UP Electricity Bill: मार्च में बिजली बिल होगा हल्का, 141 करोड़ की राहत सीधे उपभोक्ताओं को
दिसंबर 2025 के मुकाबले नई दरें लागू
फरवरी में 10% वसूली पर उठे थे सवाल
यह ध्यान देने योग्य है कि फरवरी महीने में उपभोक्ताओं से 10% फ्यूल सरचार्ज वसूलने के आदेश का राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विरोध किया था. परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस विषय को नियामक आयोग में चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी.
इस याचिका के बाद नियामक आयोग पूरे प्रकरण की जांच में जुटा हुआ है. परिषद का कहना है कि फरवरी में की गई अधिक वसूली के खिलाफ आवाज आगे भी उठाया जाएगा.
जानकारी के अनुसार, साल 2025-26 के लिए विद्युत नियामक आयोग ने औसत बिलिंग दर (एबीआर) 6.36 रुपये प्रति यूनिट निश्चित की थी. लेकिन टैरिफ आदेश जारी होने में देरी होने के कारण पावर कॉरपोरेशन पुराने औसत बिलिंग दर 6.14 रुपये प्रति यूनिट के आधार पर ही ईंधन अधिभार की गणना करता रहा.इसी अंतर को लेकर उपभोक्ता संगठनों ने आपत्ति जताई थी और पारदर्शिता की मांग की थी.
उपभोक्ता हित में फैसले की उम्मीद
परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि उन्हें भरोसा है कि नियामक आयोग इस मामले में उपभोक्ताओं के पक्ष में निर्णय देगा. उनका दावा है कि यदि फरवरी की वसूली में कोई ग़लती पाई जाती है तो उपभोक्ताओं को उसका लाभ अवश्य मिलना चाहिए. वर्तमान में मार्च में सरचार्ज दरों में कमी से राहत जरूर मिली है, लेकिन फरवरी की वसूली को लेकर अंतिम निर्णय अभी बाकी है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।