यूपी में इन 150 गाँव को जाने वाली इन 6 सड़कों का होगा कायाकल्प

सड़कों के निर्माण को दी मंजूरी

यूपी में इन 150 गाँव को जाने वाली इन 6 सड़कों का होगा कायाकल्प
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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना केंद्र सरकार की एक योजना है। व्यक्तियों और उससे अधिक की आबादी वाली सभी संपर्क से वंचित बस्तियों को कवर किया जा सके। सरकार का उद्देश्य व्यक्तियों और उससे अधिक की आबादी वाली बस्तियों को जोड़ना सबसे बड़ा मकसद है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं में ये एक है।  

सड़कों के निर्माण को दी मंजूरी

यूपी के मऊ जिले में विकास का रफतार तेजी से पकड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ग्रामीण विकास विभाग के वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के कार्यान्वयन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पात्र 25ए000 असंबद्ध बस्तियों को नए संपर्क मार्ग प्रदान करने के लिए 62.500 किलोमीटर सड़क के निर्माण और नए संपर्क मार्गों पर पुलों के निर्माण और उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का कुल परिव्यय 70.125 करोड़ रुपये होगा। जिले के तीन तहसीलों के 150 गांवों को जोड़ने वाली छह सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा, इसको लेकर शासन ने 4.27 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इससे करीब एक लाख की आबादी को सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा। बस्तियों को जोड़ते समय, स्थानीय लोगों के लाभ के लिए, जहां तक संभव हो, पास के सरकारी शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार, विकास केंद्रों को आल वेदर रोड से जोड़ा जाएगा। पिछले दो दशकों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 3.500 परियोजनाओं, जिनमें 217 पुल भी शामिल हैं। यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित शुक्ला की अध्यक्षता में जम्मू में आयोजित बैठक में दी गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यान्वयन की समग्र समीक्षा की गई जिसमें परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने व गुणवत्ता मानकों का पालन करने और क्षेत्र में ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। यह सड़कें एक दशक से भी ज्यादा समय समय से बदहाल थी। विभागीय अधिकारियो की माने तो बजट स्वीकृत होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जहां 15 फरवरी के बाद इसको लेकर काम शुरू कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री सड़क ग्राम योजना के सहायक अभियंता प्रदीप कटियार ने बताया कि तीन तहसीलों की छह सड़कों के लिए बजट मिल गया है, टेंडर प्रक्रिया चल रही है। पांच साल के मेंटेनेंस के लिए भी बजट मिला है। 15 फरवरी के बाद से काम शुरू होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण विकास को बढ़ावा

इसके तहत अब इन सड़कों को नवीनीकरण का कार्य 4 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। इन सड़कों के नवीनीकरण से तीनों तहसीलों के लगभग 150 से अधिक गांव के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। 34.7 किमी लंबी यह सभी छह सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एक दशक से भी ज्यादा समय से बनी है, बीच में एक बार भी मरम्मत न होने से वर्तमान में यह सड़कों पर हर दो फीट पर गहरे गढ़डे बने हुए है। लेकिन नए साल पर पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृति दे दी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सदर तहसील के कोपागंज-नौसेमर मार्ग, घोसी तहसील की सियरही-बर्जला मार्ग, टेघना-भीटा मार्ग, माऊरबोझ-हाजीपुर मार्ग शामिल है। इसीक्रम में मधुबन तहसील की फतेहपुर-चंदापार मार्ग और सिपाह-सउनी मार्ग शामिल है। परियोजना समय सीमा को पूरा करने के लिए दैनिक निगरानी तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया और सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय द्वारा निर्धारित समय सीमा के अनुसार सभी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना परियोजनाओं को पूरा किया जाना चाहिए। इसके तहत महत्वपूर्ण सड़क और पुल परियोजनाओं का स्थल पर निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप विशेष रूप से दूरदराज और क्षेत्रों में ग्रामीण कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।

