बस्ती में CO सिटी ही नहीं निष्पक्ष? वकीलों ने SP से की कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता अजय चन्द्रा ने CO सिटी पर पद के दुरुपयोग और पक्षपात का लगाया आरोप
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर पाण्डेय, महामंत्री राजेश सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधि मण्डल ने शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता अजय चन्द्रा के प्रकरण में पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपा. मांग किया कि स्वतः संज्ञान लेकर इसका निस्तारण कराया जाय.
CO सिटी की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
एसपी को दिये पत्र में कहा गया है कि दीवानी वाद के लम्बित रहते तथा उभय पक्षों के बीच सुलह के बावजूद सीओ सदर सत्येन्द्र भूषण तिवारी अपने पद का दुरुपयोग करके चौकी इंचार्ज रौता को आदेशित करके अनावश्यक दबाव बना रहा रहे हैं.
पत्र में एडवोकेट अजय चन्द्रा ने कहा है कि वे उनका निवास रौता पुलिस चौकी के पास है.
उनका व पडोसियों के मध्य दीवानी वाद सं0 544/2014 सिविल कोर्ट बस्ती में लम्बित है. उभय पक्षों के मध्य सुलह भी हो चुकी है यह तय हुआ कि उनके मकान से सटे दक्षिण तरफ 56 इंच जमीन पर वे चबूतरा बना सकतें है और दुकान खोल सकते है. उसका टीन शेड भी लगवा सकते है, किन्तु छज्जा नहीं लगवा सकते. इससे पूर्व भी जब दुकान बन रही थी तो पडोसी बी०एन० सिंह के रिश्तेदार तत्कालीन सी०ओ० हरैयां संजय सिंह ने अपने पद का दुरूपयोग करके इसी सुलहनामें को मुद्दा बनाकर दुकान का छज्जा कटवा दिये थे क्योंकि सुलहनामें में स्पष्ट लिखा था कि टीन शेड लगवा सकते हैं.
किन्तु छज्जा नहीं निकाल सकतेष्पत्र में कहा गया है कि 3 अप्रैल को वे अपनी उसी दुकान पर सुलहनामें के अनुरूप टीन शेड लगवा रहे था लेकिन सी०ओ० सदर ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए रौता चौकी इंचार्ज को फोन करके टीन शेड रोकवा दिए और उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही का मौखिक आदेश दिया है. सी०ओ० सदर का यह कृत्य उनकी पद के गरिमा के विरूद्ध है. सी०ओ० सदर विगत कई वर्षों से इसी जनपद में इसी पद पर बने हुए है.
उनकी अधिवक्ता अजय चन्द्रा के पडोसियों बी०एन० सिंह, रामकेश चौधरी से अच्छी जान पहचान भी हो गई है जिसकी वजह से वह प्रायः उन्हें परेशान करते रहते है. उन्हें आशंका है कि सी०ओ० सदर इसी प्रकरण में अपने पद का दुरूपयोग करके किसी फर्जी मुकदमें में मुझे फंसा कर अनावश्यक चालान करवा सकते हैं. सी०ओ० सदर के इस कृत्य से उनकी छवि धूमिल हो रही है.
एसपी को पत्र देने के दौरान प्रतिनिधि मण्डल में अधिवक्ता अविनाश मिश्र शिव पाएडेय, रामप्रगट मिश्र सौरभ श्रीवास्तव, अरविन्द पाण्डेय , शारदा प्रसाद पाण्डेय, दयाशंकर नागेन्द्र मिश्र, संजय कुमार पाण्डेय आदि शामिल रहे.
बस्ती में CO सिटी ही नहीं निष्पक्ष? वकीलों ने SP से की कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता अजय चन्द्रा ने CO सिटी पर पद के दुरुपयोग और पक्षपात का लगाया आरोप
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमाशंकर पाण्डेय, महामंत्री राजेश सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधि मण्डल ने शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता अजय चन्द्रा के प्रकरण में पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपा. मांग किया कि स्वतः संज्ञान लेकर इसका निस्तारण कराया जाय.
CO सिटी की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
एसपी को दिये पत्र में कहा गया है कि दीवानी वाद के लम्बित रहते तथा उभय पक्षों के बीच सुलह के बावजूद सीओ सदर सत्येन्द्र भूषण तिवारी अपने पद का दुरुपयोग करके चौकी इंचार्ज रौता को आदेशित करके अनावश्यक दबाव बना रहा रहे हैं.
पत्र में एडवोकेट अजय चन्द्रा ने कहा है कि वे उनका निवास रौता पुलिस चौकी के पास है.
उनका व पडोसियों के मध्य दीवानी वाद सं0 544/2014 सिविल कोर्ट बस्ती में लम्बित है. उभय पक्षों के मध्य सुलह भी हो चुकी है यह तय हुआ कि उनके मकान से सटे दक्षिण तरफ 56 इंच जमीन पर वे चबूतरा बना सकतें है और दुकान खोल सकते है. उसका टीन शेड भी लगवा सकते है, किन्तु छज्जा नहीं लगवा सकते. इससे पूर्व भी जब दुकान बन रही थी तो पडोसी बी०एन० सिंह के रिश्तेदार तत्कालीन सी०ओ० हरैयां संजय सिंह ने अपने पद का दुरूपयोग करके इसी सुलहनामें को मुद्दा बनाकर दुकान का छज्जा कटवा दिये थे क्योंकि सुलहनामें में स्पष्ट लिखा था कि टीन शेड लगवा सकते हैं.
किन्तु छज्जा नहीं निकाल सकतेष्पत्र में कहा गया है कि 3 अप्रैल को वे अपनी उसी दुकान पर सुलहनामें के अनुरूप टीन शेड लगवा रहे था लेकिन सी०ओ० सदर ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए रौता चौकी इंचार्ज को फोन करके टीन शेड रोकवा दिए और उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही का मौखिक आदेश दिया है. सी०ओ० सदर का यह कृत्य उनकी पद के गरिमा के विरूद्ध है. सी०ओ० सदर विगत कई वर्षों से इसी जनपद में इसी पद पर बने हुए है.
उनकी अधिवक्ता अजय चन्द्रा के पडोसियों बी०एन० सिंह, रामकेश चौधरी से अच्छी जान पहचान भी हो गई है जिसकी वजह से वह प्रायः उन्हें परेशान करते रहते है. उन्हें आशंका है कि सी०ओ० सदर इसी प्रकरण में अपने पद का दुरूपयोग करके किसी फर्जी मुकदमें में मुझे फंसा कर अनावश्यक चालान करवा सकते हैं. सी०ओ० सदर के इस कृत्य से उनकी छवि धूमिल हो रही है.
एसपी को पत्र देने के दौरान प्रतिनिधि मण्डल में अधिवक्ता अविनाश मिश्र शिव पाएडेय, रामप्रगट मिश्र सौरभ श्रीवास्तव, अरविन्द पाण्डेय , शारदा प्रसाद पाण्डेय, दयाशंकर नागेन्द्र मिश्र, संजय कुमार पाण्डेय आदि शामिल रहे.
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About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है