यूपी में इस जिले में रेलवे लाइन के ऊपर से गुजरेगा यह एक्सप्रेस-वे
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे जो मेरठ से प्रयागराज तक फैला है. अपने निर्माण कार्य में तेजी से प्रगति कर रहा है. इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य राज्य के विभिन्न हिस्सों को जोड़कर यातायात और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है.
Ganga Expressway के निर्माण में तेजी
वर्तमान में एक्सप्रेसवे को छह लेन का बनाया जा रहा है. लेकिन भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित करने की योजना है. इसके लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जारी है. ताकि भविष्य में बढ़ते यातायात को सुगम बनाया जा सके. कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर सोनिक स्टेशन के पास से निकल रहे गंगा एक्सप्रेस के लिए रेलवे लाइन के ऊपर पुल निर्माण के बाद उसमें स्टील गर्डर रखने का काम हो रहा है. गुरुवार को रेलवे से मिले ढाई घंटे के ब्लाक में एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था द्वारा पुल पर पांच गर्डर रखे गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है अपडेट के अनुसार परियोजना की समयसीमा जनवरी 2025 तक बढ़ाई गई है.
डायवर्जन प्वाइंट पर बुधवार को पुलिस ने वाहनों को धीमी गति से निकलने के लिए अनाउंसमेंट के जरिए सचेत किया। कहा कि यदि आप आगरा से लखनऊ जा रहे हैं तो बेहद सावधान रहें. डायवर्जन प्वाइंट के पास गति को धीमा रखें. जरा सी असावधानी जान जोखिम में डाल सकती है. जहां से वाहनों का डायवर्जन किया गया है, वहां बड़े-बड़े संकेतक लगाए गए हैं. डेढ़ किमी की परिधि में वाहनों को लखनऊ की लेन से ही निकाला जा रहा है. हादसा न हो इसके लिए एसपी दीपक भूकर के निर्देश पर बेहटामुजावर पुलिस के अलावा ट्रैफिक पुलिस एक्सप्रेसवे पर आवागमन करने वाले वाहन चालकों को अनाउंसमेट के जरिए सचेत कर रही है.
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गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा समय में कमी व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि और समग्र आर्थिक विकास की उम्मीद है. निर्माण कार्य की वर्तमान गति और योजनाओं के अनुसार यह परियोजना जल्द ही राज्यवासियों और पर्यटकों के लिए उपलब्ध होगी. वहीं उन्नाव में शादीपुर गांव के पास किमी संख्या 252 पर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे निकाला जा रहा है. इसके लिए पुल का निर्माण चल रहा है. निर्माण में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए डेढ़ किमी दूरी तक वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया है.
यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh Panchayat Chunav: चुनाव पर सस्पेंस जारी, योगी सरकार के मंत्री बोले- कोर्ट के आदेश का इंतजारगंगा एक्सप्रेसवे के इंजीनियर संजीव तिवारी ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे के लिए कुल 18 स्टील गर्डर रेलवे ट्रैक के ऊपर गंगा एक्सप्रेसवे के पुल पर रखे जाने हैं. बुधवार को चार व गुरुवार को पांच गर्डर रखे गए हैं. अब नौ शेष बचे हैं। रेलवे से ब्लाक मिलने पर शेष गर्डर भी रखे जाएंगे. बुधवार को चार गर्डर रखे गए थे. कुल 18 गर्डर में नौ रखे जा चुके हैं. स्टेशन मास्टर सुधांशु मोहन ने बताया कि रेलवे से जैसे ही ब्लाक मिलेगा, अन्य गर्डर रखने का काम पूरा किया जाएगा। गुरुवार को गर्डर रखने के दौरान किसी तरह का रेल आवागमन बाधित नहीं रहा. गर्डर रखने के लिए रेलवे की ओर से गुरुवार को दोपहर 12 से ढाई बजे तक ढाई घंटे का ब्लाक मिला. कार्यदायी संस्था पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर से इस दौरान पांच गर्डर रखे गए.
