यूपी के इन 40 से ज्यादे ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी, इस मामले में हुआ ऐक्शन
उत्तर प्रदेश: आगामी उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों के साथ गोंडा जिले में विकास कार्यों की जांच तेज हो गई है. गांवों में हुए करोड़ों के कामों का हिसाब माँगा गया तो कई पंचायतें पूरा रिकॉर्ड ही नहीं दिखा पाईं. इसके बाद प्रशासन ने 44 ग्राम पंचायतों को नोटिस भेजकर जवाब की मांग की है.
अधूरे दस्तावेज़ सामने आने पर कार्रवाई शुरू
उत्तर प्रदेश में स्थित गोंडा जिले की ऑडिट टीम ने हाल ही में वित्तीय वर्ष 2018-19 और 2023-24 के कामों की फाइलें खंगालीं. कई जगहों पर खर्च तो दिखा, लेकिन दस्तावेज़ कम मिले. जब सचिवों-प्रधानों से कागज़ मांगें गए, तो कई पंचायतों ने अधूरे पेपर पकड़ाए.
सीडीओ अंकिता जैन ने इस लापरवाही को गंभीर माना और डीपीआरओ को कार्रवाई का निर्देश दिया. इसके बाद 44 पंचायतों पर अधिभार नोटिस जारी हुए हैं. सबको 15 दिन में जवाब देने को कहा गया है. समय पर स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर धन वसूली भी होगी.
यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh Panchayat Chunav: चुनाव पर सस्पेंस जारी, योगी सरकार के मंत्री बोले- कोर्ट के आदेश का इंतजार2018-19 की जांच में कई पंचायतों की गड़बड़ी सामने
ऑडिट में कई पंचायतों पर भारी राशि का सवाल खड़ा हुआ. कुछ प्रमुख नोटिस इस तरह हैं—
- बेलसर ब्लॉक – डिजिसियां कला: ₹56,78,406
- सेमरी कला: ₹70,51,745
- उमरी बेगमगंज: ₹1,37,25,263
- बेलवा बाजार (रुपईडीह): ₹13,77,750
- निबिहा परसपुर: ₹25,68,421
- करमडीह (मुजेहना): ₹14,51,616
- माड़ा, प्रापिया: ₹10,07,189
- चुवाड़: ₹25,63,107
- बभनी खास: ₹16,26,289
- खरगूपुर (नवाबगंज): ₹57,698
- अमघटी (मनकापुर): ₹2,35,000
इसी अवधि में इटियाथोक, झंझरी और तरबगंज ब्लॉक में भी कई पंचायतें सवालों में आईं.
प्रशासन ने जवाब माँगा, कार्रवाई तय
डीपीआरओ लालजी दुबे ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि ऑडिट टीम की आपत्तियों के बाद सभी संबंधित पंचायतों को नोटिस भेज दिया गया है. अगर 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब, बिल-वाउचर या रिकॉर्ड नहीं दिया गया, तो नियमों के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे और खर्च की गई राशि की वसूली भी होगी.
2023-24 में 29 पंचायतों में गंभीर अनियमितता
ताजा ऑडिट में 29 ग्राम पंचायतों के कामों पर फिर गड़बड़ी मिली है. कुछ प्रमुख नोटिस इस प्रकार हैं—
- उकरा (पंडरी कृपाल): ₹8,23,219
- मुजेहना: ₹3,15,553
- इटहिया नदीलोत (रुपईडीह): ₹18,32,013
- पंडरी पारासराय: ₹11,70,579
- झूरी कुइयां: ₹18,48,677
- भवानीपुर खुर्द: ₹12,14,824
- टंडवा गुलाम: ₹5,10,513
- बनगांव (बभनजोत): ₹7,04,148
- नकहरा (नवाबगंज): ₹4,13,741
- सेमरा (तरबगंज): ₹31,000
- रामापुर: ₹41,265
- डोढेपुर: ₹99,874
- कटहा: ₹1,41,748
- महादेव (कटरा बाजार): ₹8,30,208
- रेरुवा (हलधरमऊ): ₹1,78,021
- देवरदा (बेलसर): ₹1,46,870
- ऐली परसीली: ₹84,11,528
- परसदा: ₹2,54,665
- चादपुर: ₹4,58,845
- बरसडा: ₹9,42,760
- बेलसर: ₹32,72,170
मनकापुर, इटियाथोक और करनैलगंज ब्लॉक में भी कई गांवों पर अधिभार लगा है.
