कातिल आज़ाद घूम रहा… बस्ती पुलिस ने सवाल करने वाले को ही उठा लिया!
10 महीने से फेल बस्ती पुलिस, अब सच बोलने वालों पर कार्रवाई!
सोशल मीडिया पर सामाजिक कार्यकर्ता अभयदेव शुक्ल द्वारा लालगंज थाना क्षेत्र के सिद्धनाथ गांव में मासूम दलित बालिका के साथ हैवानियत और बेरहमी के साथ कत्ल मामले में पुलिस द्वारा अभी तक लगभग 10 माह बीत जाने के बाद भी मामले का खुलासा न किये जाने का मामला उठाना भारी पड़ गया.
हत्याकांड अनसुलझा, अब आवाज उठाने वालों पर सख्ती
शनिवार को लालगंज पुलिस ने अभयदेव शुक्ल को हिरासत में ले लिया. उन्हें जेल भेजने की नीयत से उप जिलाधिकारी सदर के कार्यालय तक लाया गया. इसकी भनक मिलते ही जब अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार मौके पर पहुंचे तो अभयदेव शुक्ल को जमानत मिल गयी. श्री शुक्ल ने कहा कि इस अमानवीय घटना के विरोध में उनका रचनात्मक आन्दोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मामले का खुलासा नहीं हो जाता. जरूरत पड़ी तो रथ यात्रा निकाली जायेगी. पुलिस ने अभयदेव शुक्ल के सोशल मीडिया पोस्ट को भी हटवा दिया है.
ज्ञात रहे कि लालगंज थाना क्षेत्र के सिद्धनाथ गांव में पांच साल की मासूम को अगवा कर हैवानियत के बाद उसका गला घोंट कर हत्या कर दी गई. मासूम का शव गांव के बाहर कब्रिस्तान के पास मिला था. शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे. मासूम के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच के दौरान 20 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ भी किया गया किन्तु अभी तक इस जघन्य हत्याकाण्ड का खुलासा नहीं किया है. अनेकों बार आन्दोलन भी हुआ किन्तु मामला अभी ठंडे बस्ते में है.
कातिल आज़ाद घूम रहा… बस्ती पुलिस ने सवाल करने वाले को ही उठा लिया!
10 महीने से फेल बस्ती पुलिस, अब सच बोलने वालों पर कार्रवाई!
सोशल मीडिया पर सामाजिक कार्यकर्ता अभयदेव शुक्ल द्वारा लालगंज थाना क्षेत्र के सिद्धनाथ गांव में मासूम दलित बालिका के साथ हैवानियत और बेरहमी के साथ कत्ल मामले में पुलिस द्वारा अभी तक लगभग 10 माह बीत जाने के बाद भी मामले का खुलासा न किये जाने का मामला उठाना भारी पड़ गया.
हत्याकांड अनसुलझा, अब आवाज उठाने वालों पर सख्ती
शनिवार को लालगंज पुलिस ने अभयदेव शुक्ल को हिरासत में ले लिया. उन्हें जेल भेजने की नीयत से उप जिलाधिकारी सदर के कार्यालय तक लाया गया. इसकी भनक मिलते ही जब अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार मौके पर पहुंचे तो अभयदेव शुक्ल को जमानत मिल गयी. श्री शुक्ल ने कहा कि इस अमानवीय घटना के विरोध में उनका रचनात्मक आन्दोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मामले का खुलासा नहीं हो जाता. जरूरत पड़ी तो रथ यात्रा निकाली जायेगी. पुलिस ने अभयदेव शुक्ल के सोशल मीडिया पोस्ट को भी हटवा दिया है.
ज्ञात रहे कि लालगंज थाना क्षेत्र के सिद्धनाथ गांव में पांच साल की मासूम को अगवा कर हैवानियत के बाद उसका गला घोंट कर हत्या कर दी गई. मासूम का शव गांव के बाहर कब्रिस्तान के पास मिला था. शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे. मासूम के पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच के दौरान 20 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ भी किया गया किन्तु अभी तक इस जघन्य हत्याकाण्ड का खुलासा नहीं किया है. अनेकों बार आन्दोलन भी हुआ किन्तु मामला अभी ठंडे बस्ते में है.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है