यूपी के दो जिलों में मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, बनेंगे रिंग रोड, आगरा में बनेगा नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर, जानें- रूट
Agra-Gwalior National High Speed Corridor
Kanpur Ring Road
Ayodhya Ring Road
Ayodhya Ring Road: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को 50,000 करोड़ रुपये की लागत से कुल 936 किलोमीटर लंबी आठ राष्ट्रीय हाई-स्पीड सड़क गलियारा परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिसमें राम मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए अयोध्या के लिए 4-लेन रिंग रोड , कानपुर के लिए 6 लेन का रिंगरोड कानपुर और आगरा-ग्वालियर नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर शामिल है.
आइए यहां जानते हैं कानपुर, अयोध्या और आगरा को मिले तोहफों के बारे विस्तार में
6 लेन वाला Agra-Gwalior National High Speed Corridor:
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर की लंबाई 88 किलोमीटर है और इसे निर्माण-परिचालन-हस्तांतरण (बीओटी) मोड में 4,613 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत से 6 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा. यह परियोजना उत्तर दक्षिण कॉरिडोर (श्रीनगर-कन्याकुमारी) के आगरा-ग्वालियर खंड पर यातायात क्षमता को 2 गुना से अधिक बढ़ाने के लिए मौजूदा 4 लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का पूरक होगी. यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों (जैसे, ताजमहल, आगरा किला आदि) और मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों (जैसे, ग्वालियर किला आदि) से कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा. यह आगरा और ग्वालियर के बीच की दूरी को 7 प्रतिशत और यात्रा समय को 50 प्रतिशत तक कम कर देगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में काफी कमी आएगी.
यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh Panchayat Chunav: चुनाव पर सस्पेंस जारी, योगी सरकार के मंत्री बोले- कोर्ट के आदेश का इंतजार6 लेन वाला यह नया आगरा-ग्वालियर राजमार्ग उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में डिजाइन किलोमीटर 0.000 (आगरा जिले में देवरी गांव के पास) से शुरू होकर डिजाइन किलोमीटर 88-400 (ग्वालियर जिले में सुसेरा गांव के पास) तक बनाया जाएगा. इसमें एनएच-44 के मौजूदा आगरा-ग्वालियर खंड पर ओवरले/ सुदृढ़ीकरण के अलावा अन्य सड़क सुरक्षा एवं सुधार कार्य शामिल होंगे.
6 लेन वाला Kanpur Ring Road
कानपुर रिंग रोड के 47 किलोमीटर लंबे 6 लेन वाले इस एक्सेस-कंट्रोल्ड खंड को इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) मोड में विकसित किया जाएगा. इसकी कुल पूंजीगत लागत 3,298 करोड़ रुपये होगी. यह खंड कानपुर के चारों ओर 6 लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग रिंग को पूरा करेगा. यह रिंग रोड प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों, जैसे एनएच 19- स्वर्णिम चतुर्भुज, एनएच 27- ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर, एरएच 34 और आगामी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे एवं गंगा एक्सप्रेसवे पर लंबी दूरी के यातायात को शहर की ओर जाने वाले यातायात से अलग करने में समर्थ बनाएगा. इससे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच माल ढुलाई के लिए लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार होगा.
यह छह लेन वाला नया कानपुर रिंग रोड एयरपोर्ट लिंक रोड (लंबाई 1.45 किलोमीटर) के साथ डिजाइन चेनेज 23+325 से शुरू होकर डिजाइन चेनेज 68+650 (लंबाई 46.775 किलोमीटर) पर खत्म होगा.
4 लेन वाला Ayodhya Ring Road:
करीब 68 किलोमीटर लंबे 4 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड अयोध्या रिंग रोड को हाइब्रिड एन्युटी मोड (एचएएम) में विकसित किया जाएगा. इसकी कुल पूंजी लागत 3,935 करोड़ रुपये होगी. यह रिंग रोड शहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों, जैसे एनएच 27 (ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर), एनएच 227 ए, एनएच 227 बी, एनएच 330, एनएच 330 ए और एनएच 135 ए पर भीड़भाड़ को कम करेगा. ससे राम मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों की आवाजाही तेज होगी. यह रिंग रोड लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या हवाई अड्डा और शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों से आने वाले राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को निर्बाध कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगा.
इसके अलावा कैबिनेट ने गुजरात में थराद और अहमदाबाद के बीच 214 किलोमीटर लंबे छह लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर को भी मंजूरी दे दी है, जो अमृतसर को जामनगर और दिल्ली से जोड़ने वाले अन्य दो प्रमुख राष्ट्रीय कॉरिडोर और मुंबई एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इससे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले मालवाहक वाहनों को महाराष्ट्र के प्रमुख बंदरगाहों जैसे जेएनपीटी और हाल ही में स्वीकृत वधावन बंदरगाह तक निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी.
गुवाहाटी को 5,729 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत से विकसित किया जाने वाला 121 किलोमीटर लंबा बाईपास भी मिलेगा. परियोजना के हिस्से के रूप में ब्रह्मपुत्र नदी पर एक प्रमुख पुल भी बनाया जाएगा. एक सरकारी प्रेस बयान में कहा गया है कि यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग 27 (या ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर) पर चलने वाले लंबी दूरी के यातायात को निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी, जो उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार है, यह सिलीगुड़ी, सिलचर, शिलांग और तेजपुर जैसे प्रमुख शहरों को भी जोड़ेगा. आगरा को एक राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर मिलेगा जो इसे ग्वालियर से जोड़ेगा. इसकी लंबाई 88 किलोमीटर होगी और इसे 4,613 करोड़ रुपये की पूंजी लागत से विकसित किया जाएगा.