यूपी में इस जिले में रेलवे लाइन के ऊपर से गुजरेगा यह एक्सप्रेस-वे
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे जो मेरठ से प्रयागराज तक फैला है. अपने निर्माण कार्य में तेजी से प्रगति कर रहा है. इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य राज्य के विभिन्न हिस्सों को जोड़कर यातायात और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है.
Ganga Expressway के निर्माण में तेजी
वर्तमान में एक्सप्रेसवे को छह लेन का बनाया जा रहा है. लेकिन भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित करने की योजना है. इसके लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जारी है. ताकि भविष्य में बढ़ते यातायात को सुगम बनाया जा सके. कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर सोनिक स्टेशन के पास से निकल रहे गंगा एक्सप्रेस के लिए रेलवे लाइन के ऊपर पुल निर्माण के बाद उसमें स्टील गर्डर रखने का काम हो रहा है. गुरुवार को रेलवे से मिले ढाई घंटे के ब्लाक में एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था द्वारा पुल पर पांच गर्डर रखे गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है अपडेट के अनुसार परियोजना की समयसीमा जनवरी 2025 तक बढ़ाई गई है.
डायवर्जन प्वाइंट पर बुधवार को पुलिस ने वाहनों को धीमी गति से निकलने के लिए अनाउंसमेंट के जरिए सचेत किया। कहा कि यदि आप आगरा से लखनऊ जा रहे हैं तो बेहद सावधान रहें. डायवर्जन प्वाइंट के पास गति को धीमा रखें. जरा सी असावधानी जान जोखिम में डाल सकती है. जहां से वाहनों का डायवर्जन किया गया है, वहां बड़े-बड़े संकेतक लगाए गए हैं. डेढ़ किमी की परिधि में वाहनों को लखनऊ की लेन से ही निकाला जा रहा है. हादसा न हो इसके लिए एसपी दीपक भूकर के निर्देश पर बेहटामुजावर पुलिस के अलावा ट्रैफिक पुलिस एक्सप्रेसवे पर आवागमन करने वाले वाहन चालकों को अनाउंसमेट के जरिए सचेत कर रही है.
निर्माण कार्य की प्रगति
गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा समय में कमी व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि और समग्र आर्थिक विकास की उम्मीद है. निर्माण कार्य की वर्तमान गति और योजनाओं के अनुसार यह परियोजना जल्द ही राज्यवासियों और पर्यटकों के लिए उपलब्ध होगी. वहीं उन्नाव में शादीपुर गांव के पास किमी संख्या 252 पर लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे निकाला जा रहा है. इसके लिए पुल का निर्माण चल रहा है. निर्माण में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए डेढ़ किमी दूरी तक वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया है.
गंगा एक्सप्रेसवे के इंजीनियर संजीव तिवारी ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे के लिए कुल 18 स्टील गर्डर रेलवे ट्रैक के ऊपर गंगा एक्सप्रेसवे के पुल पर रखे जाने हैं. बुधवार को चार व गुरुवार को पांच गर्डर रखे गए हैं. अब नौ शेष बचे हैं। रेलवे से ब्लाक मिलने पर शेष गर्डर भी रखे जाएंगे. बुधवार को चार गर्डर रखे गए थे. कुल 18 गर्डर में नौ रखे जा चुके हैं. स्टेशन मास्टर सुधांशु मोहन ने बताया कि रेलवे से जैसे ही ब्लाक मिलेगा, अन्य गर्डर रखने का काम पूरा किया जाएगा। गुरुवार को गर्डर रखने के दौरान किसी तरह का रेल आवागमन बाधित नहीं रहा. गर्डर रखने के लिए रेलवे की ओर से गुरुवार को दोपहर 12 से ढाई बजे तक ढाई घंटे का ब्लाक मिला. कार्यदायी संस्था पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर से इस दौरान पांच गर्डर रखे गए.
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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।