यूपी के 75 जिलों में होंगे यह विशेषज्ञ, CM योगी ने बताया पूरा प्लान
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उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ बनाने के लक्ष्य को लेकर सरकार अब जिला स्तर पर नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है. सीएम योगी ने लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अब प्रदेश के हर जिले में विकास कार्यों को पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि डेटा और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि योजनाओं का सीधा लाभ जमीन तक पहुंचे और आर्थिक गतिविधियों को वास्तविक गति मिल सके.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में ‘ओटीडी मुख्यमंत्री फेलो’ की तैनाती की जाए. इसके तहत हर जिले में दो विशेषज्ञ- एक आर्थिक विकास विशेषज्ञ और एक डेटा विश्लेषक-नियुक्त किए जाएंगे. ये विशेषज्ञ जिले के स्थानीय संसाधनों, निवेश की संभावनाओं और आर्थिक गतिविधियों का गहन अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिससे जिला स्तर पर बेहतर और सटीक विकास रणनीति बनाई जा सके.
डेटा आधारित विकास पर सरकार का जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला ओटीडी सेल को और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि आर्थिक और डेटा विश्लेषण की क्षमता बढ़ाई जा सके. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय आंकड़ों के आधार पर विकास की प्रवृत्तियों को चिन्हित किया जाए और उसी के अनुसार निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन करने और समग्र आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने की योजना बनाई जाए.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता और मॉनिटरिंग पर भी खास जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिए कि हर जिले में संचालित आर्थिक गतिविधियों की मासिक प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन डैशबोर्ड पर अपलोड की जाए. प्रमुख सचिव और सचिव स्तर पर हर तीन महीने में इन कार्यों की समीक्षा और प्रस्तुतीकरण भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं की वास्तविक स्थिति पर नजर रखी जा सके.
यह भी पढ़ें: यूपी के इन जिलों में देर रात हुई बारिश, जानें अब किन जिलों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया अलर्टसरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से जिला स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार व निवेश के नए अवसर पैदा होंगे. साथ ही, प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में प्रगति होगी.
यूपी के 75 जिलों में होंगे यह विशेषज्ञ, CM योगी ने बताया पूरा प्लान
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उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था’ बनाने के लक्ष्य को लेकर सरकार अब जिला स्तर पर नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है. सीएम योगी ने लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अब प्रदेश के हर जिले में विकास कार्यों को पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि डेटा और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि योजनाओं का सीधा लाभ जमीन तक पहुंचे और आर्थिक गतिविधियों को वास्तविक गति मिल सके.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में ‘ओटीडी मुख्यमंत्री फेलो’ की तैनाती की जाए. इसके तहत हर जिले में दो विशेषज्ञ- एक आर्थिक विकास विशेषज्ञ और एक डेटा विश्लेषक-नियुक्त किए जाएंगे. ये विशेषज्ञ जिले के स्थानीय संसाधनों, निवेश की संभावनाओं और आर्थिक गतिविधियों का गहन अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिससे जिला स्तर पर बेहतर और सटीक विकास रणनीति बनाई जा सके.
डेटा आधारित विकास पर सरकार का जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला ओटीडी सेल को और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि आर्थिक और डेटा विश्लेषण की क्षमता बढ़ाई जा सके. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय आंकड़ों के आधार पर विकास की प्रवृत्तियों को चिन्हित किया जाए और उसी के अनुसार निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन करने और समग्र आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने की योजना बनाई जाए.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता और मॉनिटरिंग पर भी खास जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिए कि हर जिले में संचालित आर्थिक गतिविधियों की मासिक प्रगति रिपोर्ट ऑनलाइन डैशबोर्ड पर अपलोड की जाए. प्रमुख सचिव और सचिव स्तर पर हर तीन महीने में इन कार्यों की समीक्षा और प्रस्तुतीकरण भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं की वास्तविक स्थिति पर नजर रखी जा सके.
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से जिला स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार व निवेश के नए अवसर पैदा होंगे. साथ ही, प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में प्रगति होगी.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है