यूपी के इन 40 से ज्यादे ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी, इस मामले में हुआ ऐक्शन
उत्तर प्रदेश: आगामी उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों के साथ गोंडा जिले में विकास कार्यों की जांच तेज हो गई है. गांवों में हुए करोड़ों के कामों का हिसाब माँगा गया तो कई पंचायतें पूरा रिकॉर्ड ही नहीं दिखा पाईं. इसके बाद प्रशासन ने 44 ग्राम पंचायतों को नोटिस भेजकर जवाब की मांग की है.
अधूरे दस्तावेज़ सामने आने पर कार्रवाई शुरू
उत्तर प्रदेश में स्थित गोंडा जिले की ऑडिट टीम ने हाल ही में वित्तीय वर्ष 2018-19 और 2023-24 के कामों की फाइलें खंगालीं. कई जगहों पर खर्च तो दिखा, लेकिन दस्तावेज़ कम मिले. जब सचिवों-प्रधानों से कागज़ मांगें गए, तो कई पंचायतों ने अधूरे पेपर पकड़ाए.
सीडीओ अंकिता जैन ने इस लापरवाही को गंभीर माना और डीपीआरओ को कार्रवाई का निर्देश दिया. इसके बाद 44 पंचायतों पर अधिभार नोटिस जारी हुए हैं. सबको 15 दिन में जवाब देने को कहा गया है. समय पर स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर धन वसूली भी होगी.
2018-19 की जांच में कई पंचायतों की गड़बड़ी सामने
ऑडिट में कई पंचायतों पर भारी राशि का सवाल खड़ा हुआ. कुछ प्रमुख नोटिस इस तरह हैं—
- बेलसर ब्लॉक – डिजिसियां कला: ₹56,78,406
- सेमरी कला: ₹70,51,745
- उमरी बेगमगंज: ₹1,37,25,263
- बेलवा बाजार (रुपईडीह): ₹13,77,750
- निबिहा परसपुर: ₹25,68,421
- करमडीह (मुजेहना): ₹14,51,616
- माड़ा, प्रापिया: ₹10,07,189
- चुवाड़: ₹25,63,107
- बभनी खास: ₹16,26,289
- खरगूपुर (नवाबगंज): ₹57,698
- अमघटी (मनकापुर): ₹2,35,000
इसी अवधि में इटियाथोक, झंझरी और तरबगंज ब्लॉक में भी कई पंचायतें सवालों में आईं.
प्रशासन ने जवाब माँगा, कार्रवाई तय
डीपीआरओ लालजी दुबे ने इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि ऑडिट टीम की आपत्तियों के बाद सभी संबंधित पंचायतों को नोटिस भेज दिया गया है. अगर 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब, बिल-वाउचर या रिकॉर्ड नहीं दिया गया, तो नियमों के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे और खर्च की गई राशि की वसूली भी होगी.
2023-24 में 29 पंचायतों में गंभीर अनियमितता
ताजा ऑडिट में 29 ग्राम पंचायतों के कामों पर फिर गड़बड़ी मिली है. कुछ प्रमुख नोटिस इस प्रकार हैं—
- उकरा (पंडरी कृपाल): ₹8,23,219
- मुजेहना: ₹3,15,553
- इटहिया नदीलोत (रुपईडीह): ₹18,32,013
- पंडरी पारासराय: ₹11,70,579
- झूरी कुइयां: ₹18,48,677
- भवानीपुर खुर्द: ₹12,14,824
- टंडवा गुलाम: ₹5,10,513
- बनगांव (बभनजोत): ₹7,04,148
- नकहरा (नवाबगंज): ₹4,13,741
- सेमरा (तरबगंज): ₹31,000
- रामापुर: ₹41,265
- डोढेपुर: ₹99,874
- कटहा: ₹1,41,748
- महादेव (कटरा बाजार): ₹8,30,208
- रेरुवा (हलधरमऊ): ₹1,78,021
- देवरदा (बेलसर): ₹1,46,870
- ऐली परसीली: ₹84,11,528
- परसदा: ₹2,54,665
- चादपुर: ₹4,58,845
- बरसडा: ₹9,42,760
- बेलसर: ₹32,72,170
मनकापुर, इटियाथोक और करनैलगंज ब्लॉक में भी कई गांवों पर अधिभार लगा है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।