UP में बदले नियम: अब 3 किमी दायरे के स्कूल होंगे मर्ज, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

UP में बदले नियम: अब 3 किमी दायरे के स्कूल होंगे मर्ज, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश
Uttar Pradesh News

यूपी में राज्य सरकार और भारत सरकार द्वारा प्रारंभिक शिक्षा को सुलभ, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने हेतु विभिन्न योजनाओं को संचालित की जा रही है. जिसमें से स्कूल मर्ज योजना के अंतर्गत नामांकन की न्यूनतम और संसाधनों की कमी वाले प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों में विलय किए जाने की तैयारी है. 

यूपी में स्कूल मर्ज योजना लागू

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उच्च प्राथमिक  विद्यालयों के विलय को लेकर बड़ी खबर लेकर सामने आई है. अब तक 3 किलोमीटर के अंदर आने वाले स्कूलों को मर्ज किया जाएगा और इस कड़ी में 1 किलोमीटर के अंदर के स्कूलों को मर्ज किया जा रहा था जिसके लिए शासन ने शिक्षा मंत्रालय के आदेश का अनुपालन करने के लिए संबंधित को दिशा निर्देश जारी कर दिया है. इसी बीच अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने पत्र जारी करते हुए कहा है कि 16 जून 2025 को जारी दिशा निर्देश के क्रम में अपर्याप्त छात्र नामांकन वाले विद्यालयों को नजदीकी विद्यालयों के लिए पेयर किया जाएगा.

इस दौरान स्थानीय परिस्थितियों तथा आवश्यकताओं को ध्यान रखा जाएगा. आगे उन्होंने बताया है कि छोटे और कम संसाधनों वाले विद्यालयों को बड़े विद्यालयों के साथ कनेक्ट किया जाएगा जिन विद्यालयों में छात्र नामांकन 50 से कम है उनकी पेयरिंग की जाएगी इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालयों की पेयरिंग 1 किलोमीटर के अंदर और परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों की पेयरिंग 3 किलोमीटर के अंदर की जाएगी.

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जानिए क्या है राज्य सरकार का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि यह योजना सबसे सक्रिय रूप में लागू की गई है राज्य सरकार के मुताबिक 50 से कम छात्र वाले विद्यालय को 1 से 3 किलोमीटर की परिधि में स्थित अन्य स्कूलों के साथ पेयरिंग और मर्ज किया जा रहा है इस दौरान कोई भी विद्यालय अस्थाई रूप से बंद नहीं किया जा रहा है विलय एक लचीली प्रक्रिया है जिसमें जो संसाधनों को समुचित उपयोग की ओर ले जाती है खाली भवन में बाल वाटिका पुस्तकालय तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएगी.

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इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को लागू करने में मदद मिल पाएगी. शिक्षक संगठन मानते हैं कि इससे पदों में कटौती होगी तथा शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ेगा राजनीतिक दल जैसे इस गरीब विरोधी तथा शिक्षा विरोधी कदम बताया है. इस कड़ी में सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को दूर के स्कूलों तक पहुंचने में कठिनाई होगी. स्कूल मर्ज योजना का विचार बुनियादी रूपों से संसाधनों की दक्षता बढ़ाने तथा शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए किया जा रहा है. इसी बीच इसको लेकर महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है जिसमें इन्होंने निर्देशित किया कि शासन के निर्देशों का पालन किया जाए.

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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।