यूपी के इस जिले से गुजरने वाला है नया ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे, विकास की रफ्तार होगी तेज

यूपी के इस जिले से गुजरने वाला है नया ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे, विकास की रफ्तार होगी तेज
यूपी के इस जिले से गुजरने वाला है नया ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे, विकास की रफ्तार होगी तेज

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है. उत्तर प्रदेश में स्थित बुलंदशहर जिले से होकर गुजरने वाले प्रस्तावित ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इस एक्सप्रेसवे के जरिए न सिर्फ जिले का संपर्क बेहतर होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों को भी सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज

इस परियोजना के लिए बुलंदशहर जिले के कुल 39 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जानी है. लगभग 677 हेक्टेयर भूमि को इस योजना में शामिल किया गया है, जिसमें करीब 8700 किसानों की जमीन आएगी. प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा, जिससे किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो.

किसानों को मिलेगा समय पर मुआवजा

अधिकारियों के अनुसार, अधिसूचना जारी होने के बाद भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस दौरान किसानों से आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे. सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम अधिग्रहण किया जाएगा. सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि प्रभावित किसानों को उनकी जमीन का उचित और समय पर मुआवजा दिया जाएगा.

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इन तहसीलों और गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे

ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर जिले की स्याना, बुलंदशहर, अनूपशहर, शिकारपुर और सिकंदराबाद तहसीलों से होकर निकलेगा. खुर्जा तहसील के अमानुल्लापुर, इनायतपुर, कपना, भगवानपुर, हसनपुर, बीघेपुर, सनैता, भदौरा, वरतौली, खवरा, धरारी, दीनौल, खलसिया और विचौला गांव इस रूट में शामिल हैं.

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इसके अलावा बुलंदशहर तहसील के औरंगाबाद, हिंगथला, चरौरा, सैदपुरा, इस्माइला, सराय छबीला, अडौली, दोहली, चिरचिटा, मामन खुर्द, मामनकुलां, भाईपुर, ऐमनपुर, कलौली, बंगला पूठरी और पिपाला गांवों से भी यह एक्सप्रेसवे होकर गुजरेगा.

इस एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद बुलंदशहर ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी मजबूत होने से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. निवेश के नए रास्ते खुलेंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. साथ ही, किसानों को उनकी जमीन के बदले मिलने वाला मुआवजा उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा.

परियोजना की लागत और निर्माण योजना

भूमि अधिग्रहण पर लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि पूरे एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 4500 करोड़ रुपये की लागत आएगी. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने की योजना बनाई गई है.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।