UP के बाराबंकी में बनेगा नया फोरलेन हाईवे, शहर के जाम से मिलेगी बड़ी राहत
बढ़ते यातायात ने बढ़ाई नई सड़क की जरूरत
केंद्र और राज्य सरकारें लगातार सड़कों और हाईवे के नेटवर्क को मजबूत करने में जुटी हैं. प्रदेश में स्थित बाराबंकी जिले में पहले से ही कई प्रमुख हाईवे मौजूद हैं, इसके बाद भी ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है. विशेष रूप से लखनऊ, देवा और सीतापुर की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या इतनी अधिक हो चुकी है कि मौजूदा सड़कें अब बोझ नहीं संभाल पा रही हैं. इसी वजह से नए फोरलेन हाईवे की जरूरत महसूस की जा रही है.
शहर के अंदर से गुजरना बनता है बड़ी परेशानी
वर्तमान में लखनऊ से देवा और आगे सीतापुर की ओर जाने वाले अधिकतर वाहन नवाबगंज नगर पालिका क्षेत्र के बीच से गुजरते हैं. इस दौरान यात्रियों को कई जगहों पर जाम का सामना करना पड़ता है. कुरौली इलाके में अतिक्रमण, उपनिबंधन कार्यालय के आसपास अवैध पार्किंग, पटेल तिराहे पर अनधिकृत ई-रिक्शा स्टैंड और बस स्टेशन के पास लगने वाला जाम प्रति दिन की परेशानी बन चुका है. इसके अलावा पुलिस चौराहे की ट्रैफिक व्यवस्था और सीडीओ आवास के पास सड़क किनारे कब्जे भी हालात बिगाड़ देते हैं.
आनंद भवन के पास अक्सर लंबा जाम लग जाता है. ओवरब्रिज पार करने के बाद रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनों को रुकना पड़ता है, वहीं एफसीआई गोदाम के पास खड़े ट्रक सड़क की रफ्तार को और धीमा कर देते हैं. इन सभी कारणों से देवा तक पहुंचने में लोगों का काफी समय बर्बाद हो जाता है और सफर थकाऊ बन जाता है.
दो रूट पर चल रहा है सर्वे
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर पिछले करीब 6 महीनों से इस परियोजना पर मंथन कर रहे हैं. पहले प्रस्ताव के तहत अयोध्या-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सफेदाबाद से गदिया, मुबारकपुर और मोहम्मदपुर होते हुए ग्वारी रोड को पार कर देवा रोड तक नया फोरलेन हाईवे बनाने की योजना है. यह मार्ग शहर को बायपास करते हुए विकसित किया जाएगा.
दूसरे विकल्प में किसान पथ और रिंग रोड से होते हुए देवा-चिनहट हाईवे को जोड़ते हुए देवा तक नई सड़क विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है. इस रूट से लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों को सीधा संपर्क मिल सकेगा.
सर्वे रिपोर्ट के बाद होगा अंतिम फैसला
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर राजकुमार पिथौरिया के अनुसार, दोनों संभावित मार्गों पर सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे रिपोर्ट आने के बाद तकनीकी पहलुओं, यातायात दबाव और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर यह तय किया जाएगा कि कौन-सा मार्ग ज्यादा उपयोगी रहेगा. इसके बाद ही हाईवे निर्माण की अंतिम योजना तैयार की जाएगी.
आगे क्या बदलेगा यात्रियों के लिए
यदि नया फोरलेन हाईवे बनता है तो लखनऊ से देवा और सीतापुर की ओर जाने वाले यात्रियों का सफर कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा. शहर के भीतर जाम से राहत मिलेगी, ईंधन और समय दोनों की बचत होगी. लेकिन इस परियोजना को जमीन पर उतरने में अभी समय लगेगा.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।