7 महीने बाद खुला टांडा पुल, बस्ती से वाराणसी का सफर अब होगा आसान
Uttar Pradesh News
बस्ती से अम्बेडकर नगर को जोड़ने वाला टांडा पुल अब पूरी तरह से तैयार हो गया है. पिछले करीब 7 महीनों से इस पुल पर मरम्मत और सुधार का काम चल रहा था, जिसके कारण इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. अब मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिली है.
प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई है कि पुल को 1 अप्रैल से आधिकारिक रूप से खोल दिया जाएगा. हालांकि 31 मार्च की शाम से ही भारी वाहनों की आवाजाही इस पुल पर शुरू कर दी गई है. शाम के समय जेसीबी मशीन लगाकर पुल के दोनों छोर से मिट्टी हटाई गई, जिसके बाद रास्ता पूरी तरह से साफ कर दिया गया और यातायात के लिए तैयार कर दिया गया.
रोजाना सफर करने वालों को मिली राहत
टांडा पुल के शुरू होने से सबसे ज्यादा राहत उन लोगों को मिलेगी जो रोजाना इस रास्ते से स्कूल, अस्पताल या अपने काम के लिए आते-जाते हैं. पिछले कई महीनों से पुल बंद होने के कारण लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे थे. यह पुल पूर्वांचल के बड़े और महत्वपूर्ण पुलों में से एक माना जाता है, जिसकी शुरुआत साल 2014 में हुई थी. पुल के चालू होने से अब बस्ती से आजमगढ़, जौनपुर और वाराणसी जाने वाले लोगों का सफर काफी आसान और सुगम हो जाएगा.
स्थानीय लोगों के चेहरे पर खुशी साफ देखने को मिल रही है, क्योंकि लंबे इंतजार के बाद आखिरकार यह पुल फिर से चालू हो गया है और क्षेत्र के यातायात को बड़ी राहत मिली है.
7 महीने बाद खुला टांडा पुल, बस्ती से वाराणसी का सफर अब होगा आसान
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बस्ती से अम्बेडकर नगर को जोड़ने वाला टांडा पुल अब पूरी तरह से तैयार हो गया है. पिछले करीब 7 महीनों से इस पुल पर मरम्मत और सुधार का काम चल रहा था, जिसके कारण इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. अब मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिली है.
प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई है कि पुल को 1 अप्रैल से आधिकारिक रूप से खोल दिया जाएगा. हालांकि 31 मार्च की शाम से ही भारी वाहनों की आवाजाही इस पुल पर शुरू कर दी गई है. शाम के समय जेसीबी मशीन लगाकर पुल के दोनों छोर से मिट्टी हटाई गई, जिसके बाद रास्ता पूरी तरह से साफ कर दिया गया और यातायात के लिए तैयार कर दिया गया.
रोजाना सफर करने वालों को मिली राहत
टांडा पुल के शुरू होने से सबसे ज्यादा राहत उन लोगों को मिलेगी जो रोजाना इस रास्ते से स्कूल, अस्पताल या अपने काम के लिए आते-जाते हैं. पिछले कई महीनों से पुल बंद होने के कारण लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे थे. यह पुल पूर्वांचल के बड़े और महत्वपूर्ण पुलों में से एक माना जाता है, जिसकी शुरुआत साल 2014 में हुई थी. पुल के चालू होने से अब बस्ती से आजमगढ़, जौनपुर और वाराणसी जाने वाले लोगों का सफर काफी आसान और सुगम हो जाएगा.
स्थानीय लोगों के चेहरे पर खुशी साफ देखने को मिल रही है, क्योंकि लंबे इंतजार के बाद आखिरकार यह पुल फिर से चालू हो गया है और क्षेत्र के यातायात को बड़ी राहत मिली है.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है