UGC के नए नियमों के विरोध में मेधा का अनिश्चितकालीन धरना, बोले दीन दयाल त्रिपाठी- वापस लेना होगा नियम
मंगलवार को यूजीसी के नये नियमों को वापस लिये जाने की मांग को लेकर मेधा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी के नेतृत्व में गांधी कला भवन के स्थित बापू प्रतिमा के निकट अनिश्चितकालीन धरना दिया. धरने के दूसरे दिन मेधा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी ने कहा कि जब तक यूजीसी का भेदभाव पैदा करने वाला कानून वापस नहीं लिया जाता मेधा का चरणबद्ध आन्दोलन जारी रहेगा. चुनावी लाभ के लिये छात्रों को जाति, वर्ग में बांट देने का षड़यंत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा. उन्होने कहा कि जंतर-मन्तर के साथ ही देश के अनेक हिस्सों में अपनी जायज मांगों को लेकर आन्दोलन करने वाले छात्र-छात्राओं पर दर्ज मनगढन्त मुकदमों को वापस लिया जाय.
मांग किया कि छात्रों पर पैलेट गन, ए.के. 47 चलाने वाले दोषी पुलिस कर्मियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाय. श्री तिवारी ने कहा कि शिक्षा के बाजारीकरण, पेपर लीक, सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर नयी पीढी जाग गयी है. सरकार उनकी मांगों को सुने और प्राथमिकता से निस्तारण कराये. उन्होने दशमोत्तर कक्षाओं की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई को शत प्रतिशत कराने की मांग किया. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा उच्च शिक्षा परिसरों में असमानता को बढ़ावा देने संबंधी नए नियमों के विरोध में आयोजित धरने में वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी का यह निर्णय छात्रों को जातियों में बांटने वाला है जो खतरनाक है. सरकार इसे वापस ले.
बापू प्रतिमा के निकट अनिश्चितकालीन धरने के दूसरे दिन मुख्य रूप से उमेश पाण्डेय ‘मुन्ना’, सन्तोष शुक्ल, सुनील भट्ट, भूनेश पाल, विपुल सिंह, गोेवन्द मिश्र आदि शामिल रहे.
UGC के नए नियमों के विरोध में मेधा का अनिश्चितकालीन धरना, बोले दीन दयाल त्रिपाठी- वापस लेना होगा नियम
मंगलवार को यूजीसी के नये नियमों को वापस लिये जाने की मांग को लेकर मेधा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी के नेतृत्व में गांधी कला भवन के स्थित बापू प्रतिमा के निकट अनिश्चितकालीन धरना दिया. धरने के दूसरे दिन मेधा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीन दयाल त्रिपाठी ने कहा कि जब तक यूजीसी का भेदभाव पैदा करने वाला कानून वापस नहीं लिया जाता मेधा का चरणबद्ध आन्दोलन जारी रहेगा. चुनावी लाभ के लिये छात्रों को जाति, वर्ग में बांट देने का षड़यंत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा. उन्होने कहा कि जंतर-मन्तर के साथ ही देश के अनेक हिस्सों में अपनी जायज मांगों को लेकर आन्दोलन करने वाले छात्र-छात्राओं पर दर्ज मनगढन्त मुकदमों को वापस लिया जाय.
मांग किया कि छात्रों पर पैलेट गन, ए.के. 47 चलाने वाले दोषी पुलिस कर्मियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाय. श्री तिवारी ने कहा कि शिक्षा के बाजारीकरण, पेपर लीक, सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर नयी पीढी जाग गयी है. सरकार उनकी मांगों को सुने और प्राथमिकता से निस्तारण कराये. उन्होने दशमोत्तर कक्षाओं की छात्रवृत्ति और फीस भरपाई को शत प्रतिशत कराने की मांग किया. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा उच्च शिक्षा परिसरों में असमानता को बढ़ावा देने संबंधी नए नियमों के विरोध में आयोजित धरने में वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी का यह निर्णय छात्रों को जातियों में बांटने वाला है जो खतरनाक है. सरकार इसे वापस ले.
बापू प्रतिमा के निकट अनिश्चितकालीन धरने के दूसरे दिन मुख्य रूप से उमेश पाण्डेय ‘मुन्ना’, सन्तोष शुक्ल, सुनील भट्ट, भूनेश पाल, विपुल सिंह, गोेवन्द मिश्र आदि शामिल रहे.
ताजा खबरें
About The Author
भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है