यूपी के बस्ती में इस सड़क का काम पूरा होने के बाद लगेगा टोल टैक्स, जानें- क्या हो सकता है रेट
Basti Ring Road:
बस्ती रिंग रोड सदर तहसील के ग्राम पंचायत बकैनियाद्वीप, बक्सर, बल्लीपट्टी, बनकटा, बरवनियां, बायपोखर, बेलवाडाड़, भदेश्वरनाथ, भटहा, देवराव खास, देवरिया, डीघा, गोटवा, कड़रखास, कटया, खुटहन, कोपवा, कोपिया, मछिया, निविया, नौगढ़, ओठगनपुर कला, पचौरा, परसाजाफर, परसा डफाली, परसादपुर, पिपरा मेघउ, पोखरभिटवा, पुरैना, राजा चक, राजाजोत, रिठौली, सबदेइया कला, समसपुर व सेखुई समेत कई ग्राम पंचायत शामिल हैं.
कहां बनेगा टोल प्लाजा?
इन सबके बीच बड़ी खबर यह है कि इस रिंग रोड पर सफर करने वालों को टोल टैक्स भी देना होगा. कटया गांव के पास टोल प्लाजा बनाना तय किया गया है. इसके लिए 60 मीटर चौड़ी जमीन अधिग्रहित की गई है. अब अगर बात इसकी करें कि कितना टोल लग सकता है तो एनएचएआई के अनुसार, किसी भी बूथ पर कर निश्चित होना चाहिए और सभी के लिए समान होना चाहिए. लगाए जाने वाले कर की राशि या दर वाहन के प्रकार, यात्रा की गई दूरी और दिन के समय के अनुसार निर्धारित की जानी चाहिए.
मुआवजा बंटवारे की बात करें तो बीते दिनों डीएम रवीश कुमार ने कहा था कि हर रोड 25 से 30 किसानों को मुआवजा बांटा जा रहा है. जांच के बाद ही मुआवजा दिया जा रहा है. ताकि बाद में कोई इशू न हो. पूरी कोशिश है कि जल्द से जल्द जमीन अधिग्रहण हो जाए और काम में तेजी आए.
यह भी पढ़ें: SI भर्ती परीक्षा विवाद: लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश, पेट्रोल पंप पर दीपक शर्मा ने खुद पर डाला डीजलजानकारी के अनुसार कुल 54 गांवों में मुआवजा बंटना है. इसमें से 20 में बंट चुका है और 34 में बाकी है. जानकारों की मानें तो अगर सब कुछ सही रहा तो अगले साल मई 2025 तक रिंग रोड बनकर तैयार हो जाएगा. जिस रूट से रिंग रोड गुजरना है वहां पिलरिंग काम हो गया है और टेंडरिंग भी हो गई है.
यूपी के बस्ती में इस सड़क का काम पूरा होने के बाद लगेगा टोल टैक्स, जानें- क्या हो सकता है रेट
Basti Ring Road:
Basti Ring Road: उत्तर प्रदेश स्थित बस्ती में निर्माणाधीन रिंग रोड के लिए अभी जमीनों का अधिग्रहण का काम चल रहा है और मुआवजा भी बंटने का क्रम जारी है. हालांकि यह निर्माण अपने डेडलाइन से पीछे रह गया है. बस्ती रिंग रोड गोटवा बाजार से हड़िया चौराहे होते हुए फिर उसी स्थान पर जाकर खत्म होगी. पहले फेज में सड़क की लंबाई 22.15 किलोमीटर है.इसमें 22 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण होना है. इसके लिए 45 मीटर चौड़ाई में जमीनों का अधिग्रहण होगा. कुछ जगहों पर जहां पुल, कांप्लेक्स, पार्किंग, टोल प्लाजा आदि का निर्माण प्रस्तावित है वहां 60 मीटर चौड़ी जमीन अधिग्रहित की जाएगी. पहले फेज में 111 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित होगी. जमीनों के मुआवजा समेत सड़क की कुल लागत 1138.32 करोड़ रुपये निर्धारित है.
बस्ती रिंग रोड सदर तहसील के ग्राम पंचायत बकैनियाद्वीप, बक्सर, बल्लीपट्टी, बनकटा, बरवनियां, बायपोखर, बेलवाडाड़, भदेश्वरनाथ, भटहा, देवराव खास, देवरिया, डीघा, गोटवा, कड़रखास, कटया, खुटहन, कोपवा, कोपिया, मछिया, निविया, नौगढ़, ओठगनपुर कला, पचौरा, परसाजाफर, परसा डफाली, परसादपुर, पिपरा मेघउ, पोखरभिटवा, पुरैना, राजा चक, राजाजोत, रिठौली, सबदेइया कला, समसपुर व सेखुई समेत कई ग्राम पंचायत शामिल हैं.
कहां बनेगा टोल प्लाजा?
इन सबके बीच बड़ी खबर यह है कि इस रिंग रोड पर सफर करने वालों को टोल टैक्स भी देना होगा. कटया गांव के पास टोल प्लाजा बनाना तय किया गया है. इसके लिए 60 मीटर चौड़ी जमीन अधिग्रहित की गई है. अब अगर बात इसकी करें कि कितना टोल लग सकता है तो एनएचएआई के अनुसार, किसी भी बूथ पर कर निश्चित होना चाहिए और सभी के लिए समान होना चाहिए. लगाए जाने वाले कर की राशि या दर वाहन के प्रकार, यात्रा की गई दूरी और दिन के समय के अनुसार निर्धारित की जानी चाहिए.
मुआवजा बंटवारे की बात करें तो बीते दिनों डीएम रवीश कुमार ने कहा था कि हर रोड 25 से 30 किसानों को मुआवजा बांटा जा रहा है. जांच के बाद ही मुआवजा दिया जा रहा है. ताकि बाद में कोई इशू न हो. पूरी कोशिश है कि जल्द से जल्द जमीन अधिग्रहण हो जाए और काम में तेजी आए.
जानकारी के अनुसार कुल 54 गांवों में मुआवजा बंटना है. इसमें से 20 में बंट चुका है और 34 में बाकी है. जानकारों की मानें तो अगर सब कुछ सही रहा तो अगले साल मई 2025 तक रिंग रोड बनकर तैयार हो जाएगा. जिस रूट से रिंग रोड गुजरना है वहां पिलरिंग काम हो गया है और टेंडरिंग भी हो गई है.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है