यूपी में 1,42,229 कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मानदेय बढ़ा यह भी पढ़ें: यूपी में 1,42,229 कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मानदेय बढ़ा

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bhartiyabasti.com
12 Jan 2025 By Shambhunath Gupta

यूपी में इन 150 गाँव को जाने वाली इन 6 सड़कों का होगा कायाकल्प

सड़कों के निर्माण को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना केंद्र सरकार की एक योजना है। व्यक्तियों और उससे अधिक की आबादी वाली सभी संपर्क से वंचित बस्तियों को कवर किया जा सके। सरकार का उद्देश्य व्यक्तियों और उससे अधिक की आबादी वाली बस्तियों को जोड़ना सबसे बड़ा मकसद है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं में ये एक है।  

सड़कों के निर्माण को दी मंजूरी

यूपी के मऊ जिले में विकास का रफतार तेजी से पकड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ग्रामीण विकास विभाग के वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के कार्यान्वयन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पात्र 25ए000 असंबद्ध बस्तियों को नए संपर्क मार्ग प्रदान करने के लिए 62.500 किलोमीटर सड़क के निर्माण और नए संपर्क मार्गों पर पुलों के निर्माण और उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का कुल परिव्यय 70.125 करोड़ रुपये होगा। जिले के तीन तहसीलों के 150 गांवों को जोड़ने वाली छह सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा, इसको लेकर शासन ने 4.27 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इससे करीब एक लाख की आबादी को सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा। बस्तियों को जोड़ते समय, स्थानीय लोगों के लाभ के लिए, जहां तक संभव हो, पास के सरकारी शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार, विकास केंद्रों को आल वेदर रोड से जोड़ा जाएगा। पिछले दो दशकों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 3.500 परियोजनाओं, जिनमें 217 पुल भी शामिल हैं। यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित शुक्ला की अध्यक्षता में जम्मू में आयोजित बैठक में दी गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यान्वयन की समग्र समीक्षा की गई जिसमें परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने व गुणवत्ता मानकों का पालन करने और क्षेत्र में ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। यह सड़कें एक दशक से भी ज्यादा समय समय से बदहाल थी। विभागीय अधिकारियो की माने तो बजट स्वीकृत होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जहां 15 फरवरी के बाद इसको लेकर काम शुरू कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री सड़क ग्राम योजना के सहायक अभियंता प्रदीप कटियार ने बताया कि तीन तहसीलों की छह सड़कों के लिए बजट मिल गया है, टेंडर प्रक्रिया चल रही है। पांच साल के मेंटेनेंस के लिए भी बजट मिला है। 15 फरवरी के बाद से काम शुरू होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण विकास को बढ़ावा

इसके तहत अब इन सड़कों को नवीनीकरण का कार्य 4 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। इन सड़कों के नवीनीकरण से तीनों तहसीलों के लगभग 150 से अधिक गांव के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। 34.7 किमी लंबी यह सभी छह सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एक दशक से भी ज्यादा समय से बनी है, बीच में एक बार भी मरम्मत न होने से वर्तमान में यह सड़कों पर हर दो फीट पर गहरे गढ़डे बने हुए है। लेकिन नए साल पर पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृति दे दी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सदर तहसील के कोपागंज-नौसेमर मार्ग, घोसी तहसील की सियरही-बर्जला मार्ग, टेघना-भीटा मार्ग, माऊरबोझ-हाजीपुर मार्ग शामिल है। इसीक्रम में मधुबन तहसील की फतेहपुर-चंदापार मार्ग और सिपाह-सउनी मार्ग शामिल है। परियोजना समय सीमा को पूरा करने के लिए दैनिक निगरानी तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया और सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय द्वारा निर्धारित समय सीमा के अनुसार सभी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना परियोजनाओं को पूरा किया जाना चाहिए। इसके तहत महत्वपूर्ण सड़क और पुल परियोजनाओं का स्थल पर निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप विशेष रूप से दूरदराज और क्षेत्रों में ग्रामीण कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।

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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।