यूपी के इस रेलवे स्टेशन पर अब रुकेगी यह वंदे भारत
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यात्रियों को मिलेगी सुविधा, स्पेशल ट्रेन
लखनऊ-छपरा वंदे भारत स्पेशल ट्रेन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी तेज़ गति है। यह ट्रेन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और इसकी उच्च गति के कारण यात्री कम समय में अपनी मंजिल तक पहुँच सकते हैं। इस ट्रेन में सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। वंदे भारत ट्रेन में पूरी तरह से सुरक्षित तकनीकी उपकरण और ट्रेन की स्वचालित ब्रेकिंग प्रणाली से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। गर्मी में यात्रियों की सुविधा को देखते हुए लखनऊ-छपरा 02269/2270 वंदे भारत स्पेशल ट्रेन का संचालन होगा। 27 मार्च से 26 अप्रैल तक यह ट्रेन दोनों दिशाओं में वाराणसी कैंट स्टेशन पर रुकेगी। सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि 02270 वंदे भारत स्पेशल लखनऊ स्टेशन से दोपहर 2.15 बजे खुलेगी। वंदे भारत ट्रेन में यात्रियों को कई आधुनिक सुविधाएँ मिलेंगी। इसमें जलवायु नियंत्रण ;एयर कंडीशनिंग आरामदायक सीटें वाई.फाई एलईडी स्क्रीन और मोबाइल चार्जिंग पोर्ट जैसी सुविधाएँ होंगी। इसके अलावा ट्रेन में यात्रियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। यह सुविधाएँ विशेष रूप से लंबे सफर के दौरान यात्रियों को आराम देने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।
कैंट स्टेशन होकर गुजरेगी वंदे भारत
वंदे भारत ट्रेन में यात्रियों के खानपान का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसमें यात्रियों को स्वादिष्ट और ताजे भोजन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि यात्रियों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न हो। शाम 4.05 बजे सुलतानपुर, 6.20 बजे वाराणसी कैंट, 7.33 बजे गाजीपुर सिटी, 8.23 बजे बलिया, 8.55 बजे सुरेमनपुर और रात 9.30 बजे छपरा पहुंचेगी। उधर, छपरा स्टेशन से 02269 वंदे भारत स्पेशल रात 11 बजे खुलेगी। सुरेमनपुर में 11.35 बजे, 12.05 बजे बलिया, 12.50 बजे गाजीपुर सिटी, 2.30 बजे वाराणसी कैंट, 4.48 बजे सुलतानपुर और सुबह 6.30 बजे लखनऊ पहुंचेगी। वंदे भारत ट्रेन का डिज़ाइन इस तरह से किया गया है कि यह पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुँचाए। यह ट्रेन ऊर्जा दक्षता में भी बेहतरीन हैए जो कम ऊर्जा का उपयोग करके अधिक गति हासिल करती है। इसके कारण यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल है और भारतीय रेलवे की ष्सस्टेनेबल मोबिलिटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।