यूपी के इन 21 जिलो में चलेगा यह अभियान, जारी हुआ निर्देश

यूपी के इन 21 जिलो में चलेगा यह अभियान, जारी हुआ निर्देश
यूपी के इन 21 जिलो में चलेगा यह अभियान, जारी हुआ निर्देश

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करने की दिशा में सरकार अब आखिरी और निर्णायक कदम उठाने जा रही है. इसके लिए आने वाला सर्वजन दवा सेवन अभियान बेहद अहम माना जा रहा है. योगी सरकार इस अभियान को पूरी मजबूती और रणनीति के साथ लागू करने की तैयारी में जुटी हुई है जिससे कोई भी व्यक्ति दवा लेने से छूट न जाए.

सीमित इलाकों में केंद्रित होगा अभियान

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश में फाइलेरिया पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है. यही कारण है कि इस बार पूरे प्रदेश में नहीं बल्कि चुनिंदा क्षेत्रों में ही अभियान चलाया जाएगा. उत्तर प्रदेश के 21 जिलों के कुल 64 ब्लॉकों में 10 फरवरी से 28 फरवरी तक यह अभियान संचालित होगा. इन इलाकों में घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी.

संक्रमण दर घटने से बदली रणनीति

प्रदेश के 51 जिलों के 782 प्रभावित ब्लॉकों में से 718 ब्लॉकों में फाइलेरिया संक्रमण की दर एक प्रतिशत से नीचे आ चुकी है. यह स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. इसी सफलता को ध्यान में रखते हुए अब साल में दो बार की जगह केवल एक बार ही आईडीए अभियान चलाने का फैसला लिया गया है. सरकार का लक्ष्य है कि बचे हुए इलाकों से भी बीमारी को पूरी तरह खत्म किया जा सके.

किन जिलों में चलेगा अभियान

इस बार सबसे अधिक ब्लॉकों में अभियान शाहजहांपुर जिले में चलाया जाएगा, जहां 13 ब्लॉक शामिल हैं. बलिया के 12, बाराबंकी के 7, उन्नाव और चित्रकूट के 4-4 ब्लॉकों में दवा सेवन कराया जाएगा.

इसके अतिरिक्त प्रतापगढ़ में 3, हरदोई, प्रयागराज, सोनभद्र, कौशांबी, अयोध्या और भदोही में 2-2 ब्लॉकों को अभियान में शामिल किया गया है. वहीं लखनऊ के माल ब्लॉक समेत रायबरेली, अंबेडकरनगर, खीरी, पीलीभीत, औरैया, बांदा, फतेहपुर और बहराइच में सिर्फ 1 ब्लॉक में दवा वितरण किया जाएगा.

माइक्रो प्लानिंग पर विशेष जोर

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रतन पाल सिंह सुमन ने सभी 21 जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने अभियान से पहले माइक्रो प्लानिंग सुनिश्चित करने को कहा है. निर्देशों के अनुसार हर टीम को प्रतिदिन कम से कम 25 घरों में जाकर लोगों को दवा खिलानी होगी जिससे कवरेज में कोई कमी न रह जाए.

राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं. दिसंबर महीने में मास्टर ट्रेनर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है. अब वही प्रशिक्षक जिलों में जाकर स्वास्थ्य कर्मियों और फील्ड स्टाफ को प्रशिक्षित कर रहे हैं. इस महीने अंतरविभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे अभियान के दौरान किसी तरह की चूक न हो. स्वास्थ्य विभाग की योजना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति फाइलेरिया रोधी दवा लेने से वंचित न रहे और प्रदेश को इस बीमारी से पूरी तरह मुक्त किया जा सके.

निगरानी और त्वरित राहत की व्यवस्था

अभियान के दौरान किसी भी तरह की समस्या से निपटने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम बनाई जाएगी. यह टीमें दवा सेवन के बाद होने वाले किसी भी विपरीत प्रभाव की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर समाधान करेंगी. इसके साथ ही अभियान से पहले अंतरविभागीय समन्वय बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं जिससे सभी विभाग मिलकर काम कर सकें.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।