आधार कार्ड से अब नहीं होगा यह काम, UP में लागू हुआ नया नियम, जन्मतिथि के लिए कौन सा दस्तावेज़ लगेगा?

आधार कार्ड से अब नहीं होगा यह काम, UP में लागू हुआ नया नियम, जन्मतिथि के लिए कौन सा दस्तावेज़ लगेगा?
आधार कार्ड से अब नहीं होगा यह काम, UP में लागू हुआ नया नियम, जन्मतिथि के लिए कौन सा दस्तावेज़ लगेगा?

उत्तर प्रदेश: प्रदेश में एक प्रशासनिक निर्णय ने आम लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है. रोजमर्रा के कामों में जिस आधार कार्ड को हम सबसे भरोसेमंद पहचान दस्तावेज मानते आए, अब उसी से जुड़ा एक अहम अपडेट सरकार ने जारी किया है. विभागों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि आगे से एक महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आधार को मान्यता नहीं दी जाएगी.

गांवों में नई सुविधा

सरकार ने आधार से जुड़ी सुविधा पर तेजी से काम शुरू किया है. अब ग्राम पंचायत सचिवालयों में आधार सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को शहर के चक्कर न लगाने पड़ें. मैनपुरी जिले में 9 ब्लॉकों के भीतर लगभग 50 नए आधार केंद्र खोलने की योजना बनाई गई है. यहाँ ग्रामीणों को नया आधार बनवाने, परिवार के सदस्य जोड़ने, गलत जानकारी सुधारने और पहले से उपलब्ध सेवाएँ जैसे खतौनी, जाति, आय व निवास प्रमाण पत्र सब कुछ एक ही स्थान पर मिल सकेगा.

डीपीआरओ डॉ. अवधेश सिंह ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि "आधार केंद्रों के संचालन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज निदेशक पंचायती राज को भेजे जा चुके हैं और जैसे ही दिशा-निर्देश मिलेंगे, काम शुरू करा दिया जाएगा."

गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत का रूट बदला! यह भी पढ़ें: गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत का रूट बदला!

जन्म तिथि के प्रमाण के लिए आधार अब मान्य नहीं

प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश भेजे हैं कि आधार कार्ड में लिखी जन्म तिथि को अब प्रामाणिक दस्तावेज नहीं माना जाए. यूआईडीएआई द्वारा 31 अक्टूबर को जारी किए गए पत्र में पहले ही बताया गया था कि आधार जन्म तिथि का अनुमन्य प्रमाण नहीं है. इसी पत्र का हवाला देते हुए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी विभाग में जन्म तिथि की पुष्टि के लिए आधार की स्वीकार्यता बंद की जाए.

बस्ती से इस रूट पर चौड़ी होगी सड़क, कटेंगे 2694 पेड़ यह भी पढ़ें: बस्ती से इस रूट पर चौड़ी होगी सड़क, कटेंगे 2694 पेड़

विभागों में पुरानी आदतें बनीं समस्या

सरकार ने यह भी पाया कि यूआईडीएआई की स्पष्ट सूचना आने के बावजूद कई विभाग अब भी आधार को जन्म तिथि का प्रमाण मानकर काम कर रहे थे. विशेष सचिव ने आदेश में कहा है कि इस प्रथा को तुरंत रोका जाए और केवल अधिकृत दस्तावेज पर ही भरोसा किया जाए, जिससे भविष्य में किसी तरह की गड़बड़ी न हो.

यूपी के इस ज़िले में 11 करोड़ का घोटाला यह भी पढ़ें: यूपी के इस ज़िले में 11 करोड़ का घोटाला

जन्म तिथि की पुष्टि के लिए अब केवल वे दस्तावेज मान्य होंगे जो कानूनी रूप से जन्म तिथि बताने के लिए अधिकृत हैं. आधार कार्ड को जन्म तिथि के प्रमाण के तौर पर अब किसी भी सरकारी विभाग में मान्य नहीं माना जाएगा. वहीं, ग्रामीण सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए पंचायत स्तर पर आधार केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को आधार से जुड़े हर काम की सुविधा अपने ही गांव में मिल सकेगी.

On

About The Author

Shobhit Pandey Picture

शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।