यूपी के दो जिलों में मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, बनेंगे रिंग रोड, आगरा में बनेगा नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर, जानें- रूट
Agra-Gwalior National High Speed Corridor <br> Kanpur Ring Road <br> Ayodhya Ring Road
Ayodhya Ring Road: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को 50,000 करोड़ रुपये की लागत से कुल 936 किलोमीटर लंबी आठ राष्ट्रीय हाई-स्पीड सड़क गलियारा परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिसमें राम मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए अयोध्या के लिए 4-लेन रिंग रोड , कानपुर के लिए 6 लेन का रिंगरोड कानपुर और आगरा-ग्वालियर नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर शामिल है.
आइए यहां जानते हैं कानपुर, अयोध्या और आगरा को मिले तोहफों के बारे विस्तार में
6 लेन वाला Agra-Gwalior National High Speed Corridor:
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर की लंबाई 88 किलोमीटर है और इसे निर्माण-परिचालन-हस्तांतरण (बीओटी) मोड में 4,613 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत से 6 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा. यह परियोजना उत्तर दक्षिण कॉरिडोर (श्रीनगर-कन्याकुमारी) के आगरा-ग्वालियर खंड पर यातायात क्षमता को 2 गुना से अधिक बढ़ाने के लिए मौजूदा 4 लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग का पूरक होगी. यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों (जैसे, ताजमहल, आगरा किला आदि) और मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों (जैसे, ग्वालियर किला आदि) से कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा. यह आगरा और ग्वालियर के बीच की दूरी को 7 प्रतिशत और यात्रा समय को 50 प्रतिशत तक कम कर देगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में काफी कमी आएगी.
6 लेन वाला यह नया आगरा-ग्वालियर राजमार्ग उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में डिजाइन किलोमीटर 0.000 (आगरा जिले में देवरी गांव के पास) से शुरू होकर डिजाइन किलोमीटर 88-400 (ग्वालियर जिले में सुसेरा गांव के पास) तक बनाया जाएगा. इसमें एनएच-44 के मौजूदा आगरा-ग्वालियर खंड पर ओवरले/ सुदृढ़ीकरण के अलावा अन्य सड़क सुरक्षा एवं सुधार कार्य शामिल होंगे.
6 लेन वाला Kanpur Ring Road
कानपुर रिंग रोड के 47 किलोमीटर लंबे 6 लेन वाले इस एक्सेस-कंट्रोल्ड खंड को इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) मोड में विकसित किया जाएगा. इसकी कुल पूंजीगत लागत 3,298 करोड़ रुपये होगी. यह खंड कानपुर के चारों ओर 6 लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग रिंग को पूरा करेगा. यह रिंग रोड प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों, जैसे एनएच 19- स्वर्णिम चतुर्भुज, एनएच 27- ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर, एरएच 34 और आगामी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे एवं गंगा एक्सप्रेसवे पर लंबी दूरी के यातायात को शहर की ओर जाने वाले यातायात से अलग करने में समर्थ बनाएगा. इससे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच माल ढुलाई के लिए लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार होगा.
यह छह लेन वाला नया कानपुर रिंग रोड एयरपोर्ट लिंक रोड (लंबाई 1.45 किलोमीटर) के साथ डिजाइन चेनेज 23+325 से शुरू होकर डिजाइन चेनेज 68+650 (लंबाई 46.775 किलोमीटर) पर खत्म होगा.
4 लेन वाला Ayodhya Ring Road:
करीब 68 किलोमीटर लंबे 4 लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड अयोध्या रिंग रोड को हाइब्रिड एन्युटी मोड (एचएएम) में विकसित किया जाएगा. इसकी कुल पूंजी लागत 3,935 करोड़ रुपये होगी. यह रिंग रोड शहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों, जैसे एनएच 27 (ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर), एनएच 227 ए, एनएच 227 बी, एनएच 330, एनएच 330 ए और एनएच 135 ए पर भीड़भाड़ को कम करेगा. ससे राम मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों की आवाजाही तेज होगी. यह रिंग रोड लखनऊ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या हवाई अड्डा और शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों से आने वाले राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को निर्बाध कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगा.
इसके अलावा कैबिनेट ने गुजरात में थराद और अहमदाबाद के बीच 214 किलोमीटर लंबे छह लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर को भी मंजूरी दे दी है, जो अमृतसर को जामनगर और दिल्ली से जोड़ने वाले अन्य दो प्रमुख राष्ट्रीय कॉरिडोर और मुंबई एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इससे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले मालवाहक वाहनों को महाराष्ट्र के प्रमुख बंदरगाहों जैसे जेएनपीटी और हाल ही में स्वीकृत वधावन बंदरगाह तक निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी.
गुवाहाटी को 5,729 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत से विकसित किया जाने वाला 121 किलोमीटर लंबा बाईपास भी मिलेगा. परियोजना के हिस्से के रूप में ब्रह्मपुत्र नदी पर एक प्रमुख पुल भी बनाया जाएगा. एक सरकारी प्रेस बयान में कहा गया है कि यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग 27 (या ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर) पर चलने वाले लंबी दूरी के यातायात को निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी, जो उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार है, यह सिलीगुड़ी, सिलचर, शिलांग और तेजपुर जैसे प्रमुख शहरों को भी जोड़ेगा. आगरा को एक राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर मिलेगा जो इसे ग्वालियर से जोड़ेगा. इसकी लंबाई 88 किलोमीटर होगी और इसे 4,613 करोड़ रुपये की पूंजी लागत से विकसित किया जाएगा.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है