बरेली से लखनऊ जाना होगा आसान! 6-लेन बनने जा रहा NH-24, जानें पूरा अपडेट
प्रशासनिक बैठक में उठा मुद्दा
मंगलवार को आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में इस मार्ग की क्षमता और मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा हुई. मंडलायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से सड़क पर बढ़ते यातायात और भविष्य की जरूरतों पर जानकारी ली. बैठक के दौरान यह साफ हुआ कि मौजूदा फोरलेन सड़क अब वाहनों के दबाव को पूरी तरह संभाल पाने में सक्षम नहीं रह गई है.
कई जिलों से होकर गुजरता है मार्ग
यह राष्ट्रीय राजमार्ग बरेली के रजऊ परसपुर क्षेत्र से शुरू होकर सीतापुर तक जाता है. रास्ते में यह शाहजहांपुर, हरदोई और सीतापुर जिलों की सीमाओं से गुजरता है. पिछले कुछ वर्षों में इस रूट पर यातायात में तेजी से इजाफा हुआ है. रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन इस सड़क का इस्तेमाल कर रहे हैं.
यातायात का बढ़ता दबाव बना कारण
आंकड़ों के मुताबिक, इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 35 से 40 हजार वाहन गुजरते हैं. भारी वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में सड़क सुरक्षा और सुगम यात्रा को ध्यान में रखते हुए चौड़ीकरण की जरूरत महसूस की जा रही है. प्रशासन का मानना है कि छह लेन सड़क बनने से दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी.
सर्वे और डीपीआर की प्रक्रिया
एनएचएआइ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बड़े फैसले से पहले पूरे मार्ग का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा. इसके बाद एक पंजीकृत कंसल्टेंट एजेंसी के जरिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी. डीपीआर के आधार पर ही आगे की मंजूरी और बजट की प्रक्रिया तय होगी.
आसपास के हिस्सों में भी चल रही तैयारी
मुरादाबाद से बरेली के बीच राजमार्ग को छह लेन करने के लिए पहले ही कंसल्टेंट एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. वहीं सीतापुर से आगे लखनऊ तक के मार्ग के लिए भी केंद्रीय स्तर से डीपीआर बनाने की कवायद चल रही है. इन दोनों हिस्सों में काम आगे बढ़ने से बरेली-सीतापुर मार्ग के लिए भी रास्ता साफ होता दिख रहा है.
पहले भी रह चुका है लंबा सफर
इस मार्ग को फोरलेन बनाने की शुरुआत वर्ष 2011 में हुई थी. परियोजना की लागत हजारों करोड़ रुपये आंकी गई थी और सैकड़ों हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया. बीच में काम रुकने और कंपनी बदलने के कारण परियोजना में देरी हुई. कई वर्षों बाद सड़क पूरी तरह चालू हो सकी, लेकिन कुछ हिस्सों में अब भी छोटे काम बाकी हैं.
बरेली-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को छह लेन बनाने को लेकर एनएचएआइ मुख्यालय को जल्द पत्र भेजा जाएगा. प्रशासनिक स्तर पर सहमति बनने के बाद कंसल्टेंट एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार आगे बढ़ा, तो आने वाले वर्षों में यह मार्ग उत्तर प्रदेश के सबसे तेज और सुरक्षित राजमार्गों में शामिल हो सकता है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।