यूपी के बस्ती में सात ठेले वालों पे 3200 रुपए का जुर्माना, अधिकारियों ने पहले से दी थी चेतावनी, किया अतिक्रमण तो होगा मुकदमा
Basti News

उत्तर प्रदेश में स्थित बस्ती जिले में बीते शुक्रवार 30 अगस्त को एसडीएम के द्वारा निर्देश देने पर गठित राजस्व और नगर पंचायत कर्मियों की टीम अतिक्रमण हटवाने के लिए निकल गई। कर्मियों द्वारा अंजहिया गली और सब्जी मंडी के साथ-साथ सड़कों पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा किए गए लोगों पर सख्त से सख्त कार्यवाही के साथ ही अतिक्रमण को हटवा दिया गया है। सड़कों पर नाली के बाहर बढ़ाकर बनाए गए दुकानों और रखे गए सामानों को जेसीबी की सहायता से हटवा दिया गया है। इसके अलावा, जो सड़कों पर ठेले लगाकर रास्तों पर कब्जा किए हुए थे उन पर ₹3200 का जुर्माना लगाया गया है।
अवैध रूप से खोले गए दुकानों और सड़कों के आगे नालियों से बढ़कर बनाए गए दुकानों को हटवाने के लिए माइक के जरिए लोगों को चेतावनी दी गई थी, परंतु लोगों ने इसे मामूली चेतावनी समझकर ध्यान नहीं दिया। परंतु शुक्रवार को जब जेसीबी के साथ नायब तहसीलदार शौकत अली और ईओ संजय कुमार राव पुलिस टीम के साथ अंजहिया बाजार पहुंचे तो दुकानदारों में हलचल मच गई।
इसके पश्चात, 4 घंटे तक वहां पर हलचल मची रही। अधिशासी अधिकारी संजय राव ने इस विषय पर कहा है कि "सड़कों पर ठेला लगाकर रास्ता जाम करने वाले सात लोगों से ₹3200 का जुर्माना लिया गया है। नगर पंचायत की टीम अभी भी अतिक्रमणकारियों पर ध्यान दे रही है। परंतु इसके बाद भी अगर कोई अतिक्रमण करते हुए पकड़ा गया तो उस पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।"
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वागार्थ सांकृत्यायन
संपादक, भारतीय बस्ती
वागार्थ सांकृत्यायन एक प्रतिबद्ध और जमीनी सरोकारों से जुड़े पत्रकार हैं, जो पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। भारतीय बस्ती के संपादक के रूप में वे खबरों को सिर्फ़ घटनाओं की सूचना तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उनके सामाजिक और मानवीय पक्ष को भी उजागर करते हैं।
उन्होंने भारतीय बस्ती को एक मिशन के रूप में विकसित किया है—जिसका उद्देश्य है गांव, कस्बे और छोटे शहरों की अनसुनी आवाज़ों को मुख्यधारा की मीडिया तक पहुंचाना। उत्तर प्रदेश की राजनीति, समाज और संस्कृति पर उनकी विशेष पकड़ है, जो खबरों को गहराई और विश्वसनीयता प्रदान करती है