UP में सड़क का घटिया निर्माण! करोड़ों की सड़क हाथ से ही उखड़ रही, वीडियो वायरल

Uttar Pradesh News

UP में सड़क का घटिया निर्माण! करोड़ों की सड़क हाथ से ही उखड़ रही, वीडियो वायरल
UP में सड़क का घटिया निर्माण! करोड़ों की सड़क हाथ से ही उखड़ रही, वीडियो वायरल

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना को हरी झंडी दिखाई थी. लेकिन इसके कुछ समय बाद ही उस मार्ग पर एक जगह गड्ढा हो गया, जिससे निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. इसी बीच पीलीभीत से भी सड़क निर्माण से जुड़ा एक और मामला सामने आया है.

पीलीभीत में करोड़ों की सड़क पर उठे सवाल

पीलीभीत जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि सड़क की परत हाथ से ही निकल रही है. वीडियो में ऐसा लग रहा है मानो सड़क नहीं बल्कि किसी ने ऊपर से सिर्फ एक चादर बिछा दी हो, जिसे हल्का सा खींचने पर ही पूरी परत उखड़ जाती है.

शेरपुर मकरंदपुर से चंदूइया कॉलोनी तक बना था मार्ग

बताया जा रहा है कि यह सड़क शेरपुर मकरंदपुर से चंदूइया कॉलोनी तक बनाई गई थी. इस मार्ग के साथ आसपास की दो अन्य सड़कों का निर्माण भी करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया था. लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद इन सड़कों की परत उखड़ने लगी, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है.

ठेकेदार और अफसरों पर मिलीभगत के आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में भारी अनियमितता हुई है. आरोप लगाया जा रहा है कि PWD विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार के बीच मिलीभगत से घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया. बताया जा रहा है कि इस परियोजना में XEN राजेश और ठेकेदार सुरेन्द्र का नाम भी है, लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. 

On

About The Author

Vikas kumar Picture

विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है