यूपी के इस गांव में रक्षा औद्योगिक गलियारे की तैयारी तेज, खेती पर पूरी तरह रोक

यूपी के इस गांव में रक्षा औद्योगिक गलियारे की तैयारी तेज, खेती पर पूरी तरह रोक
यूपी के इस गांव में रक्षा औद्योगिक गलियारे की तैयारी तेज, खेती पर पूरी तरह रोक

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित आगरा जिले के बिझामई गांव में अब खेती से जुड़े नियम पूरी तरह बदलने वाले हैं. उप्र एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने यहां की चिन्हित जमीन पर फसल बोने पर सख्त रोक लगा दी है. रबी की मौजूदा फसल कटने के बाद किसान अब किसी भी तरह की नई बोआई नहीं कर पाएंगे.

नियम तोड़ा तो जुर्माना और कानूनी कार्रवाई

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद अगर कोई किसान इन खेतों में खेती करता पाया गया, तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. इस फैसले की जानकारी देने के लिए गांव और आसपास के इलाकों में चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए गए हैं.

रक्षा औद्योगिक गलियारे के लिए हो रहा भूमि अधिग्रहण

यह पूरी जमीन रक्षा औद्योगिक गलियारे की परियोजना के तहत ली जा रही है. बिझामई गांव में कुल 123 हेक्टेयर भूमि इस योजना में शामिल है, जो करीब 380 किसानों की है. पहले चरण में अधिकांश जमीन खरीदी जा चुकी है और अब बचे हिस्से को अधिग्रहण के माध्यम से लिया जाएगा.

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बचे हिस्से के लिए अधिग्रहण की तैयारी

दूसरे चरण में जिन खेतों की खरीद बाकी रह गई थी, उनमें से ज्यादातर जमीन पहले ही ली जा चुकी है. अब केवल 7.5 हेक्टेयर भूमि बची है, जिस पर सहमति नहीं बन पाई. प्रशासन ने इसका अधिग्रहण करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही एडीएम भूमि एवं अध्याप्ति कार्यालय भेजा जाएगा. इस प्रक्रिया में लगभग 30 किसान प्रभावित होंगे.

मुआवजे को लेकर किसानों की मांग

प्रभावित किसान लखनऊ एक्सप्रेसवे के मानक के अनुसार मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं. प्रशासन की ओर से बताया गया है कि जिन किसानों का मुआवजा तय होगा, वह न्यायालय में जमा कराया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.

फिलहाल खेतों में खड़ी हैं फसलें

अभी बिझामई गांव की जमीन पर सरसों, गेहूं और कुछ अन्य रबी फसलें लगी हुई हैं. अधिकारियों के मुताबिक, किसानों को केवल रबी फसल तक की ही छूट दी गई थी, जो अब समाप्त हो चुकी है. अधिकांश किसानों को पहले ही भुगतान किया जा चुका है, इसलिए जमीन अब यूपीडा के नियंत्रण में आ चुकी है.

प्रशासन का स्पष्ट संदेश

एसडीएम सदर सचिन राजपूत के अनुसार, 7.5 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी. इसके बाद पूरे क्षेत्र में रक्षा औद्योगिक गलियारे का विकास तेज गति से आगे बढ़ेगा. प्रशासन ने किसानों से नियमों का पालन करने और किसी भी तरह की अवैध खेती से बचने की अपील की है.

औद्योगिक निवेश की बढ़ी हलचल

यूपीडा के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में दो से तीन बड़ी कंपनियां इस इलाके का दौरा कर सकती हैं. जमीन का निरीक्षण कर यहां उद्योग लगाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी. इससे क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने की उम्मीद है.

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
09 Feb 2026 By Shobhit Pandey

यूपी के इस गांव में रक्षा औद्योगिक गलियारे की तैयारी तेज, खेती पर पूरी तरह रोक

उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में स्थित आगरा जिले के बिझामई गांव में अब खेती से जुड़े नियम पूरी तरह बदलने वाले हैं. उप्र एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने यहां की चिन्हित जमीन पर फसल बोने पर सख्त रोक लगा दी है. रबी की मौजूदा फसल कटने के बाद किसान अब किसी भी तरह की नई बोआई नहीं कर पाएंगे.

नियम तोड़ा तो जुर्माना और कानूनी कार्रवाई

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद अगर कोई किसान इन खेतों में खेती करता पाया गया, तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. इस फैसले की जानकारी देने के लिए गांव और आसपास के इलाकों में चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए गए हैं.

रक्षा औद्योगिक गलियारे के लिए हो रहा भूमि अधिग्रहण

यह पूरी जमीन रक्षा औद्योगिक गलियारे की परियोजना के तहत ली जा रही है. बिझामई गांव में कुल 123 हेक्टेयर भूमि इस योजना में शामिल है, जो करीब 380 किसानों की है. पहले चरण में अधिकांश जमीन खरीदी जा चुकी है और अब बचे हिस्से को अधिग्रहण के माध्यम से लिया जाएगा.

बचे हिस्से के लिए अधिग्रहण की तैयारी

दूसरे चरण में जिन खेतों की खरीद बाकी रह गई थी, उनमें से ज्यादातर जमीन पहले ही ली जा चुकी है. अब केवल 7.5 हेक्टेयर भूमि बची है, जिस पर सहमति नहीं बन पाई. प्रशासन ने इसका अधिग्रहण करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही एडीएम भूमि एवं अध्याप्ति कार्यालय भेजा जाएगा. इस प्रक्रिया में लगभग 30 किसान प्रभावित होंगे.

मुआवजे को लेकर किसानों की मांग

प्रभावित किसान लखनऊ एक्सप्रेसवे के मानक के अनुसार मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं. प्रशासन की ओर से बताया गया है कि जिन किसानों का मुआवजा तय होगा, वह न्यायालय में जमा कराया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.

फिलहाल खेतों में खड़ी हैं फसलें

अभी बिझामई गांव की जमीन पर सरसों, गेहूं और कुछ अन्य रबी फसलें लगी हुई हैं. अधिकारियों के मुताबिक, किसानों को केवल रबी फसल तक की ही छूट दी गई थी, जो अब समाप्त हो चुकी है. अधिकांश किसानों को पहले ही भुगतान किया जा चुका है, इसलिए जमीन अब यूपीडा के नियंत्रण में आ चुकी है.

प्रशासन का स्पष्ट संदेश

एसडीएम सदर सचिन राजपूत के अनुसार, 7.5 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी. इसके बाद पूरे क्षेत्र में रक्षा औद्योगिक गलियारे का विकास तेज गति से आगे बढ़ेगा. प्रशासन ने किसानों से नियमों का पालन करने और किसी भी तरह की अवैध खेती से बचने की अपील की है.

औद्योगिक निवेश की बढ़ी हलचल

यूपीडा के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में दो से तीन बड़ी कंपनियां इस इलाके का दौरा कर सकती हैं. जमीन का निरीक्षण कर यहां उद्योग लगाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी. इससे क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने की उम्मीद है.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।