Lok Sabha Election 2024: डुमरियागंज से Bhishma Shankar Tiwari पर अखिलेश यादव ने इस वजह से लगाया दांव, जानें- इनका सियासी सफर

Domariyaganj Lok Sabha Election 2024:

Lok Sabha Election 2024: डुमरियागंज से Bhishma Shankar Tiwari पर अखिलेश यादव ने इस वजह से लगाया दांव, जानें- इनका सियासी सफर
bhisma shankar tiwari dumariyaganj

Dumariyaganj Lok Sabha Seat पर Lok Sabha Chunav 2024 के लिए समाजवादी पार्टी ने भीष्म शंकर तिवारी पर दांव लगाया है. यूं तो भीष्म शंकर तिवारी लगातार दो बार से लोकसभा चुनाव हार रहे हैं लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव का भीष्म शंकर तिवारी पर दांव लगाना कई मायने बता रहा है.

दरअसल भीष्म शंकर तिवारी को सपा पूर्वांचल में अपने ब्राह्मण फेस के तौर पर पेश करना चाहती है. एक ओर जहां पवन पांडेय ने अयोध्या में सपा में ब्राह्मणों का चेहरा बने हुए हैं तो सपा पूर्वांचल में भीष्म शंकर के जरिए ब्राह्मणों को अपनी ओर करने की जुगत में है.

2 बार सांसद रह चुके हैं भीष्म शंकर कुशल तिवारी
हरिशंकर तिवारी के बेटे भीष्म शंकर तिवारी साल 2009 से 2014 तक सांसद थे. इसके अलावा वह साल 2008 में हुए उपचुनाव में जीतकर संसद पहुंचे थे जहां वह सिर्फ 1 साल सदस्य में थे. दोनों ही बार वह बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर बलरामपुर से जीतकर सदन  पहुंचे थे. 14वीं और 15वीं लोकसभा में वह संसद की कई कमेटियों के सदस्य भी थे.

डुमरियागंज से ही भीष्म शंकर क्यों?
भीष्म शंकर को डुमरियागंज से टिकट देने के पीछे माना जा रहा है कि सपा, बीजेपी के ब्राह्मण वोट में सेंध लगाकर उसके प्रत्याशी जगदंबिका पाल की मुश्किलें बढ़ाना चाहती है. क्षेत्र में सपा को अपने मुस्लिम और यादव मतदाताओं पर जहां पूरा भरोसा है वहीं वह चाहती है ब्राह्मण मत भी उसके साथ आएं तो वह बीजेपी को इस सीट पर मात दे सकती है.

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भीष्म शंकर सपा के लिए कितने कुशल साबित होते हैं. साल 2014, साल 2019 का चुनाव वह संतकबीरनगर की सीट पर भारतीय जनता पार्टी के हाथों हार चुके हैं. ऐसे में सीट बदलने से उन्हें कितना लाभ होगा यह तो 4 जून को ही पता चलेगा.

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bhartiyabasti.com
14 Apr 2024 By Bhartiya Basti

Lok Sabha Election 2024: डुमरियागंज से Bhishma Shankar Tiwari पर अखिलेश यादव ने इस वजह से लगाया दांव, जानें- इनका सियासी सफर

Domariyaganj Lok Sabha Election 2024:

Dumariyaganj Lok Sabha Seat पर Lok Sabha Chunav 2024 के लिए समाजवादी पार्टी ने भीष्म शंकर तिवारी पर दांव लगाया है. यूं तो भीष्म शंकर तिवारी लगातार दो बार से लोकसभा चुनाव हार रहे हैं लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव का भीष्म शंकर तिवारी पर दांव लगाना कई मायने बता रहा है.

दरअसल भीष्म शंकर तिवारी को सपा पूर्वांचल में अपने ब्राह्मण फेस के तौर पर पेश करना चाहती है. एक ओर जहां पवन पांडेय ने अयोध्या में सपा में ब्राह्मणों का चेहरा बने हुए हैं तो सपा पूर्वांचल में भीष्म शंकर के जरिए ब्राह्मणों को अपनी ओर करने की जुगत में है.

2 बार सांसद रह चुके हैं भीष्म शंकर कुशल तिवारी
हरिशंकर तिवारी के बेटे भीष्म शंकर तिवारी साल 2009 से 2014 तक सांसद थे. इसके अलावा वह साल 2008 में हुए उपचुनाव में जीतकर संसद पहुंचे थे जहां वह सिर्फ 1 साल सदस्य में थे. दोनों ही बार वह बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर बलरामपुर से जीतकर सदन  पहुंचे थे. 14वीं और 15वीं लोकसभा में वह संसद की कई कमेटियों के सदस्य भी थे.

डुमरियागंज से ही भीष्म शंकर क्यों?
भीष्म शंकर को डुमरियागंज से टिकट देने के पीछे माना जा रहा है कि सपा, बीजेपी के ब्राह्मण वोट में सेंध लगाकर उसके प्रत्याशी जगदंबिका पाल की मुश्किलें बढ़ाना चाहती है. क्षेत्र में सपा को अपने मुस्लिम और यादव मतदाताओं पर जहां पूरा भरोसा है वहीं वह चाहती है ब्राह्मण मत भी उसके साथ आएं तो वह बीजेपी को इस सीट पर मात दे सकती है.

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भीष्म शंकर सपा के लिए कितने कुशल साबित होते हैं. साल 2014, साल 2019 का चुनाव वह संतकबीरनगर की सीट पर भारतीय जनता पार्टी के हाथों हार चुके हैं. ऐसे में सीट बदलने से उन्हें कितना लाभ होगा यह तो 4 जून को ही पता चलेगा.

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