई यही पूछ रहा है — आखिर कब खुलेगा इस रहस्य का पर्दा? कौन है वो जो राधिका को उस खंडहर तक लेकर गया? क्या यह कोई जान-पहचान वाला था या कोई अजनबी? और अगर ये हत्या है, तो आखिर वजह क्या थी? इस समय पूरा बस्ती जिला इस खबर से सकते में है। हर कोई यही चाहता है — सच सामने आए, राधिका को इंसाफ मिले। लेकिन तब तक, एक सवाल सबके मन में चुभता रहेगा — क्या सच में ये एक हादसा था... या एक साजिश, जो राख में बदल दी गई?

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